{"_id":"4640a26947307d2d293926f2ae4c3432","slug":"crime-news-hindi-news-969","type":"story","status":"publish","title_hn":"रस्सी से गला घोंटकर की गई थी बसंत की हत्या ","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
रस्सी से गला घोंटकर की गई थी बसंत की हत्या
अमर उजाला ब्यूरो प्रतापगढ़
Updated Sun, 24 Jan 2016 11:34 PM IST
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पति को रास्ते का कांटा मानकर ही पत्नी ने प्रेमी के साथ मिलकर उसकी हत्या की थी। पुलिस ने रविवार को दोनों को गिरफ्तार कर लिया। उन्होंने पुलिस के सामने अपना जुर्म कबूल करते हुए बताया कि प्रेम में बाधक बनने पर उसे रास्ते से हटाने का फैसला किया गया था। बाघराय थाना क्षेत्र के गलगली गांव में शनिवार सुबह बसंतलाल का शव चारपाई पर मिला था। उसकी मां ने आरोप लगाया कि पत्नी ने ही प्रेमी के साथ मिलकर उसकी हत्या कर दी। तहरीर पर पुलिस ने दोनों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली। रविवार को पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया। एसओ पुष्कर प्रताप सिंह को पूछताछ में दोनों ने बताया कि दोनों के प्यार में पति बसंत बाधक बन रहा था। अभी कुछ दिन पहले उसने दोनों को आपत्तिजनक हालत में देख लिया था। इसको लेकर गांव में पंचायत भी बुलाई गई थी।
भारी संख्या में लोगों के सामने हुई बेइज्जती को दोनों भुला नहीं सके और उसे मारने का प्लान बना लिया। शुक्रवार को बसंत की पत्नी ने अपने प्रेमी को बुलाया और प्लास्टिक की रस्सी से उसका गला घोंट दिया। बसंत ने बचने के लिए इधर-उधर हाथ-पैर मारे, लेकिन केशव प्रसाद ने उसे पटक दिया। इसके चलते उसे चोटें भी आई थीं। उधर मृतक की मां सुखई देवी ने बताया कि 2012 में पुष्पा और केशव के बीच हुए विवाद में समझौता करने को पति बसंत तैयार नहीं था, लेकिन पत्नी ने दबाव बनाकर समझौता करवाया। इसके बाद उसने पति से कहकर मां को दूर करवाया। मां दूसरे घर में रहने लगी तो केशव को मौका मिला और वह आराम से उसके घर में आने जाने लगा। बसंत परदेस से आया तो उसने दोनों को आपत्तिजनक स्थिति में देख लिया। इस पर मारपीट के साथ पंचायत बुला ली। यही उसके लिए घातक साबित हो गया। पुलिस ने दोनों का चालान कर दिया है।
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भारी संख्या में लोगों के सामने हुई बेइज्जती को दोनों भुला नहीं सके और उसे मारने का प्लान बना लिया। शुक्रवार को बसंत की पत्नी ने अपने प्रेमी को बुलाया और प्लास्टिक की रस्सी से उसका गला घोंट दिया। बसंत ने बचने के लिए इधर-उधर हाथ-पैर मारे, लेकिन केशव प्रसाद ने उसे पटक दिया। इसके चलते उसे चोटें भी आई थीं। उधर मृतक की मां सुखई देवी ने बताया कि 2012 में पुष्पा और केशव के बीच हुए विवाद में समझौता करने को पति बसंत तैयार नहीं था, लेकिन पत्नी ने दबाव बनाकर समझौता करवाया। इसके बाद उसने पति से कहकर मां को दूर करवाया। मां दूसरे घर में रहने लगी तो केशव को मौका मिला और वह आराम से उसके घर में आने जाने लगा। बसंत परदेस से आया तो उसने दोनों को आपत्तिजनक स्थिति में देख लिया। इस पर मारपीट के साथ पंचायत बुला ली। यही उसके लिए घातक साबित हो गया। पुलिस ने दोनों का चालान कर दिया है।
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