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नहीं हैं यंत्र, कैसे मापेंगे ध्वनि प्रदूषण
Updated Tue, 16 Jan 2018 06:41 PM IST
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प्रतापगढ़। धार्मिक स्थलों पर लाउडस्पीकर बजाने को लेकर हाईकोर्ट के आदेश बाद स्थानीय प्रशासन कार्रवाई करने की तैयारी कर रहा है। जिले में लगभग 1499 लोगों ने लाउडस्पीकर बजाने की अनुमति देने के लिए आवेदन किया है। इनकी जांच चल रही है। खास बात यह है कि आवेदन पत्रों की जांच करने के लिए मौके पर पहुंचनी वाली टीमों के खाली हाथ हैं। टीम के पास ध्वनि मापक यंत्र नहीं हैं। ऐसे में कैसे तय किया जाएगा कि लाउडस्पीकर से ध्वनि प्रदूषण हो रहा है कि नहीं।
धार्मिक स्थलों पर 15 जनवरी को ही लाउडस्पीकर बजाने की परमिशन लेने की समय सीमा खत्म हो चुकी है। मंगलवार को प्रशासन धार्मिक स्थलों से लाउडस्पीकर उतरवाने की कवायद में जुट गया। हालांकि मंगलवार को अवकाश होने के कारण इस अभियान को गति नहीं दी जा सकी। जिन धार्मिक स्थलों पर लाउडस्पीकर बजाने के लिए एसडीएम के पास प्रार्थना पत्र नहीं दिए गए हैं, वहां के लाउडस्पीकर उतरवाए जाएंगे। जहां के आवेदन मिले हैं वहां की जांच पुलिस और राजस्व विभाग की टीम करेगी। आवेदन पत्रों की जांच करने वाली टीम के पास ध्वनि मापक यंत्र नहीं था।
धार्मिक स्थलों पर लाउडस्पीकर बजाने के लिए तहसीलों में प्रार्थना पत्र दिए गए हैं। अधिकारियों ने पुलिस व राजस्व विभाग की संयुक्त टीम से प्रार्थना पत्रों की जांच कराकर अनुमति देने की बात कही थी, लेकिन ऐसा नहीं हो रहा है। शहर से लेकर गांव में निरीक्षण करने के लिए केवल पुलिसकर्मी ही पहुंच रहे हैं। राजस्व विभाग की टीम नदारद है। प्रभारी नगर कोतवाल ने बताया कि सौ से अधिक प्रार्थना पत्र मिले हैं। इनकी जांच करने के लिए संबंधित पुलिस चौकी को दिया गया है। धार्मिक स्थलों के जिम्मेदारों को इस बात की जानकारी दी जा रही है कि वे लोग लाउडस्पीकर का इस्तेमाल करते समय यह ख्याल रखें कि मानक से अधिक ध्वनि न निकल रही हो। वहीं अपर जिलाधिकारी सोमदत्त मौर्य का कहना है कि शहर और गांवों में धार्मिक स्थलों से लाउडस्पीकर उतरवाने का अभियान प्रारंभ हो गया है। ध्वनि मापक यंत्र नहीं मिले हैं। ध्वनि की माप प्रशासन अपने विवेक से तय करेगा। जल्द ही नगर पालिका और नगर पंचायतों से ध्वनि मापक यंत्र क्रय करने के लिए पत्र भेजा जाएगा। अनुमति से अधिक ध्वनि पर पहले चेतावनी दी जाएगी। इसके बाद खिलाफ कार्रवाई होगी।
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धार्मिक स्थलों पर 15 जनवरी को ही लाउडस्पीकर बजाने की परमिशन लेने की समय सीमा खत्म हो चुकी है। मंगलवार को प्रशासन धार्मिक स्थलों से लाउडस्पीकर उतरवाने की कवायद में जुट गया। हालांकि मंगलवार को अवकाश होने के कारण इस अभियान को गति नहीं दी जा सकी। जिन धार्मिक स्थलों पर लाउडस्पीकर बजाने के लिए एसडीएम के पास प्रार्थना पत्र नहीं दिए गए हैं, वहां के लाउडस्पीकर उतरवाए जाएंगे। जहां के आवेदन मिले हैं वहां की जांच पुलिस और राजस्व विभाग की टीम करेगी। आवेदन पत्रों की जांच करने वाली टीम के पास ध्वनि मापक यंत्र नहीं था।
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धार्मिक स्थलों पर लाउडस्पीकर बजाने के लिए तहसीलों में प्रार्थना पत्र दिए गए हैं। अधिकारियों ने पुलिस व राजस्व विभाग की संयुक्त टीम से प्रार्थना पत्रों की जांच कराकर अनुमति देने की बात कही थी, लेकिन ऐसा नहीं हो रहा है। शहर से लेकर गांव में निरीक्षण करने के लिए केवल पुलिसकर्मी ही पहुंच रहे हैं। राजस्व विभाग की टीम नदारद है। प्रभारी नगर कोतवाल ने बताया कि सौ से अधिक प्रार्थना पत्र मिले हैं। इनकी जांच करने के लिए संबंधित पुलिस चौकी को दिया गया है। धार्मिक स्थलों के जिम्मेदारों को इस बात की जानकारी दी जा रही है कि वे लोग लाउडस्पीकर का इस्तेमाल करते समय यह ख्याल रखें कि मानक से अधिक ध्वनि न निकल रही हो। वहीं अपर जिलाधिकारी सोमदत्त मौर्य का कहना है कि शहर और गांवों में धार्मिक स्थलों से लाउडस्पीकर उतरवाने का अभियान प्रारंभ हो गया है। ध्वनि मापक यंत्र नहीं मिले हैं। ध्वनि की माप प्रशासन अपने विवेक से तय करेगा। जल्द ही नगर पालिका और नगर पंचायतों से ध्वनि मापक यंत्र क्रय करने के लिए पत्र भेजा जाएगा। अनुमति से अधिक ध्वनि पर पहले चेतावनी दी जाएगी। इसके बाद खिलाफ कार्रवाई होगी।
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