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सचिवों की लापरवाही की सजा भुगत रहे 13,411 किसान

Tue, 25 Dec 2018 01:41 AM IST
shailendra Kumar अमर उजाला ब्यूरो, प्रतापगढ़
अमर उजाला ब्यूरो, प्रतापगढ़ Published by: shailendra Kumar Updated Tue, 25 Dec 2018 01:41 AM IST
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13,411 farmers facing punishment for negligence of secretaries
किसान - फोटो : Social Media

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 जिले के 172 साधन सहकारी समितियों की लापरवाही का खामियाजा किसानों को भुगतना पड़ रहा है। बकाएदारों का डाटा नहीं भेजने से जिले के 13,411 किसान कर्जमाफी से वंचित रह गए हैं। हालांकि समितियों 12,737 किसानों को कर्जमाफी का लाभ मिल चुका है।

साधन सहकारी समितियों से कर्ज पर खाद और बीज लेने वाले किसानों का योगी सरकार ने एक लाख रुपये तक कर्ज माफ करने का फैसला किया था। शासन के  रिपोर्ट मांगने पर अधिकारियों ने साधन सहकारी समितियों पर तैनात सचिवों न ने जिले के 12,737 किसानों का डाटा भेजने पर 12.70 करोड़ रुपये का कर्ज तो माफ हो गया। मगर 13,411 किसानों का कर्जमाफी का लाभ इसलिए नहीं मिला कि उनका डाटा ही नहीं भेजा गया था। विभागीय अफसरों ने जब बकाएदारों की सूची निकाल कर तहकीकात करना शुरू किया तो पता चला कि सचिवों ने इन बकाएदारों का नाम ही छोड़ दिया है। हालांकि दूसरे चरण में छूटे हुए किसानों को डाटा भेजा गया, मगर पांच माह से कर्जमाफी पोर्टल निष्क्रिय बना हुआ है। इससे पीड़ित किसान कभी सचिव, तो कभी विभाग का चक्कर लगा रहे हैं। कर्जमाफी का पोर्टल निष्क्रिय होने के कारण दिन -प्रतिदिन  निराश होते जा रहे हैं। फिलहाल अधिकारी दिलासा दे रहे हैं, कि मार्च तक उनका कर्ज अवश्य माफ हो जाएगा।   
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3,523 किसानों ने नहीं दिया अभी तक आधार  
जिले के  3,523 किसानों ने आज तक आधार कार्ड का नंबर नहीं दिया है। इससे कर्जमाफी के दौर से वंचित हैं। इनमें अधिकांश किसान बुजुर्ग होने के कारण उनके अंगुलियों के निशान कंप्यूटर पर नहीं आते हैं, जिससे उनका आधार कार्ड नहीं बन पा रहा है।
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मृतक किसानों का कर्ज माफ कराने नहीं आ रहा कोई  

मृतक किसानों का कर्ज माफ कराने के लिए कोई पहल नहीं कर रहा है। दरअसल, मृतक किसान के अगर चार बेटे हैं तो उनमें एक बेटे को जिम्मेदार बनाकर ही कर्ज माफी की सूची में नाम डाला जा सकता है। मगर उन चार बेटों में कोई एक जिम्मेदारी लेने को तैयार नहीं हो रहा है। इससे कर्जमाफी का लाभ नहीं मिल पा रहा है।


छूटे हुए किसानों का कर्ज माफ करने के लिए 13,411 किसानों का डाटा आनलाइन तैयार किया गया है। मगर कर्जमाफी पोर्टल निष्क्रिय होने के कारण अभी कर्ज माफ नहीं हो पा रहा है। उम्मीद है कि मार्च माह में कर्जमाफी का लाभ मिल जाएगा।  
धर्मराज सिंह, महाप्रबंधक, जिला सहकारी बैंक।
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