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पीआरएल में सिपाहियों ने एक-दूसरे पर तानी रायफल
अमर उजाला ब्यूरो, प्रतापगढ़
Updated Sun, 26 Mar 2017 11:19 PM IST
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मुसाफिरों की सुरक्षा में मुस्तैद रहने वाले पुलिसकर्मियों ने ही ट्रेन में सफर के दौरान यात्रियों की जान खतरे में डाल दी। किसी बात को लेकर हुई कहासुनी के बाद जीआरपी के सिपाहियों ने एक-दूसरे पर रायफल तान दी। चलती ट्रेन में यह नजारा देखकर मुसाफिर जान बचाने के लिए छिपने लगे। बाद में दोनों सिपाहियों ने एक दूसरे के खिलाफ रायबरेली थाने में मुकदमा दर्ज कराया। विवाद की खबर मिलने के बाद एसओ जीआरपी को भी रायबरेली जाना पड़ा।
शनिवार को प्रयागघाट से लखनऊ जाने वाली पीआरएल पैसेंजर में यात्रियों की सुरक्षा में स्कार्ट ड्यूटी पर जीआरपी के सिपाही अरविंद तिवारी व रुद्र प्रताप दुबे को लगाया गया था। दोनों सिपाही ट्रेन में सवार हो गए। ट्रेन में तीन अन्य सिपाही भी सवार थे। जिन्हें रायबरेली में उतरना था और वहां से पद्मावत एक्सप्रेस लेकर प्रतापगढ़ आना था। अमेठी से ट्रेन आगे बढ़ी तो सिपाही रुद्र प्रसाद दुबे और अरविंद तिवारी के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी होने लगी। मुसाफिरों की मानें तो अचानक दोनों ने एक-दूसरे को मारने के लिए रायफल तान दी। दूसरे सिपाही बीच-बचाव करने का प्रयास करने लगे। यह नजारा देख सफर कर रहे मुसाफिर जान बचाने के लिए सुरक्षित स्थान की ओर भागे।
कोई सीट के नीचे छिपने लगा तो कोई ऊपर कोने में दुबक गया। वे एक दूसरे के साथ गाली गलौच करते रहे। किसी तरह दूसरे साथियों ने दोनों को शांत कराया। लोगों की मानें तो सिपाही नशे में धुत था। रायबरेली स्टेशन ट्रेन पहुंची तो दोनों सिपाही उतरे और जीआरपी थाने जाकर तहरीर दी। दोनों एक दूसरे पर मारपीट व गालीगलौज के साथ ही धमकी देने का आरोप लगाया है। सिपाहियों के बीच विवाद की खबर मिलने पर हड़कंप मच गया। आनन-फानन में एसओ वीके सिंह भागकर रायबरेली पहुंचे। एसओ ने बताया कि सिपाहियों ने एक दूसरे के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। घटना की जांच की जा रही है। अधिकारियों को रिपोर्ट भेजी जाएगी।
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ट्रेन में सफर के दौरान सिपाहियों की करतूत सुन जीआरपी रायबरेली एसओ दंग रह गए। रायबरेली जीआरपी की मानें तो रात में ही दोनों सिपाहियों का मेडिकल कराया गया। जिसमें आरक्षी अरविंद तिवारी के शराब पीने की बात सामने आई। इसके बाद भी उसके खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई। कार्रवाई न होने पर विभाग में खासी चर्चा है।
जीआरपी के सिपाही अरविंद की करतूत से स्टेशन रोड के आसपास रहने वाले खासे परेशान हो चुके हैं। शाम होते ही नशे में धुत होकर ड्यूटी करने वाला अरविंद आने जाने वाले लोगों पर अपशब्दों की बौछार भी करता है। दुकानदारों से अक्सर उसका विवाद होता रहता है। सिपाही होने के नाते सभी उसकी धौंस सुनकर खामोश रहते हैं।
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शनिवार को प्रयागघाट से लखनऊ जाने वाली पीआरएल पैसेंजर में यात्रियों की सुरक्षा में स्कार्ट ड्यूटी पर जीआरपी के सिपाही अरविंद तिवारी व रुद्र प्रताप दुबे को लगाया गया था। दोनों सिपाही ट्रेन में सवार हो गए। ट्रेन में तीन अन्य सिपाही भी सवार थे। जिन्हें रायबरेली में उतरना था और वहां से पद्मावत एक्सप्रेस लेकर प्रतापगढ़ आना था। अमेठी से ट्रेन आगे बढ़ी तो सिपाही रुद्र प्रसाद दुबे और अरविंद तिवारी के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी होने लगी। मुसाफिरों की मानें तो अचानक दोनों ने एक-दूसरे को मारने के लिए रायफल तान दी। दूसरे सिपाही बीच-बचाव करने का प्रयास करने लगे। यह नजारा देख सफर कर रहे मुसाफिर जान बचाने के लिए सुरक्षित स्थान की ओर भागे।
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कोई सीट के नीचे छिपने लगा तो कोई ऊपर कोने में दुबक गया। वे एक दूसरे के साथ गाली गलौच करते रहे। किसी तरह दूसरे साथियों ने दोनों को शांत कराया। लोगों की मानें तो सिपाही नशे में धुत था। रायबरेली स्टेशन ट्रेन पहुंची तो दोनों सिपाही उतरे और जीआरपी थाने जाकर तहरीर दी। दोनों एक दूसरे पर मारपीट व गालीगलौज के साथ ही धमकी देने का आरोप लगाया है। सिपाहियों के बीच विवाद की खबर मिलने पर हड़कंप मच गया। आनन-फानन में एसओ वीके सिंह भागकर रायबरेली पहुंचे। एसओ ने बताया कि सिपाहियों ने एक दूसरे के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। घटना की जांच की जा रही है। अधिकारियों को रिपोर्ट भेजी जाएगी।
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ट्रेन में सफर के दौरान सिपाहियों की करतूत सुन जीआरपी रायबरेली एसओ दंग रह गए। रायबरेली जीआरपी की मानें तो रात में ही दोनों सिपाहियों का मेडिकल कराया गया। जिसमें आरक्षी अरविंद तिवारी के शराब पीने की बात सामने आई। इसके बाद भी उसके खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई। कार्रवाई न होने पर विभाग में खासी चर्चा है।
जीआरपी के सिपाही अरविंद की करतूत से स्टेशन रोड के आसपास रहने वाले खासे परेशान हो चुके हैं। शाम होते ही नशे में धुत होकर ड्यूटी करने वाला अरविंद आने जाने वाले लोगों पर अपशब्दों की बौछार भी करता है। दुकानदारों से अक्सर उसका विवाद होता रहता है। सिपाही होने के नाते सभी उसकी धौंस सुनकर खामोश रहते हैं।