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Pratapgarh News: 20 घंटे की मान-मनौव्वल के बाद दफनाया गया अर्जुन का शव
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पट्टी कोतवाली के मोलनापुर गांव जाने वाले मार्ग पर पुलिस द्वारा लगाया गया बैरियर। संवाद
पट्टी कोतवाली परिसर में सोमवार को पुलिस हिरासत में मोलनापुर निवासी अर्जुन (22) की मौत हो गई थी। पोस्टमार्टम के बाद शव साढ़े सात बजे गांव पहुंचा तो लोग आक्रोशित हो गए। उन्होंने शव का अंतिम संस्कार करने से इन्कार कर दिया। एसडीएम और सीओ के 20 घंटे की मान-मनौव्वल के बाद दोपहर करीब तीन बजे परिजन शव के अंतिम संस्कार को राजी हुए। गांव में ही शव को दफनाया गया।
पट्टी कोतवाली में 17 अगस्त को किशोरी के अपहरण के मामले में मोलनापुर निवासी अर्जुन गौतम को नामजद किया गया था। रविवार को किशोरी और आरोपी बनाए गए अर्जुन गौतम को गाजियाबाद से पकड़ा गया था।
पुलिस टीम दोनों को पट्टी कोतवाली ले आई। सोमवार को महिला पुलिसकर्मियों के साथ किशोरी को मेडिकल के लिए भेजा गया, जबकि अर्जुन को पूछताछ के लिए कोतवाली में रखा गया था। सुबह उसका शव कोतवाली परिसर के शौचालय में कंबल की रस्सी के सहारे फंदे से लटका मिला था। मेडिकल कॉलेज में उसकी मौत की पुष्टि हुई।
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पोस्टमार्टम के बाद शव गांव पहुंचा तो पिता ने पुलिस पर पीट-पीटकर हत्या करने का आरोप लगाया। घरवालों और ग्रामीणों ने शव के अंतिम संस्कार से इन्कार कर दिया। एसडीएम पट्टी सुनील कुमार और सीओ प्रदीप सिंह परिजनों को मनाते रहे। दोपहर करीब तीन बजे परिजनों ने शव का अंतिम संस्कार किया। एसडीएम पट्टी सुनील कुमार ने बताया कि परिजनों ने शव को दफना दिया है।
बैरिकेडिंग की गई, लगाई गई पुलिस
पुलिस प्रशासन ने मृतक के घर के आसपास दस स्थानों पर बैरिकेडिंग कर रखी थी। भीम आर्मी और आजाद समाज पार्टी के कार्यकर्ताओं को चार किमी पहले ही रोका गया। पदाधिकारी और कार्यकर्ता पैदल चलकर पीड़ित परिजनों से मिलने पहुंचे। वहीं, गांव में मंगलवार को भी आसपुर देवसरा, पट्टी, कंधई, दिलीपपुर, कंधई, रानीगंज समेत 10 थानों की फोर्स तैनात रही।
बढ़ रहा तनाव, मुश्किल में पुलिस
पुलिस हिरासत में अर्जुन की मौत के बाद मामले को शांत करने के लिए पुलिस प्रशासन ने पिता लल्लू की तहरीर पर किशोरी के पिता व भाई के साथ अज्ञात पुलिस वालों के खिलाफ हत्या और एससी-एसटी की प्राथमिकी दर्ज की है। इस वजह से किशोरी पक्ष के लोगों में भी आक्रोश बढ़ा है। पुलिस भी की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं।
अंतिम संस्कार के लिए बांस काटते नजर आए पुलिस कर्मी
शव का जल्द से जल्द अंतिम संस्कार हो सके इसके लिए पुलिस कर्मी खुद ही बांस काटते नजर आए। ग्राम प्रशासक पर दबाव बनाकर गड्ढा खुदवाया गया।
मानवाधिकार आयोग में अर्जुन की मौत की शिकायत
पुलिस हिरासत में हुई अर्जुन की मौत की शिकायत उत्तर प्रदेश राज्य मानवाधिकार आयोग में की गई है। सगरा निवासी अधिवक्ता शिवम शुक्ला ने कोतवाली परिसर में सुरक्षा मानकों की अनदेखी की बात भी शिकायत में लिखी है।
शिवम शुक्ला ने शिकायती पत्र में डीके बासु बनाम पश्चिम बंगाल राज्य केस का हवाला देते हुए कहा कि पुलिस हिरासत में रखे गए अर्जुन की सुरक्षा व पूछताछ में सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन का पालन न करने का जिक्र किया है।
उन्होंने बताया कि मानवाधिकार आयोग के नियम के अनुसार पुलिस हिरासत में मौत के 24 घंटे के अंदर प्राथमिकी दर्ज करने के साथ निष्पक्ष मजिस्ट्रियल जांच होनी चाहिए। उन्होंने सीसीटीवी फुटेज को संरक्षित करते हुए एसआईटी जांच कराने की मांग आयोग से की है।
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पट्टी कोतवाली में 17 अगस्त को किशोरी के अपहरण के मामले में मोलनापुर निवासी अर्जुन गौतम को नामजद किया गया था। रविवार को किशोरी और आरोपी बनाए गए अर्जुन गौतम को गाजियाबाद से पकड़ा गया था।
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पुलिस टीम दोनों को पट्टी कोतवाली ले आई। सोमवार को महिला पुलिसकर्मियों के साथ किशोरी को मेडिकल के लिए भेजा गया, जबकि अर्जुन को पूछताछ के लिए कोतवाली में रखा गया था। सुबह उसका शव कोतवाली परिसर के शौचालय में कंबल की रस्सी के सहारे फंदे से लटका मिला था। मेडिकल कॉलेज में उसकी मौत की पुष्टि हुई।
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पोस्टमार्टम के बाद शव गांव पहुंचा तो पिता ने पुलिस पर पीट-पीटकर हत्या करने का आरोप लगाया। घरवालों और ग्रामीणों ने शव के अंतिम संस्कार से इन्कार कर दिया। एसडीएम पट्टी सुनील कुमार और सीओ प्रदीप सिंह परिजनों को मनाते रहे। दोपहर करीब तीन बजे परिजनों ने शव का अंतिम संस्कार किया। एसडीएम पट्टी सुनील कुमार ने बताया कि परिजनों ने शव को दफना दिया है।
बैरिकेडिंग की गई, लगाई गई पुलिस
पुलिस प्रशासन ने मृतक के घर के आसपास दस स्थानों पर बैरिकेडिंग कर रखी थी। भीम आर्मी और आजाद समाज पार्टी के कार्यकर्ताओं को चार किमी पहले ही रोका गया। पदाधिकारी और कार्यकर्ता पैदल चलकर पीड़ित परिजनों से मिलने पहुंचे। वहीं, गांव में मंगलवार को भी आसपुर देवसरा, पट्टी, कंधई, दिलीपपुर, कंधई, रानीगंज समेत 10 थानों की फोर्स तैनात रही।
बढ़ रहा तनाव, मुश्किल में पुलिस
पुलिस हिरासत में अर्जुन की मौत के बाद मामले को शांत करने के लिए पुलिस प्रशासन ने पिता लल्लू की तहरीर पर किशोरी के पिता व भाई के साथ अज्ञात पुलिस वालों के खिलाफ हत्या और एससी-एसटी की प्राथमिकी दर्ज की है। इस वजह से किशोरी पक्ष के लोगों में भी आक्रोश बढ़ा है। पुलिस भी की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं।
अंतिम संस्कार के लिए बांस काटते नजर आए पुलिस कर्मी
शव का जल्द से जल्द अंतिम संस्कार हो सके इसके लिए पुलिस कर्मी खुद ही बांस काटते नजर आए। ग्राम प्रशासक पर दबाव बनाकर गड्ढा खुदवाया गया।
मानवाधिकार आयोग में अर्जुन की मौत की शिकायत
पुलिस हिरासत में हुई अर्जुन की मौत की शिकायत उत्तर प्रदेश राज्य मानवाधिकार आयोग में की गई है। सगरा निवासी अधिवक्ता शिवम शुक्ला ने कोतवाली परिसर में सुरक्षा मानकों की अनदेखी की बात भी शिकायत में लिखी है।
शिवम शुक्ला ने शिकायती पत्र में डीके बासु बनाम पश्चिम बंगाल राज्य केस का हवाला देते हुए कहा कि पुलिस हिरासत में रखे गए अर्जुन की सुरक्षा व पूछताछ में सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन का पालन न करने का जिक्र किया है।
उन्होंने बताया कि मानवाधिकार आयोग के नियम के अनुसार पुलिस हिरासत में मौत के 24 घंटे के अंदर प्राथमिकी दर्ज करने के साथ निष्पक्ष मजिस्ट्रियल जांच होनी चाहिए। उन्होंने सीसीटीवी फुटेज को संरक्षित करते हुए एसआईटी जांच कराने की मांग आयोग से की है।

पट्टी कोतवाली के मोलनापुर गांव जाने वाले मार्ग पर पुलिस द्वारा लगाया गया बैरियर। संवाद

पट्टी कोतवाली के मोलनापुर गांव जाने वाले मार्ग पर पुलिस द्वारा लगाया गया बैरियर। संवाद

पट्टी कोतवाली के मोलनापुर गांव जाने वाले मार्ग पर पुलिस द्वारा लगाया गया बैरियर। संवाद