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जेल में निरुद्ध बंदी ने इलाज के दौरान तोड़ा दम
Updated Sun, 09 Sep 2018 07:48 PM IST
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जेल में निरुद्ध बंदी ने इलाज के दौरान तोड़ा दम
गांजा व स्मैक में रानीगंज पुलिस ने भेजा था जेल
दो दिन पहले ज्यादा खराब हुई थी तबियत
अमर उजाला ब्यूरो
प्रतापगढ़। जेल में निरुद्ध बंदी की इलाज के दौरान इलाहाबाद के एसआरएन अस्पताल में मौत हो गई। खबर मिलने पर जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया। जेल प्रशासन भी इलाहाबाद पहुंचा। पोस्टमार्टम के बाद लाश परिजनों के हवाले अंतिम संस्कार के लिए कर दी गई।
रानीगंज थाना क्षेत्र के पचरास रहने वाले दिनेश कुमार ऊमरवैश्य उर्फ बच्चा (32) को रानीगंज पुलिस ने 26 जुलाई को चार लोगों के साथ स्मैक व गांजा में चालान भेजा था। जिसके बाद वह जेल में निरुद्ध था। गुरूवार की रात उसकी तबियत खराब होने लगी। उसे जेल अस्पताल ले जाया गया। सुधार न होने पर उसे जिला अस्पताल लाया गया। शनिवार को डाक्टरों ने उसे इलाहाबाद भेज दिया। एसआरएन में इलाज के दौरान भोर में उसकी मौत हो गई। यह खबर जेल प्रशासन के पास पहुंची तो हडक़ंप मच गया। परिवार के लोग भी रोते बिलखते इलाहाबाद भागे। जेल प्रशासन ने बंदी दिनेश के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। देर शाम पोस्टमार्टम के बाद वीडियोग्राफी के बीच शव परिवार के लोगों के सुपुर्द कर दिया गया। परिजन शव लेकर घर के लिए रवाना हो गए। प्रभारी जेल अधीक्षक आरपी चौधरी का कहना है कि जेल आने से पहले वह पूरी तरह नशे की गिरफ्त में था। ऐसे में वह एनीमिया का शिकार हो गया। खून की कमी के चलते वह अक्सर बीमार हो जाता था। उसे उपचार के लिए इलाहाबाद ले जाया गया। जहां उसकी मौत हो गई।
इनसेट----
नशे के चलते पत्नी से हो गया था अलगाव
रानीगंज थाना क्षेत्र के पचरास का रहने वाला दिनेश उर्फ बच्चा कई सालों से नशे की गिरफ्त में आ चुका था। इससे परिवार के लोग भी आजिज हो चुके थे। उसकी शादी पांच साल पहले हुई थी, मगर उसकी हरकतों से तंग आकर पत्नी अपने मायके चली गई। दोनों के रिश्ते को लेकर समाज के लोगों की पंचायत हुई। शादी के एक साल बाद ही उनके बीच अलगाव हो गया था। पत्नी उसकी हरकतों से तंग हो चुकी थी।
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इनसेट-----
नशे में बर्बाद कर दी थी दुकान
रानीगंज के पचरास के रहने वाले दिनेश उर्फ बच्चा अपनी नशे की पूर्ति के लिए घर के लोगों के सामान भी चोरी चुपके से उड़ा देता था। थोक किराने की दुकान को भी नुकसान पहुंचाया था। परिवार के लोग उससे आजिज आ गए थे। तीन भाइयों में मझले दिनेश के दो बहनें हैं। बाजार के कुछ साथियों की संगत ने उसका जीवन बर्बाद कर दिया था।
इनसेट------
चार लोगों को पुलिस ने भेजा था जेल
रानीगंज पुलिस ने 26जुलाई को मादक पदार्थों के साथ पकड़े गए दिनेश समेत चार लोगों को जेल भेजा था। दिनेश के साथ मिथुन निवासी देवकली, श्यामबाबू निवासी रूपीपुर और सईद निवासी सवैया को भी जेल भेजा गया था। दिनेश के पास से एक किलो गांजा व 10 पुड़िया स्मैक बरामद होना दिखाया गया था।
व्यापार मंडल के गठन पर आक्रोश
कोहड़ौर। स्थानीय बाजार के व्यापार मंडल के गठन को लेकर व्यापारियों में आक्रोश है। लोगों का आरोप है कि बिना सूचना के व्यापार मंडल गठन कर लिया गया। संगठन का गठन सभी की मौजूदगी में होना चाहिए। इस मौके पर आशीष तिवारी, शशिभूषण पांडेय, आनंद जायसवाल, कृष्णकुमार, राजेश सोनी, दिनेश समेत अन्य लोग मौजूद रहे।
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गांजा व स्मैक में रानीगंज पुलिस ने भेजा था जेल
दो दिन पहले ज्यादा खराब हुई थी तबियत
अमर उजाला ब्यूरो
प्रतापगढ़। जेल में निरुद्ध बंदी की इलाज के दौरान इलाहाबाद के एसआरएन अस्पताल में मौत हो गई। खबर मिलने पर जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया। जेल प्रशासन भी इलाहाबाद पहुंचा। पोस्टमार्टम के बाद लाश परिजनों के हवाले अंतिम संस्कार के लिए कर दी गई।
रानीगंज थाना क्षेत्र के पचरास रहने वाले दिनेश कुमार ऊमरवैश्य उर्फ बच्चा (32) को रानीगंज पुलिस ने 26 जुलाई को चार लोगों के साथ स्मैक व गांजा में चालान भेजा था। जिसके बाद वह जेल में निरुद्ध था। गुरूवार की रात उसकी तबियत खराब होने लगी। उसे जेल अस्पताल ले जाया गया। सुधार न होने पर उसे जिला अस्पताल लाया गया। शनिवार को डाक्टरों ने उसे इलाहाबाद भेज दिया। एसआरएन में इलाज के दौरान भोर में उसकी मौत हो गई। यह खबर जेल प्रशासन के पास पहुंची तो हडक़ंप मच गया। परिवार के लोग भी रोते बिलखते इलाहाबाद भागे। जेल प्रशासन ने बंदी दिनेश के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। देर शाम पोस्टमार्टम के बाद वीडियोग्राफी के बीच शव परिवार के लोगों के सुपुर्द कर दिया गया। परिजन शव लेकर घर के लिए रवाना हो गए। प्रभारी जेल अधीक्षक आरपी चौधरी का कहना है कि जेल आने से पहले वह पूरी तरह नशे की गिरफ्त में था। ऐसे में वह एनीमिया का शिकार हो गया। खून की कमी के चलते वह अक्सर बीमार हो जाता था। उसे उपचार के लिए इलाहाबाद ले जाया गया। जहां उसकी मौत हो गई।
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नशे के चलते पत्नी से हो गया था अलगाव
रानीगंज थाना क्षेत्र के पचरास का रहने वाला दिनेश उर्फ बच्चा कई सालों से नशे की गिरफ्त में आ चुका था। इससे परिवार के लोग भी आजिज हो चुके थे। उसकी शादी पांच साल पहले हुई थी, मगर उसकी हरकतों से तंग आकर पत्नी अपने मायके चली गई। दोनों के रिश्ते को लेकर समाज के लोगों की पंचायत हुई। शादी के एक साल बाद ही उनके बीच अलगाव हो गया था। पत्नी उसकी हरकतों से तंग हो चुकी थी।
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नशे में बर्बाद कर दी थी दुकान
रानीगंज के पचरास के रहने वाले दिनेश उर्फ बच्चा अपनी नशे की पूर्ति के लिए घर के लोगों के सामान भी चोरी चुपके से उड़ा देता था। थोक किराने की दुकान को भी नुकसान पहुंचाया था। परिवार के लोग उससे आजिज आ गए थे। तीन भाइयों में मझले दिनेश के दो बहनें हैं। बाजार के कुछ साथियों की संगत ने उसका जीवन बर्बाद कर दिया था।
इनसेट------
चार लोगों को पुलिस ने भेजा था जेल
रानीगंज पुलिस ने 26जुलाई को मादक पदार्थों के साथ पकड़े गए दिनेश समेत चार लोगों को जेल भेजा था। दिनेश के साथ मिथुन निवासी देवकली, श्यामबाबू निवासी रूपीपुर और सईद निवासी सवैया को भी जेल भेजा गया था। दिनेश के पास से एक किलो गांजा व 10 पुड़िया स्मैक बरामद होना दिखाया गया था।
व्यापार मंडल के गठन पर आक्रोश
कोहड़ौर। स्थानीय बाजार के व्यापार मंडल के गठन को लेकर व्यापारियों में आक्रोश है। लोगों का आरोप है कि बिना सूचना के व्यापार मंडल गठन कर लिया गया। संगठन का गठन सभी की मौजूदगी में होना चाहिए। इस मौके पर आशीष तिवारी, शशिभूषण पांडेय, आनंद जायसवाल, कृष्णकुमार, राजेश सोनी, दिनेश समेत अन्य लोग मौजूद रहे।