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मुकदमा दर्ज न होने पर अधिवक्ता आक्रोशित
अमर उजाला ब्यूरो, प्रतापगढ़
Updated Thu, 04 Jun 2015 11:17 PM IST
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जगन्नाथपुर गांव में अधिवक्ता के परिजनों पर हुए हमले के मामले में कार्रवाई न होने पर साथियों ने आक्रोश जताया। आक्रोशित अधिवक्ताओं ने एसडीएम व सीओ को ज्ञापन सौंपकर मुकदमा दर्ज कराए जाने की मांग की है। कार्रवाई नहीं होने पर अधिवक्ताओं ने सड़क पर उतरने की चेतावनी दी है।
लालगंज कोतवाली के जगन्नाथपुर गांव में मामूली विवाद को लेकर सप्ताह भर पहले अधिवक्ता रामभुवन सिंह व प्यारेलाल सरोज के परिजनों के बीच खूनी संघर्ष हो गया। घटना में प्यारेलाल समेत दो लोगों की इलाज के दौरान मौत हो गई। जबकि अधिवक्ता के परिजन भी जख्मी हो गए। इसमें अधिवक्ता का एक भाई अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रहा है। मामले में पुलिस ने विपक्षी की तहरीर पर अधिवक्ता रामभुवन सिंह समेत चार पर हत्या के आरोप में मुकदमा दर्ज कर लिया। जिस पर गुरुवार को लालगंज तहसील और दीवानी न्यायालय के अधिवक्ता अचानक उग्र हो उठे। अधिवक्ताओं का आरोप है कि पुलिस ने अधिवक्ता के खिलाफ तो मुकदमा लिख दिया। जबकि अधिवक्ता की तहरीर पर आज तक कोई कार्रवाई नहीं हो सकी है। देखते ही देखते तहसील में सैकड़ों की संख्या में अधिवक्ता जुट गए।
नारेबाजी करते हुए अधिवक्ता एसडीएम वाईबी सिंह के चैंबर में पहुंचे और ज्ञापन सौंप कर अधिवक्ता रामभुवन सिंह के परिजनों पर हमले के आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग की। इसके बाद अधिवक्ताओं का हुजूम सीओ दफ्तर की तरफ चल पड़ा। सीओ सीताराम किसी काम से बाहर गए थे। यह देख अधिवक्ता सीओ दफ्तर में ही जमीन पर बैठकर धरना देने लगे। जानकारी होने पर सीओ सीताराम दफ्तर पहुंचे, उन्हें अधिवक्ताओं ने घेर लिया और साथी के उत्पीड़न का कोतवाली पुलिस पर आरोप लगाते मुकदमा दर्ज कराए जाने की मांग की। ज्ञापन के माध्यम से अधिवक्ताओं ने मुकदमा दर्ज करने के साथ ही अधिवक्ता रामभुवन सिंह का नाम मुकदमे से निकालने व परिजनों के जानमाल की रक्षा करने की मांग की गई। इस मौके पर संयुक्त अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष राववीरेंद्र सिंह, महामंत्री संतोष पांडेय, मनोज सिंह, राममोहन सिंह, रामलगन यादव, शैलेंद्र सिंह, योगश मिश्र, हरिशंकर द्विवेदी, विनोद मिश्रा, दिनेश सिंह, वीरेंद्र सिंह, अनूप सिंह, केके पांडेय, वीरेंद्र विश्वकर्मा समेत तमाम अधिवक्ता मौजूद रहे। दो दिन के भीतर कार्रवाई नहीं होने पर अधिवक्ताओं ने आंदोलन का ऐलान किया है।
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लालगंज कोतवाली के जगन्नाथपुर गांव में मामूली विवाद को लेकर सप्ताह भर पहले अधिवक्ता रामभुवन सिंह व प्यारेलाल सरोज के परिजनों के बीच खूनी संघर्ष हो गया। घटना में प्यारेलाल समेत दो लोगों की इलाज के दौरान मौत हो गई। जबकि अधिवक्ता के परिजन भी जख्मी हो गए। इसमें अधिवक्ता का एक भाई अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रहा है। मामले में पुलिस ने विपक्षी की तहरीर पर अधिवक्ता रामभुवन सिंह समेत चार पर हत्या के आरोप में मुकदमा दर्ज कर लिया। जिस पर गुरुवार को लालगंज तहसील और दीवानी न्यायालय के अधिवक्ता अचानक उग्र हो उठे। अधिवक्ताओं का आरोप है कि पुलिस ने अधिवक्ता के खिलाफ तो मुकदमा लिख दिया। जबकि अधिवक्ता की तहरीर पर आज तक कोई कार्रवाई नहीं हो सकी है। देखते ही देखते तहसील में सैकड़ों की संख्या में अधिवक्ता जुट गए।
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नारेबाजी करते हुए अधिवक्ता एसडीएम वाईबी सिंह के चैंबर में पहुंचे और ज्ञापन सौंप कर अधिवक्ता रामभुवन सिंह के परिजनों पर हमले के आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग की। इसके बाद अधिवक्ताओं का हुजूम सीओ दफ्तर की तरफ चल पड़ा। सीओ सीताराम किसी काम से बाहर गए थे। यह देख अधिवक्ता सीओ दफ्तर में ही जमीन पर बैठकर धरना देने लगे। जानकारी होने पर सीओ सीताराम दफ्तर पहुंचे, उन्हें अधिवक्ताओं ने घेर लिया और साथी के उत्पीड़न का कोतवाली पुलिस पर आरोप लगाते मुकदमा दर्ज कराए जाने की मांग की। ज्ञापन के माध्यम से अधिवक्ताओं ने मुकदमा दर्ज करने के साथ ही अधिवक्ता रामभुवन सिंह का नाम मुकदमे से निकालने व परिजनों के जानमाल की रक्षा करने की मांग की गई। इस मौके पर संयुक्त अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष राववीरेंद्र सिंह, महामंत्री संतोष पांडेय, मनोज सिंह, राममोहन सिंह, रामलगन यादव, शैलेंद्र सिंह, योगश मिश्र, हरिशंकर द्विवेदी, विनोद मिश्रा, दिनेश सिंह, वीरेंद्र सिंह, अनूप सिंह, केके पांडेय, वीरेंद्र विश्वकर्मा समेत तमाम अधिवक्ता मौजूद रहे। दो दिन के भीतर कार्रवाई नहीं होने पर अधिवक्ताओं ने आंदोलन का ऐलान किया है।
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