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30 घंटे पहले गिरफ्तारी, फिर पुलिस मुठभेड़

Sun, 10 Mar 2019 07:34 PM IST
Allahabad Bureau इलाहाबाद ब्यूरो
Updated Sun, 10 Mar 2019 07:34 PM IST
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30 घंटे पहले गिरफ्तारी, फिर पुलिस मुठभेड़

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30 घंटे पहले गिरफ्तारी, फिर पुलिस मुठभेड़
पुलिस के इकबाल को रौंदते हुए भागे स्मैक तस्कर
पुलिस पर हुई फायरिंग, खरोंच तक नहीं आई
अमर उजाला ब्यूरो
प्रतापगढ़। जिस स्मैक तस्कर के करीबी को पुलिस ने चिलबिला से दबोचा था, उसे 30 घंटे बाद मुठभेड़ में गिरफ्तार कर जेल भेजने का दावा कर रही है। जबकि पुलिस के इकबाल को रौंदते हुए स्मैक तस्कर भागने में कामयाब हो गए। पुलिस स्मैक तस्करों के फायर करने का दावा कर रही है, लेकिन किसी को खरोंच तक नहीं आई।
कोतवाली पुलिस का कारनामा हमेशा सुर्खियों में रहता है, लेकिन शनिवार को उसकी करतूत ने ही उसकी पोल खोल दी। पुलिस सूत्रों की मानें तो चिलबिला से पुलिस ने बाराबंकी के अकोनी थाना क्षेत्र के बिंदिया निवासी भिखारीलाल गोस्वामी को दबोच लिया था। उसके पास से स्मैक की पुड़िया मिली थी। हालांकि पुलिस उसके पास से शनिवार की रात तक 400 ग्राम चरस मिलने का दावा करती रही। रविवार को पुलिस की कहानी बदली नजर आई। शहर कोतवाल ने दावा किया कि नया मालगोदाम रोड क्रासिंग के पास पांच संदिग्ध बदमाशों की सूचना पर दबिश दी गई। पुलिस पार्टी पर फायर करते हुए चार बदमाश भाग निकले। केवल भिखारीलाल पुलिस के हत्थे चढ़ गया। उसके पास से 400 ग्राम स्मैक के साथ ही तमंचा व कारतूस बरामद हुआ। पुलिस ने भिखारीलाल, शेबू निवासी बेगमवार्ड, अनिल निवासी बैजलपुर, अली हसन निवासी बाराबंकी, गुड्डू महुली नगर कोतवाली के खिलाफ मुठभेड़ का मुकदमा दर्ज करते हुए भिखारीलाल को जेल भेज दिया।
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आफीसर्स कालोनी में बदमाशों ने चोरी का विरोध करने पर युवक को पीटा
फायरिंग में पैथालॉजिस्ट के बेटे को गोली लगने की बात आ रही सामने
घटना से अंजान बनी है कोतवाली पुलिस, परिवार के लोग खौफजदा
अमर उजाला ब्यूरो
प्रतापगढ़। सिविल लाइन पुलिस चौकी से चंद कदम दूरी पर आफीसर्स कालोनी में रहने वाले पैथालॉजिस्ट के घर चोरी करने की नीयत से बदमाश घुसने का प्रयास कर रहे थे। विरोध करने पर बदमाशों ने युवक को पीट दिया। बदमाशों की फायरिंग में पैथालॉजिस्ट के बेटे के पैर में गोली लगने की बात आ रही सामने। हालांकि परिवार के लोग आने की बात कर रहे हैं। घर के बाहर खून भी पड़ा था।
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जिला अस्पताल में पैथालाजिस्ट के पद पर राजदेव पांडेय तैनात हैं। वह आफीसर्स कालोनी में ही रहते हैं। इन दिनों वह रिश्तेदारी में आयोजित वैवाहिक कार्यक्रम में शामिल होने ग्वालियर गए हैं। बीती रात बदमाश उनके आवास पर आ धमके। वे चोरी करने की नियत से घर में घुसने लगे। आहट पाकर राजदेव की पत्नी व बेटे शुभम पांडेय (22) की आंख खुल गई। वे बाहर निकले और बदमाशों का विरोध करने लगे। लोगों की मानें तो बदमाशों ने शुभम को पीट दिया और फायर करते हुए भाग निकले। शुभम के पैर में गंभीर रूप से चोट लग गई। आनन-फानन में परिजन उसे लेकर जिला अस्पताल आए। जहां उसके पैर में गोली लगने की बात कहने लगी। उपचार के बाद शुभम को लेकर परिजन घर चले आए। स्वास्थ्यकर्मचारियों ने कोतवाली पुलिस को पीआई भेजी। इसके बाद भी पुलिस को घटना की जानकारी तक नही है। जबकि चंद कदम की दूरी पर पुलिस चौकी है। घर के बाहर खून पड़ा था। जिसे बदमाशों के होने का दावा किया जा रहा था। सिविल लाइन चौकी प्रभारी का कहना है कि किसी प्रकार की जानकारी नही है। किसी ने कोई शिकायत भी नही की।
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