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आरईएस से निर्मित इंटरलॉकिंग दिखाकर 2.10 लाख का फर्जीवाड़ा
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मानधाता ब्लॉक में प्रधानों में फर्जीवाड़ा करने की होड़ लगी हुई है। ब्लॉक में लंबे समय से स्थायी बीडीओ नहीं होने से वीडीओ और प्रधान बगैर विकास कार्य कराए ही सरकारी धन का बंदरबांट कर रहे हैं। ऐसा ही एक मामला ग्राम पंचायत छतौना में प्रकाश में आया है। आरईएस ने जिस इंटरलॉकिंग के रुपये का भुगतान लिया था, उसी इंटरलॉकिंग पर प्रधान ने 2,10,512 रुपये का भुगतान लेकर बंदरबांट कर ली है।
विकास खंड मानधाता की सरायदेवराय ग्राम पंचायत में आरईएस ने मुख्यमंत्री त्वरित आर्थिक विकास योजना के तहत इंटरलॉकिंग का निर्माण कराया था। बगल की ग्राम पंचायत छतौना के प्रधान और वीडीओ ने 27 जुलाई को जियो टैग कर पूर्व में बनी इंटरलॉकिंग का निर्माण कराने के नाम पर 2,10512 रुपये का भुगतान कर लिया। इसकी भनक ग्रामसभा छतौना के पूर्व प्रधान मनोज कुमार सरोज को लगी, तो उन्होंने इसकी शिकायत बीडीओ से की।
मामला गंभीर होने पर उन्होंने तत्काल एडीओ पंचायत हरिशंकर पटेल के नेतृत्व में तीन सदस्यीय टीम गठित कर जांच करने के लिए मौके पर भेजा। जांच टीम ने जब फर्जीवाड़ा उजागर किया तो अफसरों के होश उड़ गए। प्रभारी बीडीओ आरसी शर्मा ने बताया कि जांच रिपोर्ट मिली है। प्रधान और सचिव को नोटिस भेजकर स्पष्टीकरण मांगा गया है।
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विकास खंड मानधाता की सरायदेवराय ग्राम पंचायत में आरईएस ने मुख्यमंत्री त्वरित आर्थिक विकास योजना के तहत इंटरलॉकिंग का निर्माण कराया था। बगल की ग्राम पंचायत छतौना के प्रधान और वीडीओ ने 27 जुलाई को जियो टैग कर पूर्व में बनी इंटरलॉकिंग का निर्माण कराने के नाम पर 2,10512 रुपये का भुगतान कर लिया। इसकी भनक ग्रामसभा छतौना के पूर्व प्रधान मनोज कुमार सरोज को लगी, तो उन्होंने इसकी शिकायत बीडीओ से की।
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मामला गंभीर होने पर उन्होंने तत्काल एडीओ पंचायत हरिशंकर पटेल के नेतृत्व में तीन सदस्यीय टीम गठित कर जांच करने के लिए मौके पर भेजा। जांच टीम ने जब फर्जीवाड़ा उजागर किया तो अफसरों के होश उड़ गए। प्रभारी बीडीओ आरसी शर्मा ने बताया कि जांच रिपोर्ट मिली है। प्रधान और सचिव को नोटिस भेजकर स्पष्टीकरण मांगा गया है।
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