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खाते नंबर के फेर में फंसी पेंशन
अमर उजाला ब्यूरो प्रतापगढ़
Updated Sat, 07 Feb 2015 11:24 PM IST
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समाजवादी पेंशन के लिए करीब चार हजार पात्रों की परेशानी बढ़ गई है। आवेदन के समय पति या परिवार के अन्य सदस्यों का खाता नंबर दे दिया था। पेंशन के लिए इन्हें अपना खाता नंबर देना था। खुद के नाम के बैंक खाते का नंबर नहीं देने पर पेंशन नहीं मिलेगी।
कुछ माह पहले समाजवादी पेंशन के लिए पात्रों की खोज में प्रशासन जुटा था। किसी तरह अफसरों ने पात्रता सूची तैयार की थी। सूची बनी तो डीएम अमृत त्रिपाठी के निर्देश पर पात्रता का सत्यापन कराया गया। अपात्रों को लाभ नहीं मिले इसके लिए प्रशासन ने एहतियात बरता। निर्धारित लक्ष्य के मुताबिक करीब 70 हजार पात्रों की लिस्ट बनाई गई। इन पात्रों से सीबीएस बैंक का स्वंय का खाता नंबर मांगा गया। सभी ने खाता नंबर अधिकारियों को दे दिए। आनलाइन फीडिंग के बाद बैंक खाता नंबर और पात्रों के नाम का मिलान किया गया।
लखनऊ में हुए इस कार्य के दौरान करीब चार हजार लोग ऐसे मिले जिन्होंने पति या पत्नी के नाम खुला खाता नंबर दे रखा था। अपात्रों के खाते में पैसा जाने के भय से अफसरों ने इन खातों में पेंशन नहीं भेजने का निर्णय लिया है। अपने नाम का बैंक अकाउंट नंबर अब पात्र ब्लॉक में एडीओ पंचायत, समाज कल्याण या विकास भवन स्थित समाज कल्याण कार्यालय में दे सकते हैं। ध्यान यह देना है कि खाता नंबर सीबीएस बैंक का ही होना चाहिए। जिला समाज कल्याण अधिकारी प्रवीण कुमार सिंह का कहना है कि जिन पात्रों ने परिवार के दूसरे व्यक्तियों का खाता नंबर दिया है उन्हें सुधार होने तक पेंशन नहीं मिलेगी।
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कुछ माह पहले समाजवादी पेंशन के लिए पात्रों की खोज में प्रशासन जुटा था। किसी तरह अफसरों ने पात्रता सूची तैयार की थी। सूची बनी तो डीएम अमृत त्रिपाठी के निर्देश पर पात्रता का सत्यापन कराया गया। अपात्रों को लाभ नहीं मिले इसके लिए प्रशासन ने एहतियात बरता। निर्धारित लक्ष्य के मुताबिक करीब 70 हजार पात्रों की लिस्ट बनाई गई। इन पात्रों से सीबीएस बैंक का स्वंय का खाता नंबर मांगा गया। सभी ने खाता नंबर अधिकारियों को दे दिए। आनलाइन फीडिंग के बाद बैंक खाता नंबर और पात्रों के नाम का मिलान किया गया।
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लखनऊ में हुए इस कार्य के दौरान करीब चार हजार लोग ऐसे मिले जिन्होंने पति या पत्नी के नाम खुला खाता नंबर दे रखा था। अपात्रों के खाते में पैसा जाने के भय से अफसरों ने इन खातों में पेंशन नहीं भेजने का निर्णय लिया है। अपने नाम का बैंक अकाउंट नंबर अब पात्र ब्लॉक में एडीओ पंचायत, समाज कल्याण या विकास भवन स्थित समाज कल्याण कार्यालय में दे सकते हैं। ध्यान यह देना है कि खाता नंबर सीबीएस बैंक का ही होना चाहिए। जिला समाज कल्याण अधिकारी प्रवीण कुमार सिंह का कहना है कि जिन पात्रों ने परिवार के दूसरे व्यक्तियों का खाता नंबर दिया है उन्हें सुधार होने तक पेंशन नहीं मिलेगी।
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