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घपले में फंसे जिले के 23 प्रधान
Updated Mon, 10 Sep 2018 11:50 PM IST
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घपले में फंसे जिले के 23 ग्राम प्रधान
विकास कार्य हुए नहीं, और निकल गए रुपये
अफसरों की जांच में हुआ खुलासा, ग्राम पंचायत पर गिर चुकी है गाज
अमर उजाला ब्यूरो
प्रतापगढ़। गांव में विकास कार्य कराने के लिए आए धन का बंदरबांट करने में जिले के 23 प्रधानों को चिन्हित किया गया है। इसमें से सबसे अधिक शौचालय की धनराशि का बंदरबांट किया गया है। अफसरों की जांच में इस बात का खुलासा होने पर अब एफआईआर की तलवार लटक रही है। फिलहाल शीर्ष अधिकारियों का इशारा मिलना बाकी है।
जिले की 1255 ग्राम पंचायतों में विकास कार्य के लिए प्रतिमाह करोड़ों रुपये का भुगतान किया जा रहा है। ग्राम पंचायतों पर अफसरों का प्रभावी नियंत्रण नहीं होने से ग्राम प्रधान इसका दुरुपयोग कर रहे हैं। चौहदवें वित्त आयोग, राज्य वित्त आयोग, मनरेगा और शौचालय निर्माण के लिए जो धनराशि ग्राम पंचायतों को भेजा जा रहा है, उसमें पुराने कार्यों को नया दिखाकर भुगतान करा लिया जा रहा है। वास्तव में विकास कार्यों का मखौल उड़ाया जा रहा है। जो धनराशि मिल रही है, उससे गांव का नहीं, बल्कि अपना विकास कर रहे हैं। शीर्ष अधिकारियों के निर्देश पर हुई जांच में खुलासा हुआ कि 23 ग्राम पंचायतों में विकास कार्य के लिए भेजी गई धनराशि का दुरुपयोग किया गया है। इनमें से अधिकांश प्रधान ऐसे हैं, जिन्होंने शौचालय की धनराशि में गोलमाल किया है। फिलहाल इन प्रधानों को कार्रवाई की भनक लगते ही अभियान तेजी से चलाया जा रहा है। फिलहाल अधिकारी अब माफी देने के मूड में नहीं है, बल्कि इन लोगों को सबक सिखाने की तैयारी कर लिए हैं।
इनसेट-
225 में सिर्फ 56 तैयार हुए शौचालय
जिले के लक्ष्मणपुर विकास खंड के ग्राम पंचायत गाबीमहुआवन में 225 शौचालयों का निर्माण करने के लिए धनराशि मिली हुई थी। बीडीसी सदस्य शादिया बेगम का आरोप है कि गांव में अभी तक मात्र 56 शौचालय का निर्माण हुआ है, और 225 शौचालय के लिए रुपये निकालकर प्रधान और ग्राम पंचायत अधिकारी ने बंदरबांट कर लिया है।
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इनसेट-
नरहरपट्टी में 12.84 लाख घपला
मानधाता विकास खंड के नरहरपट्टी ग्राम पंचायत में 107 शौचालयों का निर्माण कराने के लिए 12.94 लाख रुपये का घपला किया गया है। गांव में एक भी शौचालय का निर्माण नहीं हुआ है, और पूरी रकम निकल गई है। यह खेल ग्राम प्रधान और सचिव ने मिलकर किया है।
इनसेट-
शौचालय के साथ फोटो खिंचाइए और आठ हजार ले जाइए
सदर विकास खंड के भीलमपुर ग्राम पचायत में दोनों हाथों से लूट मची है। अगर आपके पास पुराना शौचालय है, तो फोटो खिंचाइए और आठ हजार रुपये ले जाइए। आलम यह है कि किसी को भी शौचालय बनाने के लिए दस हजार नहीं दिए जा रहे हैं। मनरेगा के कर्मचारियों से शौचालय बनवाया जा रहा है।
वर्जन-------
जिले के 23 प्रधानों ने विकास कार्यो में हेरफेर किया है, जांच में इन प्रधानों का नाम सामने आया है, जल्द ही इन प्रधानों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई जाएगी।
उमाकांत पांडेय, डीपीआरओ
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विकास कार्य हुए नहीं, और निकल गए रुपये
अफसरों की जांच में हुआ खुलासा, ग्राम पंचायत पर गिर चुकी है गाज
अमर उजाला ब्यूरो
प्रतापगढ़। गांव में विकास कार्य कराने के लिए आए धन का बंदरबांट करने में जिले के 23 प्रधानों को चिन्हित किया गया है। इसमें से सबसे अधिक शौचालय की धनराशि का बंदरबांट किया गया है। अफसरों की जांच में इस बात का खुलासा होने पर अब एफआईआर की तलवार लटक रही है। फिलहाल शीर्ष अधिकारियों का इशारा मिलना बाकी है।
जिले की 1255 ग्राम पंचायतों में विकास कार्य के लिए प्रतिमाह करोड़ों रुपये का भुगतान किया जा रहा है। ग्राम पंचायतों पर अफसरों का प्रभावी नियंत्रण नहीं होने से ग्राम प्रधान इसका दुरुपयोग कर रहे हैं। चौहदवें वित्त आयोग, राज्य वित्त आयोग, मनरेगा और शौचालय निर्माण के लिए जो धनराशि ग्राम पंचायतों को भेजा जा रहा है, उसमें पुराने कार्यों को नया दिखाकर भुगतान करा लिया जा रहा है। वास्तव में विकास कार्यों का मखौल उड़ाया जा रहा है। जो धनराशि मिल रही है, उससे गांव का नहीं, बल्कि अपना विकास कर रहे हैं। शीर्ष अधिकारियों के निर्देश पर हुई जांच में खुलासा हुआ कि 23 ग्राम पंचायतों में विकास कार्य के लिए भेजी गई धनराशि का दुरुपयोग किया गया है। इनमें से अधिकांश प्रधान ऐसे हैं, जिन्होंने शौचालय की धनराशि में गोलमाल किया है। फिलहाल इन प्रधानों को कार्रवाई की भनक लगते ही अभियान तेजी से चलाया जा रहा है। फिलहाल अधिकारी अब माफी देने के मूड में नहीं है, बल्कि इन लोगों को सबक सिखाने की तैयारी कर लिए हैं।
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225 में सिर्फ 56 तैयार हुए शौचालय
जिले के लक्ष्मणपुर विकास खंड के ग्राम पंचायत गाबीमहुआवन में 225 शौचालयों का निर्माण करने के लिए धनराशि मिली हुई थी। बीडीसी सदस्य शादिया बेगम का आरोप है कि गांव में अभी तक मात्र 56 शौचालय का निर्माण हुआ है, और 225 शौचालय के लिए रुपये निकालकर प्रधान और ग्राम पंचायत अधिकारी ने बंदरबांट कर लिया है।
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नरहरपट्टी में 12.84 लाख घपला
मानधाता विकास खंड के नरहरपट्टी ग्राम पंचायत में 107 शौचालयों का निर्माण कराने के लिए 12.94 लाख रुपये का घपला किया गया है। गांव में एक भी शौचालय का निर्माण नहीं हुआ है, और पूरी रकम निकल गई है। यह खेल ग्राम प्रधान और सचिव ने मिलकर किया है।
इनसेट-
शौचालय के साथ फोटो खिंचाइए और आठ हजार ले जाइए
सदर विकास खंड के भीलमपुर ग्राम पचायत में दोनों हाथों से लूट मची है। अगर आपके पास पुराना शौचालय है, तो फोटो खिंचाइए और आठ हजार रुपये ले जाइए। आलम यह है कि किसी को भी शौचालय बनाने के लिए दस हजार नहीं दिए जा रहे हैं। मनरेगा के कर्मचारियों से शौचालय बनवाया जा रहा है।
वर्जन-------
जिले के 23 प्रधानों ने विकास कार्यो में हेरफेर किया है, जांच में इन प्रधानों का नाम सामने आया है, जल्द ही इन प्रधानों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई जाएगी।
उमाकांत पांडेय, डीपीआरओ