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हर घर में वायरल का कहर

Tue, 20 Aug 2019 12:00 AM IST
Allahabad Bureau इलाहाबाद ब्यूरो
Updated Tue, 20 Aug 2019 12:00 AM IST
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Body breaking fever, ill in every house
जिला अस्पताल ओपीडी में मरीजों का इलाज करते चिकित्सक मनोज खत्री। - फोटो : PRATAPGARH
तेजी से फैल रहे वायरल बुखार ने बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक को परेशान कर रखा है। मौसम में हो रहे बदलाव के बाद जरा सी भी लापरवाही पर लोग तुरंत इसकी चपेट में आ रहे हैं। तेज बुखार के साथ लोगों को शरीर में अकड़न और दर्द की शिकायत है। एक बार चपेट में आने के बाद सप्ताह भर तक बुखार नहीं छोड़ रहा है। दवा लेने के बाद भी लोगों को आराम नहीं मिल पा रहा है। जिला अस्पताल के साथ ही निजी अस्पतालों में बुखार से पीड़ित मरीजों की भीड़ उमड़ रही है।
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पखवारे भर से रह-रहकर मौसम करवट बदल रहा है। कभी उमस भरी गर्मी तो कभी रिमझिम बरसात के बाद मौसम ठंडा हो जा रहा है। कभी उमस से पसीना होने लगता है तो कभी भोर में हल्की ठंड महसूस हो रही है। इसके चलते मौसमी बुखार तेजी से पांव पसार रहा है। तकरीबन हर घर में लोग बुखार से पीड़ित हैं। सरकारी के साथ ही निजी अस्पतालों और झोलाछापों के यहां भीड़ लग रही है। अपनी गिरफ्त में लेने के बाद बुखार शरीर तोड़ दे रहा है। जोड़ों के साथ ही बदन में दर्द हो रहा है।
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इससे मरीज परेशान हो रहे हैं। सोमवार को अकेले जिला अस्पताल में ही मौसमी बुखार से पीड़ित 820 मरीज पहुंचे। इनमें से 47 की हालत गंभीर होने पर चिकित्सकों ने उन्हें भर्ती कर लिया। ज्यादा दिक्कत बुजुर्गों और बच्चों को हो रही है। जरा सी भी लापरवाही पर वह तुरंत चपेट में आ रहे हैं। जिला अस्पताल के फिजीशियन डॉक्टर मनोज खत्री ने सोमवार को 430 तो आरपी चौबे ने 270 मरीजों का इलाज किया।
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वहीं 120 मरीजों का इलाज बाल रोग विशेषज्ञ डॉक्टर अनिल गुप्ता ने किया। मौसमी बुखार के मरीजों से जिला अस्पताल के मेडिकल और चिल्ड्रेन वार्ड फुल हैं। मरीजों को भर्ती करने के लिए जगह नहीं हैं। डॉक्टर मनोज खत्री ने बताया कि मौसमी बुखार सात दिनों तक रहता है। प्रयास करना चाहिए कि इस बीच कम से कम दवा खानी पड़े। जल्द आराम के चक्कर में किसी झोलाछाप डॉक्टर के पास नहीं जाना चाहिए। पैरासीटामॉल या फिर कम पावर की एंटीबॉयोटिक लेनी चाहिए। इससे किडनी पर कोई असर नहीं पहुंचता है। वैसे सात दिन बाद बुखार छोड़ देता है।
बुखार होने पर ठंडे पानी से पोंछे शरीर
डाक्टर मनोज खत्री ने बताया कि यदि किसी को बुखार तेज हो गया हो तो एक कपड़े को शुद्ध पानी में भिगो लेना चाहिए। इसके बाद उसी से बीमार मरीज के शरीर को पोंछना चाहिए। सिर पर पट्टी रखनी चाहिए। इससे काफी राहत मिलेेगा। एसी के सामने नहीं बैठना चाहिए। कूलर से भी परहेज करना चाहिए।

बुखार से बचने के लिए ज्यादा से ज्यादा कपड़ा पहनें। धूप में कम से कम बाहर निकलें। बारिश में भीगने से बचें। ठंडा पानी पीने से बचें। पानी को उबालकर पिएं। डॉ मनोज खत्री, फिजीशियन, जिला अस्पताल।

मौसम का मिजाज बदलने से जिला अस्पताल में पर्चा काउन्टर पर लगी मरीजों की भीड़।

मौसम का मिजाज बदलने से जिला अस्पताल में पर्चा काउन्टर पर लगी मरीजों की भीड़।- फोटो : PRATAPGARH

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