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Pratapgarh News: नकली डीएपी बेचने में इफको ई-बाजार संचालक और सहायक पर मुकदमा दर्ज
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नकली डीएपी बेचने के मामले में इफको ई-बाजार संचालक और सहायक के खिलाफ जेठवारा पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया है। इससे पहले किसानों की ओर से रानीगंज विधायक को शिकायत दी गई थी। वहीं विधायक की ओर से मामला डीएम के संज्ञान में लाने के बाद जिला कृषि अधिकारी को जांच और कार्रवाई का निर्देश दिया गया था।
मानधाता के सराय देवराय बाजार में कंधई मधुपुर निवासी प्रमोद सिंह इफको ई-बाजार का संचालन करते हैं। उनके साथ लालगंज अझारा के अखिलेश दुबे सह संचालक हैं। 22 और 24 जुलाई को 13 गांवों के 51 किसानों को 211 बोरी डीएपी खाद दी गई, जिसे किसानों ने नकली बताते हुए रानीगंज विधायक से शिकायत की थी। इसमें क्षेत्र के ऐंठी, नंद का पुरवा, पांडेय का पुरवा, सराय देवराय, मंगापुर, बाबूपुर, छतौना, गंभीरा, जगदीशपुर, सिरसा, कुटिलिया, सराय भीमसेन आदि गांव के किसान शामिल थे।
मामले को गंभीरता से लेते हुए रानीगंज विधायक डॉ. आरके वर्मा ने डीएम शिव सहाय अवस्थी से जांच कराने की मांग की। इसके बाद डीएम के निर्देश पर जिला कृषि अधिकारी अशोक कुमार ने त्रिस्तरीय जांच कमेटी का गठन किया। इसमें कृषि विभाग के वरिष्ठ प्राविधिक सहायक वीर विक्रम सिंह, प्रदीप कुमार और नायब तहसीलदार दिनेश चंद्र तिवारी शामिल रहे।
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टीम ने गंभीरा गांव के किसान सुनील पटेल, अविनाश पटेल, चंद्र कुमार और पांडेय का पुरवा के आदित्य पांडेय के घरों में रखी सीलबंद बोरियों से डीएपी का नमूना लिया। इसे जांच के लिए मेरठ भेजा गया। इसके बाद प्रयोगशाला की रिपोर्ट कृषि विभाग को मिली, जिसमें खाद्य को अमानक घोषित किया। जांच टीम को इफको ई-बाजार केंद्र के वितरण रजिस्टर और पीओएस रिपोर्ट में भी अनियमितता मिली थी। बोरियों पर लट नंबर और उत्पादन तिथि भी गलत मिली थी। 29 अगस्त को जांच टीम ने रिपोर्ट जिला कृषि अधिकारी को सौंपा। इसके बाद कृषि अधिकारी की ओर से मामले में केस दर्ज कराया गया है।
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मानधाता के सराय देवराय बाजार में कंधई मधुपुर निवासी प्रमोद सिंह इफको ई-बाजार का संचालन करते हैं। उनके साथ लालगंज अझारा के अखिलेश दुबे सह संचालक हैं। 22 और 24 जुलाई को 13 गांवों के 51 किसानों को 211 बोरी डीएपी खाद दी गई, जिसे किसानों ने नकली बताते हुए रानीगंज विधायक से शिकायत की थी। इसमें क्षेत्र के ऐंठी, नंद का पुरवा, पांडेय का पुरवा, सराय देवराय, मंगापुर, बाबूपुर, छतौना, गंभीरा, जगदीशपुर, सिरसा, कुटिलिया, सराय भीमसेन आदि गांव के किसान शामिल थे।
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मामले को गंभीरता से लेते हुए रानीगंज विधायक डॉ. आरके वर्मा ने डीएम शिव सहाय अवस्थी से जांच कराने की मांग की। इसके बाद डीएम के निर्देश पर जिला कृषि अधिकारी अशोक कुमार ने त्रिस्तरीय जांच कमेटी का गठन किया। इसमें कृषि विभाग के वरिष्ठ प्राविधिक सहायक वीर विक्रम सिंह, प्रदीप कुमार और नायब तहसीलदार दिनेश चंद्र तिवारी शामिल रहे।
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टीम ने गंभीरा गांव के किसान सुनील पटेल, अविनाश पटेल, चंद्र कुमार और पांडेय का पुरवा के आदित्य पांडेय के घरों में रखी सीलबंद बोरियों से डीएपी का नमूना लिया। इसे जांच के लिए मेरठ भेजा गया। इसके बाद प्रयोगशाला की रिपोर्ट कृषि विभाग को मिली, जिसमें खाद्य को अमानक घोषित किया। जांच टीम को इफको ई-बाजार केंद्र के वितरण रजिस्टर और पीओएस रिपोर्ट में भी अनियमितता मिली थी। बोरियों पर लट नंबर और उत्पादन तिथि भी गलत मिली थी। 29 अगस्त को जांच टीम ने रिपोर्ट जिला कृषि अधिकारी को सौंपा। इसके बाद कृषि अधिकारी की ओर से मामले में केस दर्ज कराया गया है।