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हत्या के मामले में चित्रकूट के एसओजी प्रभारी ने दी गवाही
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चित्रकूट जनपद के एसओजी प्रभारी मंगलवार को मानधाता इलाके के युवक की हत्या के मामले में गवाही देने के लिए कोर्ट पहुंचे। एडीजीसी ने गवाही कराई, लेकिन आरोपी पक्ष के अधिवक्ता ने शोकावकाश के चलते गवाह पक्ष के विवेचक का पक्ष व प्रश्न करने के लिए अगली तिथि मांगी। इस पर कोर्ट ने तिथि मुकरर्र कर दी।
चित्रकूट जनपद के एसओजी प्रभारी एमपी त्रिपाठी मंगलवार को अपर सत्र न्यायाधीश की कोर्ट में मानधाता इलाके में वर्ष 2008 में हुई हत्या के मामले में गवाही देने पहुंचे थे। घटना के दौरान एमपी त्रिपाठी मानधाता थाने में दरोगा थे और इस मामले की विवेचना उन्हें ही मिली थी। गैर जनपद तबादला होने के बाद अगले विवेचक की ओर से आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र कोर्ट में दाखिल किया गया।
घटना में विवेचना की शुरुआत करने वाले विवेचक को सुनवाई के दौरान गवाही देना आवश्यक है। मंगलवार को एक अधिवक्ता के निधन के चलते कोर्ट में शोकावकाश था। एडीजीसी देवेंद्र गुप्ता के विशेष आग्रह पर विवेचक एमपी त्रिपाठी की गवाही कोर्ट में कराई गई, लेकिन अभियुक्तों के अधिवक्ता ने अगली तिथि पर विवेचक से प्रश्न करने की अनुमति मांगी। इस पर कोर्ट ने मामले की सुनवाई के लिए 28 जुलाई की तिथि तय कर दी। एडीजीसी देवेंद्र गुप्ता के अनुसार इस प्रकरण की सुनवाई अंतिम दौर में चल रही है। कोर्ट सभी पक्षों की सुनवाई के बाद अपना फैसला देगा।
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चित्रकूट जनपद के एसओजी प्रभारी एमपी त्रिपाठी मंगलवार को अपर सत्र न्यायाधीश की कोर्ट में मानधाता इलाके में वर्ष 2008 में हुई हत्या के मामले में गवाही देने पहुंचे थे। घटना के दौरान एमपी त्रिपाठी मानधाता थाने में दरोगा थे और इस मामले की विवेचना उन्हें ही मिली थी। गैर जनपद तबादला होने के बाद अगले विवेचक की ओर से आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र कोर्ट में दाखिल किया गया।
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घटना में विवेचना की शुरुआत करने वाले विवेचक को सुनवाई के दौरान गवाही देना आवश्यक है। मंगलवार को एक अधिवक्ता के निधन के चलते कोर्ट में शोकावकाश था। एडीजीसी देवेंद्र गुप्ता के विशेष आग्रह पर विवेचक एमपी त्रिपाठी की गवाही कोर्ट में कराई गई, लेकिन अभियुक्तों के अधिवक्ता ने अगली तिथि पर विवेचक से प्रश्न करने की अनुमति मांगी। इस पर कोर्ट ने मामले की सुनवाई के लिए 28 जुलाई की तिथि तय कर दी। एडीजीसी देवेंद्र गुप्ता के अनुसार इस प्रकरण की सुनवाई अंतिम दौर में चल रही है। कोर्ट सभी पक्षों की सुनवाई के बाद अपना फैसला देगा।
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