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नवरात्र के आठवें दिन पूजीं गई मां महागौरी

Tue, 04 Oct 2022 12:33 AM IST
Allahabad Bureau इलाहाबाद ब्यूरो
Updated Tue, 04 Oct 2022 12:33 AM IST
सार

नवरात्रि की अष्टमी पर सोमवार को शक्तिस्वरूपा महागौरी विधि-विधान से पूजी गईं।श्रद्धा भाव से श्रद्धालुओं ने मां का दर्शन कर नारियल, चुनरी, बताशा, मालाफूल अर्पित कर श्रद्धालुओं ने आशीर्वाद लिया।कतार में लगे श्रद्धालु मां के दर्शन-पूजन को आतुर रहे।

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Bowing down, devotees sought blessings from Maa Gauri
नवरात्रि अष्टमी पर मां बेल्हा देवी धाम में दर्शन को जुटी श्रद्धालुओं की भीड़। संवाद - फोटो : PRATAPGARH

विस्तार

नवरात्रि की अष्टमी पर सोमवार को शक्तिस्वरूपा महागौरी विधि-विधान से पूजी गईं। पौराणिक देवीधामों, मंदिरों व पूजा पंडालों में दर्शन-पूजन के लिए भक्तों का रेला उमड़ पड़ा। श्रद्धा भाव से श्रद्धालुओं ने मां का दर्शन कर नारियल, चुनरी, बताशा, मालाफूल अर्पित कर श्रद्धालुओं ने आशीर्वाद लिया।
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सोमवार को मां के अष्टम स्वरूप मां जगत जननी महागौरा के दर्शन पूजन का विधान था। कहा जाता है कि मां अपने इस रूप से भक्तों के सभी अवगुणों का शमन कर उनके जीवन में सद्गुणों का संचार कर जीवन में ऊर्जा प्रदान करती हैं। मां के इस स्वरूप के दर्शन को लेकर सोमवार को अलसुबह दर्शन-पूजन को लेकर देवीधामों में पट खुलने से पहले ही भक्तों की लंबी कतार लग गई।
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शहर के सई तट पर स्थित मां बेल्होदवी धाम में जैसे ही पट खुले और वैदिक मंत्रों के बीच पूजन का क्रम शुरू हुआ तो मंदिर परिसर में जय माता दी के जयकारे गूंजने लगे। कतार में लगे श्रद्धालु मां के दर्शन-पूजन को आतुर रहे। शंखनाद के बीच महाआरती हुई।
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जयकारा लगाते हुए भक्त एक-एक कर दर्शन पूजन को बढ़ते रहे। सुबह नौ बजे के बाद क्षेत्रीय श्रद्धालुओं के आने का सिलसिला शुरू हो गया। दोपहर में मंदिर परिसर में तिल रखने तक की जगह नहीं रही। दोपहर बाद पट बंद हुआ, मंदिर प्रशासन ने साफ-सफाई की।
इसके बाद करीब तीन बजे के बाद दर्शन-पूजन का क्रम शुरू हुआ जो देरशाम तक चलता रहा। इसी तरह रानीगंज तहसील क्षेत्र में स्थित मां बाराही देवीधाम, संडवाचंद्रिका क्षेत्र स्थित मां चंद्रिकादेवी धाम, मां संकटहरणी धाम, मां गौरा धाम में दर्शन पूजन को लेकर भक्तों की भीड़ उमड़ी रही।

दोपहर डेढ़ बजे तक करें हवन
नौ दिनों की साधना के बाद हवन किस मुहूर्त में कब करें, यह बहुत आवश्यक होता है। पं. आलोक मिश्र ने बताया कि चार अक्तूबर मंगलवार को नवमी है। दोपहर 1.30 बजे तक हवन का विधान है। इसके बाद पारण कर अनुष्ठान को पूर्ण करें।
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