फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Pratapgarh News ›   चोटी बचाने के लिए चौकीदार बनेंगे पहरुए

चोटी बचाने के लिए चौकीदार बनेंगे पहरुए

Sat, 05 Aug 2017 07:04 PM IST
Updated Sat, 05 Aug 2017 07:04 PM IST
विज्ञापन
चोटी बचाने के लिए चौकीदार बनेंगे पहरुए
प्रतापगढ़। प्रदेश के दूसरे जिलों के बाद अब बेल्हा में भी महिलाओं की चोटी काटने की अफवाह जोर पकड़ती जा रही है। ऐसे में प्रशासन भी चोटी काटने को लेकर फैल रही अफवाह और ऐसी घटनाओं की रोकथाम के लिए चौकीदार से लेकर संभ्रांत लोगों की मदद लेने की तैयारी में है। इसके लिए सभी थानेदारों को अलर्ट कर दिया गया है।
विज्ञापन


जिले में तीन महिलाओं की चोटी काटने का प्रकरण पुलिस व प्रशासन के सामने आ चुका है। हालांकि पुलिस को इन घटनाओं में कोई सच्चाई सामने नहीं दिख रही है। इसके बावजूद अफवाहों का बाजार गर्म है। ऐसे में आला अफसरों ने अफवाहों पर ब्रेक लगाने के लिए थानेदारों को अलर्ट कर दिया है। प्रदेश के डीजीपी से लेकर पुलिस अधीक्षक बार-बार दावा कर रहे कि कोई भी चोटी काटने वाली डायन नहीं है। यह केवल फर्जी अफवाह है। अफवाह फैलाने वाले लोगोें के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए चौकीदार से लेकर पुलिसमित्र तक की मदद ली जा रही है। थानेदारों के जरिए सभी चौकीदारों को निर्देश दिया गया है कि यदि उनके गांव में ऐसी कोई भी घटना सामने आती है तो वे हकीकत का पता लगाएं और तत्काल जानकारी दें। यदि चाय पान की दुकानों पर लोग ऐसी अफवाहों को हकीकत बताते हुए ग्रामीणों को खौफजदा करें तो ऐसे लोगों का तत्काल नाम पता बताया जाए। घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय पुलिस गांव के संभ्रांत लोगों के साथ मौके पर पहुंचे और हकीकत का पता करे ताकि अफवाहों को विराम देने में मदद मिल सके। अपर पुलिस अधीक्षक पूर्वी राजकुमार अग्रवाल ने बताया कि सभी थानेदारों को अलर्ट कर दिया गया है। गांव के लोगों से तालमेल बनाकर इस तरह की घटनाओं की हकीकत का पता लगाएं और फौरी कार्रवाई भी करें। यदि कोई गलत अफवाह फैलाता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
विज्ञापन


किसी को आदमी का साया दिख रहा है तो किसी को बिल्ली की शक्ल। इन अफवाहों के बीच पिछले कुछ दिनों से तेजी से चोटी कटने की घटनाएं सुनने को मिल रहीं हैं। इसे लेकर महिलाओं में खासी दहशत है। इसके साथ चौराहों व गलियों की दुकानों पर भी चर्चाएं आम हो चलीं हैं। जिले के बुद्धिजीवी इसे कोरी अफवाह बता रहे हैं। कहते हैं कि ऐसी घटनाओं से समाज में अंधविश्वास को बढ़ावा मिलेगा और शरारती तत्वों को प्रोत्साहन देने का काम किया जाएगा। बेहतर होगा कि इस तरह की घटनाओं की चर्चा ही न की जाए। बल्कि लोगों को अंधविश्वास के प्रति जागरूक किया जाए।
विज्ञापन
विज्ञापन


बेल्हा में कुुंडा के बाद लालगंज और पट्टी क्षेत्र में तीन महिलाओं के चोटी कटने की अफवाह ने लोगों के भीतर चोटी गैंग का खौफ पैदा कर दिया है। महिलाओं के चोटी काटने की अफवाह राजस्थान से शुरू होकर आगरा, मुरादाबाद, मथुरा होते हुए लखनऊ के बाद बेल्हा पहुंच चुकी है। लालगंज व पट्टी की महिलाएं चोटी कटने का दावा भले कर रहीं हैं लेकिन किसी ने भी चोटी काटने वाले को नहीं देखा। अलबत्ता इन अफवाहों से लोग इक्कीसवीं सदी में भी टोने टोटके में उलझ गए हैं। चोटी काटने वाली कथित डायन से बचने के लिए कोई हल्दी का सहारा ले रहा है तो कोई झाडफूंक कराने के लिए तांत्रिक के पास पहुंच रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed