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कोरोना परीक्षण किट खरीद के लिए सीएमओ नहीं बना पाए इस्टीमेट
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corona
कोरोना महामारी से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग अभी तक कोई ठोस रणनीति नहीं बना सका है। सांसद और विधायकों की निधि के प्रस्ताव मिलने के बाद भी सीएमओ अभी तक कोरोना परीक्षण किट, फेस मास्क, ग्लब्स, सेनेटाइजर, वेंटिलेटर,आइसोलेशन वार्ड के स्टीमेट नहीं बना पाए हैं। इससे विधायक और सांसद निधि खर्च करने का रणनीति नहीं बन पाई है।
जिले के कौशांबी सांसद विनोद सोनकर ने 15 लाख, कैबिनेट मंत्री राजेंद्र प्रताप सिंह मोती सिंह 10 लाख, विधायक रामपुरखास आराधना मिश्र मोना ने 10 लाख, विधायक रानीगंज धीरज ओझा 10 लाख, सदर विधायक राजकुमार पाल 10 लाख अपने निधि से कोरोना महामारी से निपटने के लिए प्रस्ताव दिया है।
अन्य माननीयों का प्रस्ताव अभी अफसरों तक नहीं पहुंचा है। मगर इस धनराशि का उपयोग तभी हो सकता है जब सीएमओ इस्टीमेट बनाकर देंगे। शासन ने पत्र जारी करके कोरोना परीक्षण किट, फेस मॉस्क, ग्लब्स, सेनेटाइजर, वेंटीलेटर, आइसोलेशन वार्ड बनाने के साथ ही थर्मल एमेजिंग स्कैनर्स, कैमरा खरीदने की छूट दी है।
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आश्चर्य की बात तो यह है कि शासनादेश और प्रस्ताव तो आ गया, मगर अभी तक स्वास्थ्य विभाग का इस्टीमेट नहीं आया है कि सांसद और विधायक निधि को किस रूप में खर्च किया जाना है। स्वास्थ्य विभाग अभी तक बजट नहीं होने का रोना रो रहा था और अब बजट होने पर अपना इस्टीमेट ही नहीं बना पा रहा है।
जलशक्ति मंत्री ने दिए 25 लाख रुपये
जिले को कोरोना महामारी से निपटने के लिए जलशक्ति मंत्री डा. महेंद्र सिंह ने अपनी विधायक निधि से 25 लाख रुपये का प्रस्ताव दिया है। हालांकि अभी यह पत्र परियोजना अधिकारी के पास नहीं पहुंचा है।
कोरोना महामारी से निपटने के लिए सांसद और विधायकों के प्रस्ताव आ गए हैं, मगर जब तक सीएमओ इस्टीमेट बनाकर नहीं देंगे, तब तक धनराशि कैसे खर्च होगी। सीएमओ के प्राकलन बनाकर देने पर ही कार्यदायी संस्था को रुपये का भुगतान किया जाएगा। आरसी शर्मा, परियोजना अधिकारी
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जिले के कौशांबी सांसद विनोद सोनकर ने 15 लाख, कैबिनेट मंत्री राजेंद्र प्रताप सिंह मोती सिंह 10 लाख, विधायक रामपुरखास आराधना मिश्र मोना ने 10 लाख, विधायक रानीगंज धीरज ओझा 10 लाख, सदर विधायक राजकुमार पाल 10 लाख अपने निधि से कोरोना महामारी से निपटने के लिए प्रस्ताव दिया है।
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अन्य माननीयों का प्रस्ताव अभी अफसरों तक नहीं पहुंचा है। मगर इस धनराशि का उपयोग तभी हो सकता है जब सीएमओ इस्टीमेट बनाकर देंगे। शासन ने पत्र जारी करके कोरोना परीक्षण किट, फेस मॉस्क, ग्लब्स, सेनेटाइजर, वेंटीलेटर, आइसोलेशन वार्ड बनाने के साथ ही थर्मल एमेजिंग स्कैनर्स, कैमरा खरीदने की छूट दी है।
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आश्चर्य की बात तो यह है कि शासनादेश और प्रस्ताव तो आ गया, मगर अभी तक स्वास्थ्य विभाग का इस्टीमेट नहीं आया है कि सांसद और विधायक निधि को किस रूप में खर्च किया जाना है। स्वास्थ्य विभाग अभी तक बजट नहीं होने का रोना रो रहा था और अब बजट होने पर अपना इस्टीमेट ही नहीं बना पा रहा है।
जलशक्ति मंत्री ने दिए 25 लाख रुपये
जिले को कोरोना महामारी से निपटने के लिए जलशक्ति मंत्री डा. महेंद्र सिंह ने अपनी विधायक निधि से 25 लाख रुपये का प्रस्ताव दिया है। हालांकि अभी यह पत्र परियोजना अधिकारी के पास नहीं पहुंचा है।
कोरोना महामारी से निपटने के लिए सांसद और विधायकों के प्रस्ताव आ गए हैं, मगर जब तक सीएमओ इस्टीमेट बनाकर नहीं देंगे, तब तक धनराशि कैसे खर्च होगी। सीएमओ के प्राकलन बनाकर देने पर ही कार्यदायी संस्था को रुपये का भुगतान किया जाएगा। आरसी शर्मा, परियोजना अधिकारी