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अमेठी सीमा पर सांप्रदायिक संघर्ष, बीस लोग घायल
अमर उजाला ब्यूरो प्रतापगढ़।
Updated Tue, 18 Oct 2016 11:50 PM IST
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सीमा पर स्थित सांगीपुर के भैंसना और अमेठी के सिलोखर गांव के लोगों के बीच मामूली विवाद को लेकर हुई मारपीट की घटना ने मंगलवार को सांप्रदायिक रूप ले लिया। दोनों तरफ से पांच सौ से अधिक लोग आमने-सामने हो गए। एक-दूसरे पर पथराव शुरू हो गया। करीब एक घंटे तक बवाल चलता रहा। इस दौरान 20 लोग घायल हो गए। मामले की जानकारी पर प्रशासन के हाथ-पांव फूल गए। डीएम, एसपी, एएसपी, डीआईजी इलाहाबाद के साथ फैजाबाद के कमिशभनर, डीआईजी, डीएम अमेठी फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। अफसरों ने किसी तरह भीड़ को खदेड़कर मामला शांत कराया। करीब चार घंटे तक अफसर मौके पर डटे रहे। घटना के चलते दिनभर अमेठी और जिले की सीमा पर बसे गांवों में हड़कंप रहा। तनाव को देखते हुए मौके पर भारी फोर्स और पीएसी तैनात कर दी गई है।
जिले के सांगीपुर थाना क्षेत्र के भैंसना गांव के एक समुदाय से जुड़े दर्जनों लोग दूध का व्यवसाय करते हैं। सोमवार को दूध बेचने के लिए गांव के कुछ लोग पड़ोसी जनपद अमेठी जा रहे थे। इस बीच सीमा पर स्थित अमेठी के हनुमानगढ़ी तिराहे पर सिलोखर गांव के बीएसएफ जवान अजय सिंह से उनकी किसी बात को लेकर कहासुनी हो गई। अजय के पक्ष के लोगों ने दूध बेचने जा रहे युवकों की पिटाई कर दी। इसकी जानकारी होने पर भैंसना गांव के लोगों ने एकजुट होकर सिलोखर में हमला बोल दिया और जो भी मिला उसे जमकर पीटा। आरोप है कि हमलावरों ने फायरिंग कर दी। जिसमें अजय सिंह समेत वीरेंद्र सिंह, कालिका सिंह, मनीष सिंह, अरविंद आदि घायल हो गए।
मामले में सईद, आजाद, रहमत, चांद मोहम्मद समेत कई अज्ञात के खिलाफ अमेठी में हत्या के प्रयास व बलवा करने का केस दर्ज कराया गया था। घटना के बाद से अमेठी व प्रतापगढ़ सीमा पर स्थित सिलोखर व भैंसना गांव के लोगों के बीच तनाव का माहौल था। मंगलवार सुबह अमेठी की पुलिस भैंसना के कुछ लोगों को गिरफ्तार कर थाने ले
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गई।
इससे लोग आक्रोशित हो उठे। इस बीच सिलोखर के कुछ लोग हनुमानगढ़ी तिराहे पर दर्शन करने आए थे। बताया जाता है मुकदमा वापस लेने व सुलह समझौते के लिए भैंसना के लोगों ने उनमें से कुछ लोगाें को बंधक बना लिया। इसकी जानकारी पर सिलोखर गांव के सैकड़ों लोगों ने पूर्व प्रधान मोहम्मद बान के घर धावा बोल दिया। आक्रोशित लोगाें ने यहां खड़े ट्रैक्टर को आग के हवाले कर दिया। बाहर खड़ी साइकिल भी तोड़ दी गई। यह देख भैंसना गांव के लोग भी लाठी डंडा व ईंट पत्थर लेकर टूट पडे़। दोनों समुदायों के करीब पांच सौ लोग आमने सामने हो गए। जानकारी पर अमेठी व सांगीपुर पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन उपद्रवी शांत नहीं हुए। बवाल की सूचना पर जिलाधिकारी डॉ. आदर्श सिंह, एसपी माधव प्रसाद वर्मा, सीडीओ महेंद्र बहादुर सिंह और अमेठी के डीएम सूर्यनारायण यादव, एएसपी समेत कई थानों की फोर्स व पीएसी मौके पर पहुंच गई। थोड़ी देर बाद फैजाबाद के कमिशभनर सूर्यप्रकाश मिश्र व डीआईजी राकेशचंद्र साहू, इलाहाबाद के डीआईजी विजय यादव भी घटनास्थल पर पहुंचे। अधिकारियों ने किसी तरह डंडा पटककर भीड़ को तितर-बितर किया। तनाव को देखते हुए मौके पर सीओ, एसडीएम के साथ भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई है।
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जिले के सांगीपुर थाना क्षेत्र के भैंसना गांव के एक समुदाय से जुड़े दर्जनों लोग दूध का व्यवसाय करते हैं। सोमवार को दूध बेचने के लिए गांव के कुछ लोग पड़ोसी जनपद अमेठी जा रहे थे। इस बीच सीमा पर स्थित अमेठी के हनुमानगढ़ी तिराहे पर सिलोखर गांव के बीएसएफ जवान अजय सिंह से उनकी किसी बात को लेकर कहासुनी हो गई। अजय के पक्ष के लोगों ने दूध बेचने जा रहे युवकों की पिटाई कर दी। इसकी जानकारी होने पर भैंसना गांव के लोगों ने एकजुट होकर सिलोखर में हमला बोल दिया और जो भी मिला उसे जमकर पीटा। आरोप है कि हमलावरों ने फायरिंग कर दी। जिसमें अजय सिंह समेत वीरेंद्र सिंह, कालिका सिंह, मनीष सिंह, अरविंद आदि घायल हो गए।
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मामले में सईद, आजाद, रहमत, चांद मोहम्मद समेत कई अज्ञात के खिलाफ अमेठी में हत्या के प्रयास व बलवा करने का केस दर्ज कराया गया था। घटना के बाद से अमेठी व प्रतापगढ़ सीमा पर स्थित सिलोखर व भैंसना गांव के लोगों के बीच तनाव का माहौल था। मंगलवार सुबह अमेठी की पुलिस भैंसना के कुछ लोगों को गिरफ्तार कर थाने ले
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गई।
इससे लोग आक्रोशित हो उठे। इस बीच सिलोखर के कुछ लोग हनुमानगढ़ी तिराहे पर दर्शन करने आए थे। बताया जाता है मुकदमा वापस लेने व सुलह समझौते के लिए भैंसना के लोगों ने उनमें से कुछ लोगाें को बंधक बना लिया। इसकी जानकारी पर सिलोखर गांव के सैकड़ों लोगों ने पूर्व प्रधान मोहम्मद बान के घर धावा बोल दिया। आक्रोशित लोगाें ने यहां खड़े ट्रैक्टर को आग के हवाले कर दिया। बाहर खड़ी साइकिल भी तोड़ दी गई। यह देख भैंसना गांव के लोग भी लाठी डंडा व ईंट पत्थर लेकर टूट पडे़। दोनों समुदायों के करीब पांच सौ लोग आमने सामने हो गए। जानकारी पर अमेठी व सांगीपुर पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन उपद्रवी शांत नहीं हुए। बवाल की सूचना पर जिलाधिकारी डॉ. आदर्श सिंह, एसपी माधव प्रसाद वर्मा, सीडीओ महेंद्र बहादुर सिंह और अमेठी के डीएम सूर्यनारायण यादव, एएसपी समेत कई थानों की फोर्स व पीएसी मौके पर पहुंच गई। थोड़ी देर बाद फैजाबाद के कमिशभनर सूर्यप्रकाश मिश्र व डीआईजी राकेशचंद्र साहू, इलाहाबाद के डीआईजी विजय यादव भी घटनास्थल पर पहुंचे। अधिकारियों ने किसी तरह डंडा पटककर भीड़ को तितर-बितर किया। तनाव को देखते हुए मौके पर सीओ, एसडीएम के साथ भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई है।