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हाई अलर्ट के बाद भी बेल्हा की सुरक्षा व्यवस्था रामभरोसे
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चौक घंटाघर में नहीं सुरक्षा के कोई इंतजाम।
- फोटो : PRATAPGARH
कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद प्रदेश में हाई अलर्ट के बाद भी बेल्हा में सुरक्षा को लेकर अफसर लापरवाही बरतते रहे। शहर में कहीं भी चौकसी नहीं दिखाई दी। रेलवे, बस स्टैंड, अस्पताल के साथ ही भीड़ भाड़ वाले इलाकों में लोग बेरोकटोक आते जाते रहे। संदिग्ध चीजों की भी चेकिंग करने की जरूरत नहीं समझी गई।
भंगवा चुंगी, दोपहर . 12.13 बजे
शहर के भंगवा चुंगी चौराहे पर ही पुलिस चौकी स्थित है। शुक्रवार को पुलिस चौकी का दरवाजा बंद था। होमगार्ड यातायात व्यवस्था की ड्यूटी करते नजर आए लेकिन पुलिसकर्मी दूर-दूर तक नहीं दिखे। जबकि एसपी ने साफ निर्देश दे रखा है कि संदिग्ध लोगों की धरपकड़ के लिए चौराहों पर पुलिसकर्मी मौजूद रहने चाहिए। भीड़भाड़ वाले इलाकों में सुरक्षा करने वाले पुलिसकर्मी नदारद दिखे।
रेलवे स्टेशन: समय: दोपहर 12.17 बजे
रेलवे स्टेशन परिसर में शुक्रवार दोपहर में पुलिसकर्मी दूर-दूर नजर नही आए। ट्रेन की प्रतीक्षा में बैठे लोगों के बीच दूसरे मुसाफिर आते और अपना सामान रखकर दूर चले जाते। आम लोगों की बात तो दूर संदिग्ध प्रतीत होने वाले लोगों से भी कोई पूछताछ करने वाला नजर नहीं आया। प्लेटफार्म नंबर एक पर यात्री अपनी बोरे की गठरी छोड़कर चला गया। जब दूसरे लोगों से पूछा गया तो वे सामान के बारे में जानकारी से इनकार करने लगे। इतना जरूर बताया कि दस मिनट से सामान रखा हुआ है। जबकि प्लेटफार्म नंबर एक पर ही आरपीएफ और जीआरपी के थाने हैं। इसी प्लेटफार्म पर सिपाहियों के बैठने का इंतजाम किया गया है। अलर्ट के बावजूद संदिग्ध लोगों की चेकिंग तो दूर लावारिश पड़े सामान की जांच करने वाला कोई पुलिसकर्मी नजर नहीं आए। मुसाफिरखाना और आरक्षण काउंटर भी करीब ही है। वहां भी कोई पूछताछ करने वाला नहीं दिखा।
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जिला अस्पताल: समय, दोपहर 1 बजे
जिला अस्पताल में दोपहर को वाहन अस्त व्यस्त खड़े मिले। पुलिस चौकी पर भी कोई नहीं मिला। अस्पताल के सुरक्षाकर्मी मरीजों को ओपीडी में लाइन लगवाते नजर आए। इस दौरान इमरजेंसी से लेकर दूसरे स्थानों पर लोग आते जाते रहे। बाइक हो या कार हर किसी की जांच होती नहीं दिखी। अस्पताल में वैसे भी पुलिस वाले बवाल या घटना के बाद ही नजर आते हैं। अस्पताल परिसर में लगा सीसीटीवी कैमरा भी खराब पड़ा है।
कचहरी परिसर, समय दोपहर . 1.15 बजे
शासन ने कचहरी में चौकसी बरतने का निर्देश दे रखा है। दीवानी न्यायालय परिसर में प्रवेश करने वाले लोगों को मेटल डिटेक्टर से होकर गुजरना पड़ता है। पुलिसकर्मियों की सुरक्षा के लिए ड्यूटी लगाई गई है। शुक्रवार को कचहरी परिसर में सपा का धरना प्रदर्शन चल रहा था। लिहाजा सभास्थल पर तो पुलिसकर्मी नजर आए लेकिन अन्य गेटों पर सुरक्षा करने वाले गायब दिखे। कचहरी परिसर में एक स्थान को छोड़कर कहीं भी चौकसी नहीं दिखी। केवल दीवानी न्यायालय की ओर ही सुरक्षाकर्मी नजर आते हैं या फिर बंदियों को न्यायालय में पेश कराने वाले सिपाही ही दिखे। कलेक्ट्रेट और दीवानी न्यायालय की ओर जाने वाले संदिग्ध लोगों की कोई जांच होती नहीं दिखी। इसके अलावा कचहरी पर नजर रखने वाले पुलिसकर्मी भी दूर-दूर तक नहीं दिखे।
चौक घंटाघर, समय दोपहर 12.45 बजे
शहर के चौक घंटाघर के आसपास सुबह से लेकर देर रात तक भीड़ रहती है। कुछ ही कदम पर पुलिस चौकी भी है। शुक्रवार को पुलिस चौकी पर दो गार्ड ही नजर आए। चौक घंटाघर के करीब ही ठठेरी बाजार, सर्राफा बाजार के अलावा कपड़ा समेत अन्य कारोबार संचालित होता है। इस इलाके में लूट छिनैती का भय हमेशा बना रहता है। ऐसे स्थानों पर पुलिस गश्त करने का आदेश है लेकिन ऐसा कुछ भी नही नजर आया। पुलिसकर्मी तो दूर यातायात व्यवस्थित करने के लिए होमगार्ड भी नजर नहीं आए।
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भंगवा चुंगी, दोपहर . 12.13 बजे
शहर के भंगवा चुंगी चौराहे पर ही पुलिस चौकी स्थित है। शुक्रवार को पुलिस चौकी का दरवाजा बंद था। होमगार्ड यातायात व्यवस्था की ड्यूटी करते नजर आए लेकिन पुलिसकर्मी दूर-दूर तक नहीं दिखे। जबकि एसपी ने साफ निर्देश दे रखा है कि संदिग्ध लोगों की धरपकड़ के लिए चौराहों पर पुलिसकर्मी मौजूद रहने चाहिए। भीड़भाड़ वाले इलाकों में सुरक्षा करने वाले पुलिसकर्मी नदारद दिखे।
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रेलवे स्टेशन: समय: दोपहर 12.17 बजे
रेलवे स्टेशन परिसर में शुक्रवार दोपहर में पुलिसकर्मी दूर-दूर नजर नही आए। ट्रेन की प्रतीक्षा में बैठे लोगों के बीच दूसरे मुसाफिर आते और अपना सामान रखकर दूर चले जाते। आम लोगों की बात तो दूर संदिग्ध प्रतीत होने वाले लोगों से भी कोई पूछताछ करने वाला नजर नहीं आया। प्लेटफार्म नंबर एक पर यात्री अपनी बोरे की गठरी छोड़कर चला गया। जब दूसरे लोगों से पूछा गया तो वे सामान के बारे में जानकारी से इनकार करने लगे। इतना जरूर बताया कि दस मिनट से सामान रखा हुआ है। जबकि प्लेटफार्म नंबर एक पर ही आरपीएफ और जीआरपी के थाने हैं। इसी प्लेटफार्म पर सिपाहियों के बैठने का इंतजाम किया गया है। अलर्ट के बावजूद संदिग्ध लोगों की चेकिंग तो दूर लावारिश पड़े सामान की जांच करने वाला कोई पुलिसकर्मी नजर नहीं आए। मुसाफिरखाना और आरक्षण काउंटर भी करीब ही है। वहां भी कोई पूछताछ करने वाला नहीं दिखा।
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जिला अस्पताल: समय, दोपहर 1 बजे
जिला अस्पताल में दोपहर को वाहन अस्त व्यस्त खड़े मिले। पुलिस चौकी पर भी कोई नहीं मिला। अस्पताल के सुरक्षाकर्मी मरीजों को ओपीडी में लाइन लगवाते नजर आए। इस दौरान इमरजेंसी से लेकर दूसरे स्थानों पर लोग आते जाते रहे। बाइक हो या कार हर किसी की जांच होती नहीं दिखी। अस्पताल में वैसे भी पुलिस वाले बवाल या घटना के बाद ही नजर आते हैं। अस्पताल परिसर में लगा सीसीटीवी कैमरा भी खराब पड़ा है।
कचहरी परिसर, समय दोपहर . 1.15 बजे
शासन ने कचहरी में चौकसी बरतने का निर्देश दे रखा है। दीवानी न्यायालय परिसर में प्रवेश करने वाले लोगों को मेटल डिटेक्टर से होकर गुजरना पड़ता है। पुलिसकर्मियों की सुरक्षा के लिए ड्यूटी लगाई गई है। शुक्रवार को कचहरी परिसर में सपा का धरना प्रदर्शन चल रहा था। लिहाजा सभास्थल पर तो पुलिसकर्मी नजर आए लेकिन अन्य गेटों पर सुरक्षा करने वाले गायब दिखे। कचहरी परिसर में एक स्थान को छोड़कर कहीं भी चौकसी नहीं दिखी। केवल दीवानी न्यायालय की ओर ही सुरक्षाकर्मी नजर आते हैं या फिर बंदियों को न्यायालय में पेश कराने वाले सिपाही ही दिखे। कलेक्ट्रेट और दीवानी न्यायालय की ओर जाने वाले संदिग्ध लोगों की कोई जांच होती नहीं दिखी। इसके अलावा कचहरी पर नजर रखने वाले पुलिसकर्मी भी दूर-दूर तक नहीं दिखे।
चौक घंटाघर, समय दोपहर 12.45 बजे
शहर के चौक घंटाघर के आसपास सुबह से लेकर देर रात तक भीड़ रहती है। कुछ ही कदम पर पुलिस चौकी भी है। शुक्रवार को पुलिस चौकी पर दो गार्ड ही नजर आए। चौक घंटाघर के करीब ही ठठेरी बाजार, सर्राफा बाजार के अलावा कपड़ा समेत अन्य कारोबार संचालित होता है। इस इलाके में लूट छिनैती का भय हमेशा बना रहता है। ऐसे स्थानों पर पुलिस गश्त करने का आदेश है लेकिन ऐसा कुछ भी नही नजर आया। पुलिसकर्मी तो दूर यातायात व्यवस्थित करने के लिए होमगार्ड भी नजर नहीं आए।

जिला अस्पताल के इमेरजेन्सी वार्ड के सामने बाइक पर रखा संदिग्ध बैग।- फोटो : PRATAPGARH

कचहरी गेट पर दोपहर नहीं तैनात कोई सुरक्षा कर्मी।- फोटो : PRATAPGARH

रेलवे स्टेशन निकास द्वार पर नहीं कोई सुरक्षा के इंतजाम।- फोटो : PRATAPGARH