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बेल्हा के 31,432 लोग दिल्ली, मुंबई और सूरत में ले रहे राशन
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rasan card
जिले में 31,432 लोग ऐसे हैं, जो जिले के साथ ही दिल्ली, मुंबई, सूरत और पंजाब में रहकर भी राशन ले रहे हैं। इसका खुलासा इंटर स्टेट डुप्लीकेसी में आधारकार्ड के जरिए हुआ है। शासन ने इन लोगों के नाम, गांव और दुकान के नाम की सूची उपलब्ध कराते हुए परिवार की यूनिट से बाहर करने के लिए कहा है। अभी तक अंतर जनपदीय डुप्लीकेसी की जांच हो रही थी। अब दूसरे राज्यों की जांच की जा रही है।
जिले में सार्वजनिक वितरण प्रणाली के जरिए प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के तहत मुफ्त राशन और पात्र गृहस्थी के तहत दो रुपये प्रति किग्रा गेहूं और तीन रुपये प्रति किग्रा की दर से चावल का वितरण किया जाता है। जिले में 24,12,569 लोग प्रतिमाह कोटेदारों से राशन प्राप्त कर रहे हैं। शासन विभाग को गुमराह कर राशन लेने वालों पर लगातार शिकंजा कस रहा है।
अंतर्जनपदीय जांच में 41,456 ऐसे लोगों को पकड़ा था, जो जिले के साथ ही जौनपुर, अमेठी और सुल्तानपुर सहित अन्य जिलों में भी राशन ले रहे थे। शासन के निर्देश के बाद ऐसे लोगों को सूची से बाहर कर दिया गया था। अब इंटर स्टेट डुप्लीकेसी जांच में 31,432 ऐसे लोग सामने आए हैं जो जिले के साथ मुंबई, सूरत, दिल्ली, हरियाणा, पंजाब में रहकर सरकारी राशन ले रहे हैं। दरअसल, ये लोग रहने वाले जिले के हैं, मगर नौकरी के सिलसिले में बाहर रहते हैं। दोनों जगहों पर राशनकार्ड बनवा रखा है।
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परिवार के एक सदस्य के अगूंठा लगाने पर मिलता है राशन
कोटेदारों से राशन प्राप्त करने के लिए एक राशनकार्ड में शामिल यूनिट का एक व्यक्ति ही अंगूठा लगता है। उसमें चाहे परिवार का मुखिया हो या कोई अन्य सदस्य। अपना अगूंठा लगाकर कोटेदार से राशन प्राप्त कर सकता है। इसमें यही खेल हो रहा था। दरअसल, बाहर रहने वाले लोग अपना अंगूठा नहीं लगाते हैं, बल्कि परिवार का कोई सदस्य अंगूठा लगाकर कोटेदार से राशन प्राप्त कर लेता है।
इंटर स्टेट डुप्लीकेसी में जिन लोगों की पहचान हुई है, उनका सत्यापन कराकर राशनकार्ड से नाम बाहर किया जाएगा। इससे जिले के अन्य पात्रों को जोड़ने का मौका मिलेगा। एसके पांडेय, एआरओ
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जिले में सार्वजनिक वितरण प्रणाली के जरिए प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के तहत मुफ्त राशन और पात्र गृहस्थी के तहत दो रुपये प्रति किग्रा गेहूं और तीन रुपये प्रति किग्रा की दर से चावल का वितरण किया जाता है। जिले में 24,12,569 लोग प्रतिमाह कोटेदारों से राशन प्राप्त कर रहे हैं। शासन विभाग को गुमराह कर राशन लेने वालों पर लगातार शिकंजा कस रहा है।
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अंतर्जनपदीय जांच में 41,456 ऐसे लोगों को पकड़ा था, जो जिले के साथ ही जौनपुर, अमेठी और सुल्तानपुर सहित अन्य जिलों में भी राशन ले रहे थे। शासन के निर्देश के बाद ऐसे लोगों को सूची से बाहर कर दिया गया था। अब इंटर स्टेट डुप्लीकेसी जांच में 31,432 ऐसे लोग सामने आए हैं जो जिले के साथ मुंबई, सूरत, दिल्ली, हरियाणा, पंजाब में रहकर सरकारी राशन ले रहे हैं। दरअसल, ये लोग रहने वाले जिले के हैं, मगर नौकरी के सिलसिले में बाहर रहते हैं। दोनों जगहों पर राशनकार्ड बनवा रखा है।
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परिवार के एक सदस्य के अगूंठा लगाने पर मिलता है राशन
कोटेदारों से राशन प्राप्त करने के लिए एक राशनकार्ड में शामिल यूनिट का एक व्यक्ति ही अंगूठा लगता है। उसमें चाहे परिवार का मुखिया हो या कोई अन्य सदस्य। अपना अगूंठा लगाकर कोटेदार से राशन प्राप्त कर सकता है। इसमें यही खेल हो रहा था। दरअसल, बाहर रहने वाले लोग अपना अंगूठा नहीं लगाते हैं, बल्कि परिवार का कोई सदस्य अंगूठा लगाकर कोटेदार से राशन प्राप्त कर लेता है।
इंटर स्टेट डुप्लीकेसी में जिन लोगों की पहचान हुई है, उनका सत्यापन कराकर राशनकार्ड से नाम बाहर किया जाएगा। इससे जिले के अन्य पात्रों को जोड़ने का मौका मिलेगा। एसके पांडेय, एआरओ