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बाबागंज ब्लाक के एकाउंटेंट, दो वीडीओ के वेतन से होगी 12 लाख की वसूली
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12 lakh recovery from the salary of accountant and two VDOs of Babaganj block
प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) में 12 लाख रुपये के घपले के आरोपी बाबागंज ब्लॉक के एकाउंटेंट और दो ग्राम विकास अधिकारियों के वेतन से 12 लाख रुपये की रिकवरी की जाएगी। यह धनराशि फर्जी लोगों के नाम से निकाल ली गई थी। पीडी की जांच में गांव में उस नाम के लाभार्थी नहीं मिले थे।
जिले के बाबागंज विकास खंड की ग्राम पंचायत लरू में प्रधानमंत्री आवास (ग्रामीण) में धांधली की शिकायत पर तत्कालीन परियोजना निदेशक दयाराम यादव ने जांच कराई थी। इस दौरान खुलासा हुआ कि एकाउंटेंट और दो वीडीओ ने मिलकर फर्जी तरीके से 12 लाख रुपये निकाल लिए। जिन लाभार्थियों के नाम से रुपये निकाले गए थे, उस नाम के व्यक्ति गांव में नहीं थे। 12 आवासों के 12 लाख रुपये खाते में ट्रांसफर करने के बाद कर्मचारियों ने मिलकर बंदरबांट कर लिया।
अंतिम किस्त के भुगतान से पहले मामले का खुलासा होने पर अधिकारियों ने वसूली का नोटिस जारी किया तो वीडीओ ने अपने को निर्दोष बताते हुए हाईकोर्ट में अपील कर रिकवरी के लिए जारी नोटिस रद्द करने की मांग की, मगर हाईकोर्ट ने अपना पक्ष अधिकारियों के समक्ष रखने का निर्देश दिया।
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अधिकारियों ने तीनों आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने के बाद तत्कालीन एकाउंटेंट ओंकारनाथ सिंह से 5.60 लाख, तत्कालीन ग्राम विकास अधिकारी नरेश कुमार से 5.60 लाख, सुशील कुमार जायसवाल से 80 हजार रुपये की रिकवरी का नोटिस जारी कर वेतन से कटौती करना प्रारंभ कर दिया है।
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जिले के बाबागंज विकास खंड की ग्राम पंचायत लरू में प्रधानमंत्री आवास (ग्रामीण) में धांधली की शिकायत पर तत्कालीन परियोजना निदेशक दयाराम यादव ने जांच कराई थी। इस दौरान खुलासा हुआ कि एकाउंटेंट और दो वीडीओ ने मिलकर फर्जी तरीके से 12 लाख रुपये निकाल लिए। जिन लाभार्थियों के नाम से रुपये निकाले गए थे, उस नाम के व्यक्ति गांव में नहीं थे। 12 आवासों के 12 लाख रुपये खाते में ट्रांसफर करने के बाद कर्मचारियों ने मिलकर बंदरबांट कर लिया।
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अंतिम किस्त के भुगतान से पहले मामले का खुलासा होने पर अधिकारियों ने वसूली का नोटिस जारी किया तो वीडीओ ने अपने को निर्दोष बताते हुए हाईकोर्ट में अपील कर रिकवरी के लिए जारी नोटिस रद्द करने की मांग की, मगर हाईकोर्ट ने अपना पक्ष अधिकारियों के समक्ष रखने का निर्देश दिया।
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अधिकारियों ने तीनों आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने के बाद तत्कालीन एकाउंटेंट ओंकारनाथ सिंह से 5.60 लाख, तत्कालीन ग्राम विकास अधिकारी नरेश कुमार से 5.60 लाख, सुशील कुमार जायसवाल से 80 हजार रुपये की रिकवरी का नोटिस जारी कर वेतन से कटौती करना प्रारंभ कर दिया है।