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लुटेरे को पकड़ने गई पुलिस पर हमला, दरोगा गंभीर

Sun, 10 Jun 2018 11:55 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, प्रतापगढ़
अमर उजाला ब्यूरो, प्रतापगढ़ Updated Sun, 10 Jun 2018 11:55 PM IST
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Attacking the police for the robber, Dowoga severe
घायल पुलिसकर्मी। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, प्रतापगढ़
 जेठवारा इलाके के सरायभैया गांव में शनिवार रात वांछित को पकड़ने गई पुलिस टीम पर परिजनों और ग्रामीणों ने हमला बोल दिया। पुलिसकर्मियों को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा गया। हमले में एक दरोगा का सिर फट गया और हाथ में कई जगह फ्रैक्चर हो गया। गंभीर हालत में उसे इलाहाबाद रेफर किया गया है। तीन और पुलिसकर्मियों को भी चोटें आईं। हमले से बैकफुट पर आए एसओ व उनकी टीम साथी दरोगा को पिटता छोड़ भाग खड़े हुए। मामले में पुलिस ने महिला समेत दो को हिरासत में लेते हुए सात नामजद व 25 अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।
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मानधाता थाना क्षेत्र में मार्च माह में हुई लूट की घटना में जेठवारा थाना क्षेत्र के सरायभैया का रहने वाला जानी सिंह पुत्र यशवंत सिंह वांछित था। शनिवार रात में उसके घर पर होने की खबर पर मानधाता एसओ एसपी सिंह ने दलबल के साथ सरायभैया गांव में दबिश दी। पुलिस ने घर के भीतर सो रहे जानी को पिस्टल समेत दबोच लिया। परिवारीजन जानी को छुड़ाने के लिए पुलिसकर्मियों को दौड़ाकर लाठी-डंडों से पीटने लगे। इसी दौरान जानी पुलिस के चंगुल से भाग निकला। उसे पकड़ने के लिए दरोगा वजीउल्ला दौड़े तो परिवार के लोग उन पर टूट पड़े। दूसरे दरोगा घनश्याम व दो सिपाहियों पर भी हमला बोल दिया। एसओ, घायल दरोगा घनश्याम और दोनों सिपाही जान बचाकर भाग खड़े हुए। इस बीच हमलावरों के चंगुल में फंसे उपनिरीक्षक वजीउल्ला पर लाठी-डंडे से प्रहार होता रहा। शोरशराबा सुनकर बड़ी संख्या में ग्रामीण पहुंचे।
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ग्रामीणों से बचने के लिए पुलिसकर्मी वाहन का हूटर बजाने लगे। तब जाकर हमला करने वाले लोग पीछे हटे। मानधाता एसओ घटना की जानकारी अधिकारियों को देने के बाद घायल पुलिसकर्मियों को लेकर अस्पताल पहुंचे। वहां प्राथमिक उपचार के बाद दरोगा वजीउल्ला की हालत गंभीर देख डाक्टरों ने इलाहाबाद के लिए रेफर कर दिया। हमले में उनका सिर फट गया था और बाएं हाथ में कई जगह फ्रैक्चर हो गया था। पुलिसकर्मी घायल दरोगा को उपचार के लिए इलाहाबाद ले गए। इधर, एसओ मानधाता ने अपने थाने में जानी समेत पांच लोगों के खिलाफ नामजद व 25 अज्ञात के खिलाफ बलवा, जानलेवा हमला, सरकारी कार्य में बाधा समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया। दोपहर में पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार सिंह जेठवारा थाने पहुंचे। उन्होंने पुलिस टीम पर हमला करने वाले आरोपियों की तलाश में दबिश देने के लिए पांच थानों की टीमें गठित की। सीओ सदर की अगुवाई में स्वाट टीम को भी लगाया गया। आरोपियों की रिश्तेदारियों में पुलिस दिन भर दबिश देती रही। पुलिस ने हमले की आरोपी गीता व अरुणेश को दबोच लिया। उनसे पूछताछ की जा रही है।
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चिल्लाती रही पुलिस, ग्रामीण मानने को तैयार नहीं थे
प्रतापगढ़। जेठवारा थाना क्षेत्र के सरायभैया निवासी वांछित लुटेरे जानी सिंह को पकडने में पुलिस कामयाब रही, लेकिन परिवार के लोग पुलिसकर्मियों पर टूट पड़े। अचानक हुए हमले के बाद पुलिसकर्मी पहले तो सभी को फटकार कर शांत कराने का प्रयास करते रहे। तभी परिवार के लोगों ने चोर-चोर का शोर मचा दिया। यह सुनते ही ग्रामीण हाथ में लाठी-डंडे लेकर दौड़ पड़े। पुलिसकर्मी खुद को बचाने के लिए पुलिस-पुलिस चिल्लाते रही, लेकिन ग्रामीण सुनने के लिए तैयार नहीं थे। पुलिसकर्मियों को लाठी-डंडे के साथ दौड़ा लिया। इस बीच चालक ने सूझबूझ का परिचय दिया और पुलिस जीप का हूटर बजाना शुरू कर दिया। तब जाकर ग्रामीण सच्चाई समझ सके। हालांकि  तब तक देर हो चुकी थी। दरोगा और सिपाही घायल हो चुके थे।

निर्माणाधीन मकान का शटरिंग से पुलिस पर हुआ हमला
जेठवारा थाना क्षेत्र के सरायभैया निवासी जानी सिंह नया मकान बनवा रहा था। निर्माणाधीन मकान की शटरिंग दूर-दूर तक बिखरी हुई है। शनिवार की रात जानी को पकड़ कर ले जा रही पुलिस से भिड़े परिवारीजन और ग्रामीण शटरिंग लेकर पुलिसकर्मियों पर टूट पड़े। पुलिस के पास हथियार थे, लेकिन उसे चलाने का मौका तक नहीं मिला।  

जान बचाकर भागे पुलिसकर्मी
वांछित को पकडने सरायभैया पहुंची मानधाता पुलिस लुटेरे के परिवारीजनों के हमले से सकते में आ गई। जब तक वह कुछ समझ पाती, लोग ईंट-पत्थर के साथ शटरिंग के सामानों से हमला कर बैठे। अंधेरा व अनजान इलाका होने के कारण कुछ ही देर में पुलिस के पांव उखड़ गए और पुलिसकर्मी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। जिसके चलते वांछित लुटेरों के परिवारीजनों व ग्रामीणों को मौका मिल गया।  

सरायभैया से पुरुषों का पलायन, पुलिसकर्मी भी सहमे
पुलिस पर हमले के बाद सरायभैया गांव से पुरुषों का पलायन हो गया। घर पर केवल महिलाएं ही बची हैं। जानी के घर पर तो ताला लटक रहा है। निर्माणाधीन मकान का सामान दूर-दूर तक बिखरा हुआ है। पुलिस को देखते ही हर आंखों में खौफ तैरने लगता है। इस घटना से पुलिसकर्मी भी सहम उठे हैं। रात का खौफनाक मंजर याद कर पुलिसकर्मियों के चेहरे पर हवाइयां दौड़ रही हैं।  

कार्रवाई से गिर रहा पुलिसकर्मियों का मनोबल
जेठवारा थाना क्षेत्र के सरायभैया में शनिवार की रात पुलिस पर हमला हुआ। बदले में पुलिसकर्मी कोई कदम नहीं उठा सके। इससे पुलिसकर्मियों में आक्रश दिखा। पुलिस विभाग में चर्चाओं की मानें तो भयहरणनाथ धाम में मारपीट कर रहे लोगों के बीच पहुंचे सिपाही चंद्रप्रकाश को लोगों ने पीट दिया। होमगार्ड की वर्दी तक फाड़ डाली गई। आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के बजाए पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार सिंह ने उसे ही लाइन हाजिर कर दिया। इसके पहले भी चिलबिला चौकी इंचार्ज के खिलाफ गलत कार्रवाई हुई थी।


साथियों को भीड़ में फंसा छोड़ भाग जाते हैं पुलिसकर्मी
जेठवारा में बदमाशों को पकडने गई मानधाता पुलिस ने मुकाबले के बजाए मैदान छोडना बेहतर समझा। जो मोर्चा संभाले रहे, वह पिटते रहे। खुद एसओ एमपी सिंह भी बवाल के दौरान गायब रहे। यह जिले में कोई पहला वाकया नहीं है। इसके पहले भी सीओ कुंडा जियाउलहक के साथ मौजूद पुलिसकर्मी अपनी जान बचाकर भाग निकले थे। रानीगंज में सिपाही राजकुमार के साथ गया साथी सिपाही भी जान बचाकर भागा। पुलिसकर्मियों के रण छोडने से साथी पुलिसवालों की जान पर आफत आती रही है।


कुंडा के सीओ रहे जियाउल हक हथिगवां थाना क्षेत्र के बलीपुर में प्रधान नन्हे यादव व उसके भाई की हत्या के बाद उपद्रवियों के शिकार हो गए। उनकी गोली मारकर व लाठी-डंडे से पीटकर हत्या कर दी गई। उनके साथ गए कुंडा कोतवाल व एसएसआई पीठ दिखाकर भाग निकले थे। उन्होंने खेतों में छिपकर अपनी जान बचाई थी। रानीगंज थाना क्षेत्र के बुढ़ौरा में साथी के साथ शातिर अपराधी इरशाद की तलाश में पहुंचा सिपाही राजकुमार भी गोली का शिकार हो गया। उसकी मदद के बजाए साथी सिपाही वहां से भाग निकला था। यह तो मात्र उदाहरण भर मात्र हैं। नगर कोतवाली के बिहारगंज, कटरामेदनीगंज, मानधाता, फतनपुर थाना क्षेत्रों में थानाध्यक्ष से लेकर सिपाही तक अपने साथियों के भागने की बदौलत पिट चुके हैं।  

जिले में आम बात है पुलिसकर्मियों पर हमला  
2/3 मार्च 2013 की रात हथिगवां थाना क्षेत्र के बलीपुर में सीओ जियाउल हक की गोली मारकर हत्या
नगर कोतवाली के देवकली में अक्तूबर 2014 में दरोगा सर्वेश की नशे के सौदागरों ने की थी हत्या
19 नवंबर 2015 को नगर कोतवाली के वैष्णवी होटल में इंस्पेक्टर अनिल की गोली मारकर हत्या कर दी गई।
कोहड़ौर में इंस्पेक्टर रियाज अहमद पर वर्ष 2016 में पशु तस्करों ने झोंका था फायर  
रानीगंज थाना क्षेत्र के बुढ़ौरा में 8 अप्रैल 2017 को सिपाही राजकुमार की गोली मारकर हत्या
मानधाता के सहिजनपुर नहर के पास वर्ष 2017 में सिपाही मोहनराम को बदमाशों ने मारी थी गोली
मार्च 2018 जेठवारा थाना क्षेत्र के  डेरवा चौकी प्रभारी राम अधार यादव व सिपाही पर फायर कर भागे बदमाश 
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