{"_id":"10-22534","slug":"Pratapgarh-22534-10","type":"story","status":"publish","title_hn":"मिट्टी से सोने तक की हुई खरीद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मिट्टी से सोने तक की हुई खरीद
Pratapgarh
Updated Mon, 12 Nov 2012 12:00 PM IST
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प्रतापगढ़। धनतेरस के दिन बेल्हा की बाजारों में ऐसा लगा मानो कुबेर ने खजाना खोल दिया। लक्ष्मी की कृपा के आगे महंगाई ने भी घुटने टेक दिए। बाजार में हर घंटे ढाई करोड़ का व्यापार हुआ। लोगों ने मिट्टी से लेकर सोना तक खरीदा। बर्तन, ज्वेलरी व इलेक्ट्रानिक सामानों की दुकानों पर भारी भीड़ रही। लग्जरी गाड़ियों के साथ ही कार और बाइकों के शोरूम में भी लोग पहले की गई बुकिंग के आधार पर सामान लेने पहुंचे। पहले बुक न हो पाने के कारण हालांकि कुछ लोगों को निराश लौटना पड़ा। परंपरा का निर्वहन करने के लिए भी लोगों ने बर्तनों की दुकानों पर पहुंचकर खरीददारी की। धनतेरस के दिन बाजार में लोगों की भारी भीड़ मौजूद थी। करीब 25 से 30 करोड़ के बीच में सामानों की बिक्री हुई है।
सोने पर छाई महंगाई के बावजूद इसकी खरीद पर कोई असर नहीं पड़ा। छोटी-बड़ी दुकानों पर महिलाओं की भीड़ जमा रही। उच्चवर्गीय परिवार जहां सोना-चांदी खरीद रहे थे वहीं मध्यमवर्ग के लोग गहनेे आदि बनवा रहे थे। सोने व चांदी के सिक्कों के साथ ही अन्य सामानों की खरीद की गई। व्यापारियों ने बताया कि इस बार 12 करोड़ से अधिक का व्यापार हुआ है।
चौक ठठेरी बाजार, पंजाबी मर्केट, बाबागंज, अंबेडकर चौराहा समेत कस्बों के बर्तनों की दुकानों पर लोगों की भारी भीड़ जमा रही। गरीब-अमीर दोनों अपनी जरूरत के हिसाब से इसकी खरीदारी कर रहे थे। गिलास, लोटा, थाली, प्लेट, स्टील की टंकी समेत अन्य सामान खूब बिके। ठठेरी बाजार के व्यापारी दिनेश सिंह दिन्नू ने बताया कि इस बार 50 से 55 लाख के बीचबर्तनों की बिक्री हुई।
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धनतेरस के दिन इलेक्ट्रिानिक सामानों की धूम रही। कंप्यूटर, लैपटाप, फ्रिज, वाशिंग मशीन, टीवी की दुकानों पर लोग इन सामानों की खरीदारी करते नजर आए। चौक स्थित एक लैपटाप व्यापारी मुकेश चतुर्वेदी ने बताया कि उसने धनतेरस के दिन 25 लैपटाप छह लाख रुपये में बेचे। उसने बताया कि इसके साथ कम्प्यूटर की बिक्री मिलाकर साढ़े सात लाख रुपये हो जाएगा। इसके अलावा टीवी की दुकानों पर भी भारी भीड़ लोगों की नजर आई।
रसोई गैस के सिलेंडरों में कटौती ने इस बार धनतेरस में लोगों को इंडक्शन चूल्हे की ओर मोड़ दिया। दुकानों पर गैस चूल्हा, स्टोव आदि की बिक्री तो हुई, लेकिन सबसे ज्यादा इंडक्शन चूल्हे बिके। बिजली से चलने वाले इन टच स्क्रीन चूल्हों की खासियत समझने के साथ लोगों ने बिजली खर्च ब्योरा लिया और फिर 1400 से 2400 तक की कीमत के इंडक्शन खरीदने को प्राथमिकता दी।
धनतेरस के दिन कपड़ों के शोरूम में भी लोगों की भीड़ रही। कचहरी के समीप स्थित वी मार्ट में रविवार सुबह से देर रात तक खरीददारी का दौर चलता रहा। सबसे अधिक लोग पंजाबी मार्केट और जीजीआईसी के समीप एक कपड़े की दुकान पर जमे थे। फलमंडी में स्थित आमिर की दुकान से ब्रांडेड पोशाक खरीदने के लिए लोगों की भीड़ लगी थी। महिलाओं के साथ युवा भी ब्रांडेड कपड़े खरीदने में लगे हुए थे।
धनतेरस के दिन बाजारों में गहमागहमी रही। दुकानों पर लोगों की भीड़ होने से सड़कें जाम हो गईं थीं। इलाहाबाद- फैजाबाद राजमार्ग पर छोटे और बड़े वाहनों के आवागमन पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया गया था। पंजाबी मार्केट, फलमंडी और श्रीराम तिराहे की तरफ चारपहिया वाहनों के जाने पर भी प्रतिबंध लगा दिया गया था। पुलिस यातायात नियंत्रित कर रही थी, इसके बावजूद दुकानों पर भीड़ लगने के कारण लोगों को आने जाने में दिक्कत का सामना करना पड़ रहा था।
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सोने पर छाई महंगाई के बावजूद इसकी खरीद पर कोई असर नहीं पड़ा। छोटी-बड़ी दुकानों पर महिलाओं की भीड़ जमा रही। उच्चवर्गीय परिवार जहां सोना-चांदी खरीद रहे थे वहीं मध्यमवर्ग के लोग गहनेे आदि बनवा रहे थे। सोने व चांदी के सिक्कों के साथ ही अन्य सामानों की खरीद की गई। व्यापारियों ने बताया कि इस बार 12 करोड़ से अधिक का व्यापार हुआ है।
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चौक ठठेरी बाजार, पंजाबी मर्केट, बाबागंज, अंबेडकर चौराहा समेत कस्बों के बर्तनों की दुकानों पर लोगों की भारी भीड़ जमा रही। गरीब-अमीर दोनों अपनी जरूरत के हिसाब से इसकी खरीदारी कर रहे थे। गिलास, लोटा, थाली, प्लेट, स्टील की टंकी समेत अन्य सामान खूब बिके। ठठेरी बाजार के व्यापारी दिनेश सिंह दिन्नू ने बताया कि इस बार 50 से 55 लाख के बीचबर्तनों की बिक्री हुई।
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धनतेरस के दिन इलेक्ट्रिानिक सामानों की धूम रही। कंप्यूटर, लैपटाप, फ्रिज, वाशिंग मशीन, टीवी की दुकानों पर लोग इन सामानों की खरीदारी करते नजर आए। चौक स्थित एक लैपटाप व्यापारी मुकेश चतुर्वेदी ने बताया कि उसने धनतेरस के दिन 25 लैपटाप छह लाख रुपये में बेचे। उसने बताया कि इसके साथ कम्प्यूटर की बिक्री मिलाकर साढ़े सात लाख रुपये हो जाएगा। इसके अलावा टीवी की दुकानों पर भी भारी भीड़ लोगों की नजर आई।
रसोई गैस के सिलेंडरों में कटौती ने इस बार धनतेरस में लोगों को इंडक्शन चूल्हे की ओर मोड़ दिया। दुकानों पर गैस चूल्हा, स्टोव आदि की बिक्री तो हुई, लेकिन सबसे ज्यादा इंडक्शन चूल्हे बिके। बिजली से चलने वाले इन टच स्क्रीन चूल्हों की खासियत समझने के साथ लोगों ने बिजली खर्च ब्योरा लिया और फिर 1400 से 2400 तक की कीमत के इंडक्शन खरीदने को प्राथमिकता दी।
धनतेरस के दिन कपड़ों के शोरूम में भी लोगों की भीड़ रही। कचहरी के समीप स्थित वी मार्ट में रविवार सुबह से देर रात तक खरीददारी का दौर चलता रहा। सबसे अधिक लोग पंजाबी मार्केट और जीजीआईसी के समीप एक कपड़े की दुकान पर जमे थे। फलमंडी में स्थित आमिर की दुकान से ब्रांडेड पोशाक खरीदने के लिए लोगों की भीड़ लगी थी। महिलाओं के साथ युवा भी ब्रांडेड कपड़े खरीदने में लगे हुए थे।
धनतेरस के दिन बाजारों में गहमागहमी रही। दुकानों पर लोगों की भीड़ होने से सड़कें जाम हो गईं थीं। इलाहाबाद- फैजाबाद राजमार्ग पर छोटे और बड़े वाहनों के आवागमन पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया गया था। पंजाबी मार्केट, फलमंडी और श्रीराम तिराहे की तरफ चारपहिया वाहनों के जाने पर भी प्रतिबंध लगा दिया गया था। पुलिस यातायात नियंत्रित कर रही थी, इसके बावजूद दुकानों पर भीड़ लगने के कारण लोगों को आने जाने में दिक्कत का सामना करना पड़ रहा था।