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High Court : गाजीपुर जेल में जहरीली पेप्सी पीने से 15 साल पहले तीन कैदियों की मौत मामले के दोनों आरोपी बरी
Thu, 30 Oct 2025 07:06 PM IST
विनोद सिंह
संवाद न्यूज एजेंसी, प्रतापगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, प्रतापगढ़
Published by: विनोद सिंह
Updated Thu, 30 Oct 2025 07:06 PM IST
सार
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने गाजीपुर जिला जेल में 15 साल पहले तीन कैदियों की जहरीली पेप्सी पीने व ब्रेड खाने से हुई मौत मामले में ट्रायल कोर्ट के आजीवन कारावास की सजा को रद्द कर दिया है।
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अदालत का फैसला।
- फोटो : अमर उजाला।
विस्तार
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने गाजीपुर जिला जेल में 15 साल पहले तीन कैदियों की जहरीली पेप्सी पीने व ब्रेड खाने से हुई मौत मामले में ट्रायल कोर्ट के आजीवन कारावास की सजा को रद्द कर दिया है। इसके साथ ही आरोपी राम सिंह उर्फ राम सिंघा उर्फ राम सिंघवा और सुरेंद्र यादव को बरी कर दिया। यह आदेश न्यायमूर्ति सौमित्र दयाल सिंह व न्यायमूर्ति तेज प्रताप तिवारी की खंडपीठ ने दिया।
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गाजीपुर के थाना कोतवाली में जून 2010 में अपीलकर्ता रामसिंह व सुरेंद्र यादव के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। आरोप था कि जेल में बंद अपीलकर्ता ने जेल में विचाराधीन कैदियों राम बचन यादव, वसीम अहमद, गुड्डू को जहरीली पेप्सी पिलाई और ब्रेड खिलाई। इससे तीनों की मौत हो गई। ट्रायल कोर्ट ने फरवरी 2016 को दोनों आरोपियों को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। इस फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती दी।
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अपीलकर्ताओं के अधिवक्ता कल्पदेव मिश्र ने दलील दी कि घटना की रिपोर्ट दो दिन बाद दर्ज कराई गई। इसका कोई स्पष्ट कारण दर्ज नहीं किया गया है। इससे संदेह पैदा होता है। पेप्सी और ब्रेड में जहरीला पदार्थ मिलाने की कहानी और उसकी बरामदगी संदिग्ध है, क्योंकि बैरकों की तलाशी में कोई आपत्तिजनक सामग्री नहीं मिली थी। कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और सबूतों का अवलोकन करने के बाद अपील स्वीकार कर ली। कोर्ट ने अपीलकर्ताओं को संदेह का लाभ देते हुए लगाए गए आरोपों से बरी कर दिया।
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