{"_id":"5a410f7e4f1c1bfc0f8b5e28","slug":"171514213246-pratapgarh-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"खाद-बीज लेने वाले 30,147 किसानों का कर्जा होगा माफ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
खाद-बीज लेने वाले 30,147 किसानों का कर्जा होगा माफ
Updated Mon, 25 Dec 2017 08:17 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
प्रतापगढ़। जिले की साधन सहकारी समितियों से खाद और बीज लेने वाले 30,147 किसानों के लिए खुशखबरी है। फसल नष्ट होने के बाद ऋण की अदायगी नहीं करने वाले किसानों का एक लाख तक का कर्ज माफ किया जाएगा। नए साल के जनवरी माह में किसानों को यह तोहफा मिल सकता है।
जिले 30,147 किसान ऐसे थे, जिन्होंने की कुल 172 साधन समितियों से खाद और बीज के लिए कर्ज लिया। हालांकि मौसम के दगा देने के कारण किसानों को ऐसा झटका लगा कि वह किश्त का भुगतान नहीं कर पाए। ऐसे किसानों को अब तोहफा देने की तैयारी है। राष्ट्रीयकृत बैकों से कर्ज लेने वाले किसानों को राहत देने के बाद अब साधन सहकारी समितियों से ऋण लेने वाले किसानों को का कर्ज माफ किया जाएगा। खाद और बीज के लिए कर्ज लेने वाले किसानों का कर्ज माफ करने के लिए 23,60,51,000 रुपये की मांग की गई है। इन किसानों का कर्जा माफ करने के लिए शासन ने बैंकों को भी भागीदार बनाया है। किसानों के कर्ज का 75 प्रतिशत हिस्सा शासन वहन करेगा, जबकि 25 प्रतिशत रकम की भरपाई बैंक करेगा। यह ऋणमाफी ब्याज और मूलधन मिलाकर किया जाएगा। हालांकि इस योजना के तहत किसानों का अधिकतम एक लाख रुपये तक ही माफ किया जाएगा। अगर मूलधन और ब्याज मिलाकर एक लाख रुपये से अधिक होता है, तो एक लाख रुपये माफ कर दिए जाएंगे, और बची रकम किसानों को बैंक में जमा करनी होगी।
राष्ट्रीयकृत बैंकों से केसीसी का ऋण लेने वाले 44,752 किसानों का कर्ज माफ किया जा चुका है। इस ऋणमाफी में अभी तक 250.12 करोड़ रुपये की राहत मिल चुकी है। नए साल में इतने ही और किसानों को राहत मिलने की संभावना व्यक्त की जा रही है। वहीं एलडीएम का कहना है कि साधन सहकारी बैंकों से कर्ज लेने वाले किसानों के आधार नंबर की फीडिंग की जा रही है। अभी तक 12,973 किसानों के आधार की फीडिंग हो चुकी है। बगैर आधार फीड हुए ऋणमाफी का लाभ नहीं मिलेगा। जिन किसानों का आधार नंबर फीड हो गया है, उनको जनवरी माह में कर्जमाफी का प्रमाणपत्र वितरित किया जाएगा। महाप्रबंधक , जिला सहकारी बैंक ने बताया कि चिह्नित किसानों का आधार नंबर मंगाकर फीड कराया जा रहा है। जिन किसानों के आधार में गड़बड़ी है उसे ठीक कराने को कहा गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
जिले 30,147 किसान ऐसे थे, जिन्होंने की कुल 172 साधन समितियों से खाद और बीज के लिए कर्ज लिया। हालांकि मौसम के दगा देने के कारण किसानों को ऐसा झटका लगा कि वह किश्त का भुगतान नहीं कर पाए। ऐसे किसानों को अब तोहफा देने की तैयारी है। राष्ट्रीयकृत बैकों से कर्ज लेने वाले किसानों को राहत देने के बाद अब साधन सहकारी समितियों से ऋण लेने वाले किसानों को का कर्ज माफ किया जाएगा। खाद और बीज के लिए कर्ज लेने वाले किसानों का कर्ज माफ करने के लिए 23,60,51,000 रुपये की मांग की गई है। इन किसानों का कर्जा माफ करने के लिए शासन ने बैंकों को भी भागीदार बनाया है। किसानों के कर्ज का 75 प्रतिशत हिस्सा शासन वहन करेगा, जबकि 25 प्रतिशत रकम की भरपाई बैंक करेगा। यह ऋणमाफी ब्याज और मूलधन मिलाकर किया जाएगा। हालांकि इस योजना के तहत किसानों का अधिकतम एक लाख रुपये तक ही माफ किया जाएगा। अगर मूलधन और ब्याज मिलाकर एक लाख रुपये से अधिक होता है, तो एक लाख रुपये माफ कर दिए जाएंगे, और बची रकम किसानों को बैंक में जमा करनी होगी।
विज्ञापन
राष्ट्रीयकृत बैंकों से केसीसी का ऋण लेने वाले 44,752 किसानों का कर्ज माफ किया जा चुका है। इस ऋणमाफी में अभी तक 250.12 करोड़ रुपये की राहत मिल चुकी है। नए साल में इतने ही और किसानों को राहत मिलने की संभावना व्यक्त की जा रही है। वहीं एलडीएम का कहना है कि साधन सहकारी बैंकों से कर्ज लेने वाले किसानों के आधार नंबर की फीडिंग की जा रही है। अभी तक 12,973 किसानों के आधार की फीडिंग हो चुकी है। बगैर आधार फीड हुए ऋणमाफी का लाभ नहीं मिलेगा। जिन किसानों का आधार नंबर फीड हो गया है, उनको जनवरी माह में कर्जमाफी का प्रमाणपत्र वितरित किया जाएगा। महाप्रबंधक , जिला सहकारी बैंक ने बताया कि चिह्नित किसानों का आधार नंबर मंगाकर फीड कराया जा रहा है। जिन किसानों के आधार में गड़बड़ी है उसे ठीक कराने को कहा गया है।
विज्ञापन