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Pratapgarh News: डेढ़ साल से ठप बाईपास का सितंबर से शुरू होगा निर्माण
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शहर को जाम से बचाने के लिए बाईपास का निर्माण डेढ़ साल से ठप कर कार्यदायी संस्था फरार हो गई। विभाग की नई निविदा निकलने के बाद सितंबर माह से बाईपास निर्माण की कवायद तेज हो जाएगी। सोनावां से सुखपालनगर तक 14 किमी बाईपास का निर्माण कार्य 16 माह में ही पूरा करना था।
जिले का प्रमुख राजमार्ग प्रयागराज-अयोध्या हाईवे शहर के बीच से होकर गुजरा है। इस हाईवे से गोरखपुर, श्रावस्ती, बस्ती, गोंडा, बहराइच, अयोध्या, आंबेडकरनगर, सुल्तानपुर, अमेठी सहित कई जिलों के लोग गुजरते हैं। दिनभर वाहनों का आवागमन होने से शहर में आए दिन भीषण जाम लगता है। इस समस्या को दूर करने के लिए लंबे समय से बाईपास की मांग की जा रही थी।
बाईपास का प्रोजेक्ट तैयार करने के लिए एनएच ने वर्ष 2013 में कास्टा इंजीनियरिग कंपनी प्राइवेट लिमिटेड को पत्र लिखा था। फिर सोनावां, गोड़े, पूरे केशवराय, सिटी कस्बा होते हुए भुआलपुर किला गांव के पास लखनऊ-वाराणसी हाईवे तक बाईपास का रूट तय किया गया। बाईपास की लंबाई 14.20 किमी है। बाईपास निर्माण का टेंडर गुजरात की कंपनी मारुति इंफ्राकिएशन लिमिटेड ने 166 करोड़ रुपये में लिया था। मगर निर्माण अधर में छोड़ कार्यदायी संस्था फरार हो गई। जिससे डेढ़ वर्ष से निर्माण कार्य बंद था। जुलाई माह में अधूरे निर्माण कार्य की दोबारा निविदा की कार्रवाई भी हाे चुकी है। उम्मीद जताई जा रही है कि सितंबर माह में ठप पड़े बाईपास का निर्माण फिर से प्रारंभ होगा।
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बाईपास निर्माण कार्य पूरा कराने के लिए नए सिरे से निविदा की कार्रवाई पूरी हो चुकी है। सितंबर माह से नई संस्था बाईपास का निर्माण कार्य प्रारंभ करेगी।
समृद्ध शुक्ला, सहायक अभियंता एनएचएआई, सुल्तानपुर
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जिले का प्रमुख राजमार्ग प्रयागराज-अयोध्या हाईवे शहर के बीच से होकर गुजरा है। इस हाईवे से गोरखपुर, श्रावस्ती, बस्ती, गोंडा, बहराइच, अयोध्या, आंबेडकरनगर, सुल्तानपुर, अमेठी सहित कई जिलों के लोग गुजरते हैं। दिनभर वाहनों का आवागमन होने से शहर में आए दिन भीषण जाम लगता है। इस समस्या को दूर करने के लिए लंबे समय से बाईपास की मांग की जा रही थी।
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बाईपास का प्रोजेक्ट तैयार करने के लिए एनएच ने वर्ष 2013 में कास्टा इंजीनियरिग कंपनी प्राइवेट लिमिटेड को पत्र लिखा था। फिर सोनावां, गोड़े, पूरे केशवराय, सिटी कस्बा होते हुए भुआलपुर किला गांव के पास लखनऊ-वाराणसी हाईवे तक बाईपास का रूट तय किया गया। बाईपास की लंबाई 14.20 किमी है। बाईपास निर्माण का टेंडर गुजरात की कंपनी मारुति इंफ्राकिएशन लिमिटेड ने 166 करोड़ रुपये में लिया था। मगर निर्माण अधर में छोड़ कार्यदायी संस्था फरार हो गई। जिससे डेढ़ वर्ष से निर्माण कार्य बंद था। जुलाई माह में अधूरे निर्माण कार्य की दोबारा निविदा की कार्रवाई भी हाे चुकी है। उम्मीद जताई जा रही है कि सितंबर माह में ठप पड़े बाईपास का निर्माण फिर से प्रारंभ होगा।
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बाईपास निर्माण कार्य पूरा कराने के लिए नए सिरे से निविदा की कार्रवाई पूरी हो चुकी है। सितंबर माह से नई संस्था बाईपास का निर्माण कार्य प्रारंभ करेगी।
समृद्ध शुक्ला, सहायक अभियंता एनएचएआई, सुल्तानपुर