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जिंदा हूं साहब, कागजों में भी जिंदा करा दें
Wed, 09 Jan 2019 12:33 AM IST
विनोद सिंह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रतापगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रतापगढ़
Published by: विनोद सिंह
Updated Wed, 09 Jan 2019 12:33 AM IST
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मोहम्मद शरीफ
- फोटो : pratapgarh
पिता के जिंदा होने के बाद भी पैतृक संपत्ति की लालच में रिश्तेदार व सगे चाचा से मिलकर बेटे ने कागजों में उसे मृत दिखा दिया। वह घर आया तो मामले की जानकारी के बाद हैरान हो उठा। शिकायत करता रहा, लेकिन उसकी कहीं नहीं सुनी गई। बाद में कोर्ट के आदेश पर मुकदमा भी दर्ज हुआ, लेकिन अभी तक उसे जिंदा होने का साक्ष्य कागजों में नहीं मिल सका।
कंधई थाना क्षेत्र के मीरनपुर निवासी मोहम्मद शरीफ ने मंगलवार को अपर पुलिस अधीक्षक पूर्वी के सामने पेश होकर कागजों में जिंदा होने की गुहार लगाई। बताया कि उसने मध्य प्रदेश में मदरसा खोल रखा है। घरवालों से बराबर बातचीत होती रहती थी। मौका मिलने पर घर पर भी आता रहा।
इस बीच उसके सगे भाई मोहम्मद सिद्दीक ने बेटे इमरान, पत्नी आसिया और रिश्तेदार सिद्दीक व लाला उर्फ नियाज निवासी सिंधौर ने उसे मृत दिखाकर फर्जी मृत प्रमाण पत्र बनवाया और कुटुंब रजिस्टर से उसका नाम खारिज करा दिया। जमीन जायदाद पत्नी आसिया व बेटे इमरान के नाम हो गई। वह घर आया तो उसे इस बात की जानकारी हो सकी। उसने अफसरों से शिकायत की, लेकिन कोई राहत नहीं मिली। कोर्ट के आदेश पर 18 दिसंबर 2017 को पत्नी, बेटे समेत पांच लोगों के खिलाफ कंधई थाने में मुकदमा भी दर्ज हुआ, लेकिन उसका नाम अभी तक संपत्ति पर नहीं चढ़ सका। एएसपी अवनीश मिश्रा ने सुनवाई के बाद भरोसा दिलाया कि उसकी मदद होगी।
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कंधई थाना क्षेत्र के मीरनपुर निवासी मोहम्मद शरीफ ने मंगलवार को अपर पुलिस अधीक्षक पूर्वी के सामने पेश होकर कागजों में जिंदा होने की गुहार लगाई। बताया कि उसने मध्य प्रदेश में मदरसा खोल रखा है। घरवालों से बराबर बातचीत होती रहती थी। मौका मिलने पर घर पर भी आता रहा।
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इस बीच उसके सगे भाई मोहम्मद सिद्दीक ने बेटे इमरान, पत्नी आसिया और रिश्तेदार सिद्दीक व लाला उर्फ नियाज निवासी सिंधौर ने उसे मृत दिखाकर फर्जी मृत प्रमाण पत्र बनवाया और कुटुंब रजिस्टर से उसका नाम खारिज करा दिया। जमीन जायदाद पत्नी आसिया व बेटे इमरान के नाम हो गई। वह घर आया तो उसे इस बात की जानकारी हो सकी। उसने अफसरों से शिकायत की, लेकिन कोई राहत नहीं मिली। कोर्ट के आदेश पर 18 दिसंबर 2017 को पत्नी, बेटे समेत पांच लोगों के खिलाफ कंधई थाने में मुकदमा भी दर्ज हुआ, लेकिन उसका नाम अभी तक संपत्ति पर नहीं चढ़ सका। एएसपी अवनीश मिश्रा ने सुनवाई के बाद भरोसा दिलाया कि उसकी मदद होगी।
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