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खून की कमी से जूझ रहा ब्लडबैंक, 400 की जगह सिर्फ 54 यूनिट बचा खून
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Bloodbank struggling with anemia, only 54 units of blood left in place of 400
जिला अस्पताल स्थित ब्लडबैंक में खून की कमी से जूझ रहा है। इससे मरीजों को परेशान होना पड़ रहा है। 400 की जगह महज 54 यूनिट ब्लड बचा है। कोरोना संक्रमण के चलते लोग रक्तदान के लिए आगे नहीं आ रहे हैं। इससे जरूरतमंद लोगों को समय से ब्लड नहीं मिल रहा है। मरीज परेशान हो रहे हैं।
जिला अस्पताल के ब्लड बैंक में 400 यूनिट खून रखने की क्षमता है। अभी तक प्रसव पीड़िताओं और अन्य मरीजों को बगैर डोनेट किए भी ब्लडबैंक से खून मिल जाता था। लॉकडाउन के दौरान बैंक में सिर्फ दस यूनिट ही रक्त बचा था। इससे कर्मचारी भी परेशान हो गए थे। ब्लड बैंक के प्रभारी डॉक्टर सुरेश सिंह ने बताया कि कोरोना काल में रक्तदाता खून देने के लिए आगे नहीं आ रहे। इससे रक्तकोष पूरी तरह से खाली होने के कगार पर पहुंच गया। माह भर पहले दो संस्थाओं ने रक्तदान किया।
जिसके चलते सौ यूनिट खून जमा हो गया था। इस दौरान प्रसव पीड़िताओं को बगैर रक्तदान किए ही खून उपलब्ध कराने से फिर कमी हो गई है। बैंक में सिर्फ 54 यूनिट खून बचा है। अभी भी मरीजों को बगैर रक्तदान कराए ही खून उपलब्ध कराया जा रहा है। हालांकि इसके लिए पहले महिला और जिला अस्पताल की अनुमति मांगी जाती है। हालात यही रहे तो जल्द ही रक्तकोष खाली हो जाएगा।
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प्रयागराज, सुल्तानपुर और कौशाम्बी से भी खून लेने आ रहे लोग
ब्लडबैंक के प्रभारी डॉ. सुरेश सिंह ने बताया कि प्रयागराज और सुलतानपुर के ब्लड बैंक में भी रक्त नहीं बचा है। मरीजों को रक्त की जरूरत पड़ती है तो उनके परिवार के लोग भागकर प्रतापगढ़ आते हैँ। ऐसे लोगों को रक्तदान करने के बाद ही उपलब्ध कराया जाता है।
बगैर डोनेट किए किसी को खून नहीं दिया जाएगा। लोगों से रक्तदान की अपील की जा रही है। जल्द ही समस्या दूर हो जाएगी।
डॉ.ृ पीपी पांडेय, सीएमएस, जिला अस्पताल।
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जिला अस्पताल के ब्लड बैंक में 400 यूनिट खून रखने की क्षमता है। अभी तक प्रसव पीड़िताओं और अन्य मरीजों को बगैर डोनेट किए भी ब्लडबैंक से खून मिल जाता था। लॉकडाउन के दौरान बैंक में सिर्फ दस यूनिट ही रक्त बचा था। इससे कर्मचारी भी परेशान हो गए थे। ब्लड बैंक के प्रभारी डॉक्टर सुरेश सिंह ने बताया कि कोरोना काल में रक्तदाता खून देने के लिए आगे नहीं आ रहे। इससे रक्तकोष पूरी तरह से खाली होने के कगार पर पहुंच गया। माह भर पहले दो संस्थाओं ने रक्तदान किया।
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जिसके चलते सौ यूनिट खून जमा हो गया था। इस दौरान प्रसव पीड़िताओं को बगैर रक्तदान किए ही खून उपलब्ध कराने से फिर कमी हो गई है। बैंक में सिर्फ 54 यूनिट खून बचा है। अभी भी मरीजों को बगैर रक्तदान कराए ही खून उपलब्ध कराया जा रहा है। हालांकि इसके लिए पहले महिला और जिला अस्पताल की अनुमति मांगी जाती है। हालात यही रहे तो जल्द ही रक्तकोष खाली हो जाएगा।
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प्रयागराज, सुल्तानपुर और कौशाम्बी से भी खून लेने आ रहे लोग
ब्लडबैंक के प्रभारी डॉ. सुरेश सिंह ने बताया कि प्रयागराज और सुलतानपुर के ब्लड बैंक में भी रक्त नहीं बचा है। मरीजों को रक्त की जरूरत पड़ती है तो उनके परिवार के लोग भागकर प्रतापगढ़ आते हैँ। ऐसे लोगों को रक्तदान करने के बाद ही उपलब्ध कराया जाता है।
बगैर डोनेट किए किसी को खून नहीं दिया जाएगा। लोगों से रक्तदान की अपील की जा रही है। जल्द ही समस्या दूर हो जाएगी।
डॉ.ृ पीपी पांडेय, सीएमएस, जिला अस्पताल।