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दहिलामऊ व रूपापुर विद्युत उपकेंद्र में लगेंगे कैप्सिटर बैंक
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प्रतापगढ़। शहर के दहिलामऊ व रूपापुर उपकेंद्र की बिजली व्यवस्था में जल्द ही बदलाव दिखेगा। अब दोनों उपकेंद्रों में बिजली का संतुलन बना रहेगा। हाईवोल्टेज व लो-वोल्टेज की समस्या नहीं रहेगी। दोनों उपकेंद्रों पर बिजली का संतुलन बनाए रखने के लिए कैप्सिटर बैंक लगाया जाएगा। इससे बिजली उपभोक्ताओं को सीधे तौर पर राहत मिलेगी और उपकरण भी नहीं जलेंगे। वहीं, आपूर्ति व्यवस्था भी बेहतर होगी।
शहर में चार विद्युत उपकेंद्र हैं। बाबागंज, रूपापुर, कादीपुर व दहिलामऊ। चारों उपकेंद्रों से जुड़े कुल 28 हजार बिजली उपभोक्ता हैं। बाबागंज व कादीपुर की अपेक्षा शहर के दहिलामऊ व रूपापुर उपकेंद्र पर लोड अधिक है। इन दोनों उपकेंद्रों से कुल 14 हजार उपभोक्ता जुड़े हैं। दरअसल, दहिलामऊ व रूपापुर उपकेंद्र से शहर से सटे ग्रामीण इलाके भी जुड़े हुए हैं। गर्मी के दिनों में इन दोनों उपकेंद्रों पर लोड बढ़ जाता है।
उपभोक्ताओं को बिजली की अव्यवस्था से जूझना पड़ता है। दोनों उपकेंद्रों के लोड का संतुलन सही नहीं रहता है। हाईवोल्टेज की वजह से उपकेंद्रों के उपकरण जल जाते हैं। इससे उपकेंद्रों की आपूर्ति ठप हो जाती है। यही समस्या उपभोक्ताओं को भी झेलनी पड़ती है। हाईवोल्टेज की वजह से उनके उपकरण भी प्रभावित होते हैं। बिजली का संतुलन ठीक नहीं होने से उतार-चढ़ाव की स्थिति बनी रहती है। गर्मी के दिनों में सबसे ज्यादा दिक्कत होती है। आए दिन उपकेंद्रों की आपूर्ति प्रभावित होती है। शहरियों को बिजली संकट से जूझना पड़ता है। अब यह मुसीबत जल्द समाप्त होने वाली है। दोनों उपकेंद्रों में लोड का संतुलन बना रहेगा और दिक्कत भी नहीं होगी। इसके लिए विभाग उपकेंद्रों पर कैप्सिटर बैंक लगाने जा रहा है। इसका इस्टीमेट तैयार कर लिया गया है। एसडीओ बाबागंज अजीत यादव ने बताया कि दोनों उपकेंद्रों में बिजली का संतुलन ठीक न होने से दिक्कत होती है। अब कैप्सिटर बैंक लगने से लोड का संतुलन बना रहेगा। इस्टीमेट तैयार कर लिया गया है। जल्द ही बिजली व्यवस्था में बदलाव दिखेगा।
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हर साल होता है लाखों का नुकसान
लोड का संतुलन न बनने से उपकरणों का काफी नुकसान होता है। फीडर, पैनल, ट्रांसफॉर्मर के साथ ही अन्य उपरण भी प्रभावित होते हैं। इससे विभाग को हर साल लाखों का नुकसान होता है। इस पहल से सभी उपकरण सुरक्षित रहेंगे।
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शहर में चार विद्युत उपकेंद्र हैं। बाबागंज, रूपापुर, कादीपुर व दहिलामऊ। चारों उपकेंद्रों से जुड़े कुल 28 हजार बिजली उपभोक्ता हैं। बाबागंज व कादीपुर की अपेक्षा शहर के दहिलामऊ व रूपापुर उपकेंद्र पर लोड अधिक है। इन दोनों उपकेंद्रों से कुल 14 हजार उपभोक्ता जुड़े हैं। दरअसल, दहिलामऊ व रूपापुर उपकेंद्र से शहर से सटे ग्रामीण इलाके भी जुड़े हुए हैं। गर्मी के दिनों में इन दोनों उपकेंद्रों पर लोड बढ़ जाता है।
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उपभोक्ताओं को बिजली की अव्यवस्था से जूझना पड़ता है। दोनों उपकेंद्रों के लोड का संतुलन सही नहीं रहता है। हाईवोल्टेज की वजह से उपकेंद्रों के उपकरण जल जाते हैं। इससे उपकेंद्रों की आपूर्ति ठप हो जाती है। यही समस्या उपभोक्ताओं को भी झेलनी पड़ती है। हाईवोल्टेज की वजह से उनके उपकरण भी प्रभावित होते हैं। बिजली का संतुलन ठीक नहीं होने से उतार-चढ़ाव की स्थिति बनी रहती है। गर्मी के दिनों में सबसे ज्यादा दिक्कत होती है। आए दिन उपकेंद्रों की आपूर्ति प्रभावित होती है। शहरियों को बिजली संकट से जूझना पड़ता है। अब यह मुसीबत जल्द समाप्त होने वाली है। दोनों उपकेंद्रों में लोड का संतुलन बना रहेगा और दिक्कत भी नहीं होगी। इसके लिए विभाग उपकेंद्रों पर कैप्सिटर बैंक लगाने जा रहा है। इसका इस्टीमेट तैयार कर लिया गया है। एसडीओ बाबागंज अजीत यादव ने बताया कि दोनों उपकेंद्रों में बिजली का संतुलन ठीक न होने से दिक्कत होती है। अब कैप्सिटर बैंक लगने से लोड का संतुलन बना रहेगा। इस्टीमेट तैयार कर लिया गया है। जल्द ही बिजली व्यवस्था में बदलाव दिखेगा।
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हर साल होता है लाखों का नुकसान
लोड का संतुलन न बनने से उपकरणों का काफी नुकसान होता है। फीडर, पैनल, ट्रांसफॉर्मर के साथ ही अन्य उपरण भी प्रभावित होते हैं। इससे विभाग को हर साल लाखों का नुकसान होता है। इस पहल से सभी उपकरण सुरक्षित रहेंगे।