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जलनिगम के सहायक अभियंता को ठेकेदार ने पीटा, केस दर्ज
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कटरा रोड स्थित जल निगम कार्यालय में सहायक अभियंता पर हमले के आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेक
- फोटो : PRATAPGARH
जलनिगम के सहायक अभियंता को ठेकेदार ने कार्यालय में पीट दिया। बीचबचाव करने वाले कर्मचारियों के साथ भी ठेकेदार ने अभद्रता की। शिकायत के बाद पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया। आरोपी ठेकेदार की गिरफ्तारी की मांग को लेकर कार्यालय में तालाबंदी करते हुए कर्मचारियों ने धरना दिया। एलान किया कि आरोपी ठेकेदार की गिरफ्तारी होने तक उनका संघर्ष जारी रहेगा।
जलनिगम के सहायक अभियंता राधेश्याम वर्मा मंगलवार की शाम अपने कार्यालय में बैठे हुए थे। आरोप है कि इस दौरान ठेकेदार देवेंद्र कुमार एई राधेश्याम के चैंबर में पहुंचे। कुछ काम को लेकर उनकी सहायक अभियंता से कहासुनी होने लगी। बात बढ़ती चली गई। इस पर एई को ठेकेदार ने पीटना शुरू कर दिया।
शोरशराबा सुनकर दूसरे कर्मचारी भी दौड़े। बीच-बचाव करने वाले कर्मचारियों के साथ भी ठेकेदार अभद्रता करने लगा। हालांकि कुछ लोगों के हस्तक्षेप पर मामला शांत हो सका। इस घटना की जानकारी एई ने अपने अधिशाषी अभियंता को दी। जल निगम के एक्सईएन घनश्याम द्विवेदी ने प्रकरण की जानकारी आला अधिकारियों को देने के बाद तहरीर पुलिस को दी। कोतवाली पुलिस ने ठेकेदार के खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा डालने व मारपीट करने का मुकदमा दर्ज कर लिया।
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दूसरी ओर बुधवार को घटना के विरोध में जल निगम के कर्मचारी कार्यालय में ताला बंद कर धरने पर बैठ गए। उनकी मांग थी कि आरोपी ठेेकेदार को गिरफ्तार करने के साथ ही सख्त कार्रवाई की जाए। उन्होंने पुलिस प्रशासन को चेताया कि आरोपी ठेकेदार की गिरफ्तारी होने तक आंदोलन जारी रहेगा। घटना से कर्मचारियों में आक्रोश रहा। कर्मचारियों ने घटना की जानकारी अपने संगठन को भी दी है।
इनसेट------
खुद को एक मंत्री का करीबी बताता है आरोपी ठेकेदार
जलनिगम के एई व पहले प्रभारी अधिशाषी अभियंता रहे चुके राधेश्याम वर्मा का कहना है कि आरोपी ठेकेदार खुद को प्रदेश के एक मंत्री का करीबी बताता है। उनका नाम लेकर वह अक्सर कर्मचारियों को दबाव में लिया करता है। जल्द ही कर्मचारियों का प्रतिनिधिमंडल मंत्री से मिलकर अपनी बात रखेगा।
सिंचाई विभाग के हमलावरों को नहीं पकड़ सकी पुलिस
सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता पन्नालाल के साथ मारपीट करने वाले हमलावरों को पुलिस गिरफ्तार नहीं कर सकी। आरोपी ठेेकेदार व उसके बेटे के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के बाद पुलिस केवल खानापूर्ति करती रही। अभी तक सहायक अभियंता के हमलावर पुलिस के हाथ नहीं लगे।
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जलनिगम के सहायक अभियंता राधेश्याम वर्मा मंगलवार की शाम अपने कार्यालय में बैठे हुए थे। आरोप है कि इस दौरान ठेकेदार देवेंद्र कुमार एई राधेश्याम के चैंबर में पहुंचे। कुछ काम को लेकर उनकी सहायक अभियंता से कहासुनी होने लगी। बात बढ़ती चली गई। इस पर एई को ठेकेदार ने पीटना शुरू कर दिया।
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शोरशराबा सुनकर दूसरे कर्मचारी भी दौड़े। बीच-बचाव करने वाले कर्मचारियों के साथ भी ठेकेदार अभद्रता करने लगा। हालांकि कुछ लोगों के हस्तक्षेप पर मामला शांत हो सका। इस घटना की जानकारी एई ने अपने अधिशाषी अभियंता को दी। जल निगम के एक्सईएन घनश्याम द्विवेदी ने प्रकरण की जानकारी आला अधिकारियों को देने के बाद तहरीर पुलिस को दी। कोतवाली पुलिस ने ठेकेदार के खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा डालने व मारपीट करने का मुकदमा दर्ज कर लिया।
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दूसरी ओर बुधवार को घटना के विरोध में जल निगम के कर्मचारी कार्यालय में ताला बंद कर धरने पर बैठ गए। उनकी मांग थी कि आरोपी ठेेकेदार को गिरफ्तार करने के साथ ही सख्त कार्रवाई की जाए। उन्होंने पुलिस प्रशासन को चेताया कि आरोपी ठेकेदार की गिरफ्तारी होने तक आंदोलन जारी रहेगा। घटना से कर्मचारियों में आक्रोश रहा। कर्मचारियों ने घटना की जानकारी अपने संगठन को भी दी है।
इनसेट------
खुद को एक मंत्री का करीबी बताता है आरोपी ठेकेदार
जलनिगम के एई व पहले प्रभारी अधिशाषी अभियंता रहे चुके राधेश्याम वर्मा का कहना है कि आरोपी ठेकेदार खुद को प्रदेश के एक मंत्री का करीबी बताता है। उनका नाम लेकर वह अक्सर कर्मचारियों को दबाव में लिया करता है। जल्द ही कर्मचारियों का प्रतिनिधिमंडल मंत्री से मिलकर अपनी बात रखेगा।
सिंचाई विभाग के हमलावरों को नहीं पकड़ सकी पुलिस
सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता पन्नालाल के साथ मारपीट करने वाले हमलावरों को पुलिस गिरफ्तार नहीं कर सकी। आरोपी ठेेकेदार व उसके बेटे के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के बाद पुलिस केवल खानापूर्ति करती रही। अभी तक सहायक अभियंता के हमलावर पुलिस के हाथ नहीं लगे।