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नहीं पता चला मौत का कारण, बिसरा सुरक्षित
Pratapgarh
Updated Fri, 24 Jan 2014 05:43 AM IST
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मानधाता थाना क्षेत्र के पूरे पंगुल शिवरा गांव निवासी उमाशंकर (28) की मौत का कारण पता नहीं चल सका। उसका शव 36 दिन बाद कब्र से खोदकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया था। पोस्टमार्टम करने वाले डाक्टरों ने उसका बिसरा सुरक्षित कर लिया है।
उदयशंकर की मौत 17 दिसंबर 2013 को हो गई थी। परिजनाें ने उसका शव बकुलाही नदी किनारे दफना दिया था। उसके मरने से पहले की उसकी पत्नी सुनीता अपने बच्चों के साथ मायके इलाहाबाद जाकर रहने लगी थी। पति की मौत के बाद वह घर पहुंची और जेठ व अन्य परिवारीजनाें पर हत्या का आरोप लगाने लगी। कोर्ट के आदेश पर जेठ सहित 17 लोगाें के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज की गई और एसडीएम सदर संजय कुमार खत्री के आदेश पर उसका शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। गुरुवार को पोस्टमार्टम में डाक्टर को गुर्दा और आंत बेहद जर्जर हालत में मिले। काफी समय बीतने के कारण दोनों गल गए थे। ऐसे में डाक्टर को मौत का कारण नहीं पता चल सका।
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उदयशंकर की मौत 17 दिसंबर 2013 को हो गई थी। परिजनाें ने उसका शव बकुलाही नदी किनारे दफना दिया था। उसके मरने से पहले की उसकी पत्नी सुनीता अपने बच्चों के साथ मायके इलाहाबाद जाकर रहने लगी थी। पति की मौत के बाद वह घर पहुंची और जेठ व अन्य परिवारीजनाें पर हत्या का आरोप लगाने लगी। कोर्ट के आदेश पर जेठ सहित 17 लोगाें के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज की गई और एसडीएम सदर संजय कुमार खत्री के आदेश पर उसका शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। गुरुवार को पोस्टमार्टम में डाक्टर को गुर्दा और आंत बेहद जर्जर हालत में मिले। काफी समय बीतने के कारण दोनों गल गए थे। ऐसे में डाक्टर को मौत का कारण नहीं पता चल सका।
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