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गोली मारने के बाद मांगी जा रही रंगदारी, खौफ में व्यापारी
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जिले के आसपुर देवसरा इलाके में व्यापारियों को गोली मारने व रंगदारी मांगने का सिलसिला थम नहीं रहा है। इससे व्यापारी खौफ में जीने को मजबूर हैं। लॉकडाउन के दौर में भी बदमाशों के हौसले बुलंद हैं और पुलिस उन तक पहुंच नहीं पा रही है।
आसपुर देवसरा थाना क्षेत्र के सेमराडीह निवासी बाबूराम अग्रहरि किराना व्यापारी है। उसे 14 अप्रैल को घर के करीब गोली मारी गई थी। उपचार कराकर घर लौटने के दूसरे दिन इंटरनेट कालिंग के जरिए बाबूराम को धमकी देते हुए रंगदारी मांगी गई। फोन करने वाले ने खुद को जौनपुर जेल में निरुद्ध शातिर बदमाश भोलू बताया। कहा कि रुपये का जल्द से जल्द इंतजाम कर लो। अन्यथा जान देकर कीमत चुकानी पड़ेगी। रंगदारी मांगने वालों को पकड़ना तो दूर गोली मारने वाले बदमाशों तक भी देवसरा पुलिस नहीं पहुंची। जिससे व्यापारी के परिजन खौफ में जीने को मजबूर हैं। हर बार की तरह पुलिस केवल दावा कर रही है कि वह रंगदारी मांगने व गोली मारने वाले बदमाशों की तलाश में लगी हुई है।
दूसरी ओर बदमाशों ने पुलिस को चुनौती देते हुए उदईशाहपुर अमरगढ़ बाजार के बड़े व्यापारी आनंद मोहन ओझा उर्फ भुअर को धमकी देते हुए फिर 18 अपैल 2020 को रंगदारी मांगी। इसके पहले आंनद मोहन से 13 अप्रैल 2018 को रंगदारी मांगी गई थी। दुकान के भीतर फायरिंग भी हो चुकी है। जिसमें व्यापारी बाल-बाल बचा था। अमरगढ़, सैफाबाद समेत जौनपुर की सीमा पर व्यापार करने वाले व्यापारियों से लगातार रंगदारी मांगी जाती रही है। हैरत की बात यह है कि आनंद मोहन रंगदारी मांगने की धमकी के बाद पलायन करने की ठान लिए थे, लेकिन पुलिस अफसरों के समझाने व सुरक्षा देने पर वह नहीं गए। व्यापारी का पूरा परिवार दिन रात सहमा रहता है। रंगदारी की धमकी मिलने के बाद पुलिस ने मुकदमा जरूर दर्ज कर लिया। चर्चाओं पर यकीन करें तो इलाके के कई ऐसे व्यापारी हैं जो अपनी जान खतरे में डालने के बजाय रंगदारी मांगने वाले बदमाशों की इच्छाओं को पूरा भी कर दिया। पुलिस को भनक तक नहीं लगी।
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आसपुर देवसरा थाना क्षेत्र के सेमराडीह निवासी बाबूराम अग्रहरि किराना व्यापारी है। उसे 14 अप्रैल को घर के करीब गोली मारी गई थी। उपचार कराकर घर लौटने के दूसरे दिन इंटरनेट कालिंग के जरिए बाबूराम को धमकी देते हुए रंगदारी मांगी गई। फोन करने वाले ने खुद को जौनपुर जेल में निरुद्ध शातिर बदमाश भोलू बताया। कहा कि रुपये का जल्द से जल्द इंतजाम कर लो। अन्यथा जान देकर कीमत चुकानी पड़ेगी। रंगदारी मांगने वालों को पकड़ना तो दूर गोली मारने वाले बदमाशों तक भी देवसरा पुलिस नहीं पहुंची। जिससे व्यापारी के परिजन खौफ में जीने को मजबूर हैं। हर बार की तरह पुलिस केवल दावा कर रही है कि वह रंगदारी मांगने व गोली मारने वाले बदमाशों की तलाश में लगी हुई है।
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दूसरी ओर बदमाशों ने पुलिस को चुनौती देते हुए उदईशाहपुर अमरगढ़ बाजार के बड़े व्यापारी आनंद मोहन ओझा उर्फ भुअर को धमकी देते हुए फिर 18 अपैल 2020 को रंगदारी मांगी। इसके पहले आंनद मोहन से 13 अप्रैल 2018 को रंगदारी मांगी गई थी। दुकान के भीतर फायरिंग भी हो चुकी है। जिसमें व्यापारी बाल-बाल बचा था। अमरगढ़, सैफाबाद समेत जौनपुर की सीमा पर व्यापार करने वाले व्यापारियों से लगातार रंगदारी मांगी जाती रही है। हैरत की बात यह है कि आनंद मोहन रंगदारी मांगने की धमकी के बाद पलायन करने की ठान लिए थे, लेकिन पुलिस अफसरों के समझाने व सुरक्षा देने पर वह नहीं गए। व्यापारी का पूरा परिवार दिन रात सहमा रहता है। रंगदारी की धमकी मिलने के बाद पुलिस ने मुकदमा जरूर दर्ज कर लिया। चर्चाओं पर यकीन करें तो इलाके के कई ऐसे व्यापारी हैं जो अपनी जान खतरे में डालने के बजाय रंगदारी मांगने वाले बदमाशों की इच्छाओं को पूरा भी कर दिया। पुलिस को भनक तक नहीं लगी।
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