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गर्भवती के तीमारदारों ने किया हंगामा
अमर उजाला ब्यूरो प्रतापगढ़
Updated Tue, 30 Dec 2014 11:11 PM IST
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गर्भवती को तीन दिन भर्ती रखने के बाद बगैर प्रसव कराए परिजन जिला महिला अस्पताल से ले जाने लगे। रोकने उन्होंने लापरवाही का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया। वह डिस्चार्ज फार्म पर हस्ताक्षर करने को भी तैयार नहीं थे। जबकि नर्सों का कहना था कि गर्भवती को बगैर डिस्चार्ज किए नहीं ले जा सकते। इस पर तीमारदार नर्सों पर ठीक से देखभाल नहीं करने का आरोप लगाने लगे।
तीन दिन पूर्व विश्वनाथगंज सहेरुआ गांव की दीपिका को प्रसव के लिए जिला महिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। नर्सों का कहना है कि प्रसव में समय था इसलिए उसे भर्ती कर देखरेख की जा रही थी। मंगलवार सुबह परिजन गर्भवती को लेकर वार्ड से जाने लगे। नर्सों ने रोककर डिस्चार्ज फार्म पर हस्ताक्षर करने को कहा। नर्सों की बात को ठुकराते हुए परिजन डिस्चार्ज फार्म पर हस्ताक्षर किए बगैर गर्भवती को ले जाने की जिद करने लगे। उधर नर्सों का कहना था कि महिला को यहां भर्ती कराया गया है, जब तक डिलेवरी नहीं हो जाती वह उसे नहीं ले जा सकते। यदि ले जाना है तो डिस्चार्ज फार्म पर परिजनों को हस्ताक्षर करना होगा। इस पर परिजनों ने हंगामा शुरू कर दिया। जानकारी होने पर सीएमएस पहुंच गईं। काफी देर तक सीएमएस व अन्य लोगों के समझाने के बाद परिवारीजनों ने हस्ताक्षर किया। इसके बाद गर्भवती को लेकर अस्पताल से चले गए। तीमारदारों का आरोप है कि गर्भवती तीन-दिन से अस्पताल में भर्ती थी। मगर उसे एक दो बार के सिवा कोई नर्स या डॉक्टर देखने तक नही आई। लापरवाही के चलते वह उसे ले जा रहे हैं।
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तीन दिन पूर्व विश्वनाथगंज सहेरुआ गांव की दीपिका को प्रसव के लिए जिला महिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। नर्सों का कहना है कि प्रसव में समय था इसलिए उसे भर्ती कर देखरेख की जा रही थी। मंगलवार सुबह परिजन गर्भवती को लेकर वार्ड से जाने लगे। नर्सों ने रोककर डिस्चार्ज फार्म पर हस्ताक्षर करने को कहा। नर्सों की बात को ठुकराते हुए परिजन डिस्चार्ज फार्म पर हस्ताक्षर किए बगैर गर्भवती को ले जाने की जिद करने लगे। उधर नर्सों का कहना था कि महिला को यहां भर्ती कराया गया है, जब तक डिलेवरी नहीं हो जाती वह उसे नहीं ले जा सकते। यदि ले जाना है तो डिस्चार्ज फार्म पर परिजनों को हस्ताक्षर करना होगा। इस पर परिजनों ने हंगामा शुरू कर दिया। जानकारी होने पर सीएमएस पहुंच गईं। काफी देर तक सीएमएस व अन्य लोगों के समझाने के बाद परिवारीजनों ने हस्ताक्षर किया। इसके बाद गर्भवती को लेकर अस्पताल से चले गए। तीमारदारों का आरोप है कि गर्भवती तीन-दिन से अस्पताल में भर्ती थी। मगर उसे एक दो बार के सिवा कोई नर्स या डॉक्टर देखने तक नही आई। लापरवाही के चलते वह उसे ले जा रहे हैं।
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