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Pratapgarh News: सात माह में 114 नमूनों की जांच, 29 गुणवत्ता की कसौटी पर फेल
Thu, 05 Nov 2026 11:09 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, प्रतापगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, प्रतापगढ़
Updated Thu, 05 Nov 2026 11:09 PM IST
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विनोद
मिलावटखोरों पर शिकंजा कसने के लिए खाद्य सुरक्षा विभाग ने सात माह में 1223 दुकानों पर छापामारा। 203 नमूने जांच के लिए मेरठ भेजे गए। वहां की प्रयोगशाला से प्राप्त 114 रिपोर्ट में 29 खाद्य अधोमानक व छह असुरक्षित मिले, जो सेवन योग्य ही नहीं थे।
दिवाली को लेकर नवंबर माह से शुरू हुए अभियान में अब तक कुल 37 नमूने संग्रहित किए गए हैं। इन नमूनों को जांच के लिए मेरठ प्रयोगशाला भेजा गया है। चार और पांच नवंबर को भी खाद्य विभाग की टीम ने पांच दुकानों में छापामारा। टीम बूंदी के लड्डू, खोवा से तैयार मिठाई व घी के उत्पाद की जांच कर रही है।
टीम का दावा है कि खाद्य पदार्थ के अखबार व गंदे कपड़े से ढके होने, मिठाई के रंग, खोवा में मिलावट की आशंका पर नमूना संग्रहित किया जाता है। एक अप्रैल 2025 से 31 मार्च 2026 तक कुल 410 नमूने जांच के लिए भेजे गए। इनमें 344 की रिपोर्ट विभाग को मिल चुकी है। रिपोर्ट के अनुसार 134 अधोमानक व 17 असुरक्षित खाद्य पदार्थ चिह्नित किए।
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अधोमानक खाद्य पदार्थ संबंधी रिपोर्ट एडीएम कोर्ट में प्रस्तुत की गई। वहीं, असुरक्षित खाद्य पदार्थों की रिपोर्ट विभाग ने एसीजेएम कोर्ट में पेश की है। एक अप्रैल से अक्तूबर 2026 तक 203 नमूने जांच के लिए मेरठ प्रयोगशाला भेजे गए थे।
दुकानदारों के लिए एडवाइजरी
खुले में न रखें खाद्य पदार्थ
मिठाइयों को कांच के ढक्कन से ढकें
गंदे कपड़े व अखबार का इस्तेमाल न करें
खाद्य पदार्थ में केमिकल की मिलावट न करें
चिकित्सकों की सलाह
फिजिशियन डॉ. अनुज चौरसिया ने बताया कि अधिकांश मिठाइयों में वसा की मात्रा अधिक होती है। इससे कोलेस्ट्रॉल की समस्या होती है। मिठाइयों में रंग की अधिक मात्रा में पाई जाती है। इसके सेवन से उल्टी-दस्त की समस्या हो सकती है। चांदी वर्क वाली मिठाइयों के सेवन से हड्डियों में दर्द होता है। उन्होंने बताया कि कम मात्रा में मिठाई का सेवन करें। शुगर के मरीजों को मिठाई का बिल्कुल सेवन नहीं करना चाहिए।
बिना एक्सपायरी डेट लिखे बेच रहे मिठाई
दिवाली पर मिठाई की मांग बढ़ते ही दुकानदारों की चांदी हो गई है। शासन ने 15 अक्तूबर से मिठाई के डिब्बे पर एक्सपायरी डेट लिखने का निर्देश दिया है। बावजूद इसके अधिकांश दुकानदार बिना एक्सपायरी डेट लिखे डिब्बे में मिठाई बेच रहे हैं।
शहर के अंबेडकर चौराहा के दुकानदार सुनील मौर्य ने बताया कि डिब्बे में स्टीकर लगाने के लिए आर्डर किया गया है। स्टीकर लगे मिठाई के डिब्बे बिक्री किए जाएंगे। एसपी ऑफिस के समीप स्थित दुकानदार विनोद कुमार ने स्टीकर वाले डिब्बे का आर्डर किया गया है।
1500 रुपये किग्रा तक मिल रही मिठाई
बाजार में दो सौ से 1500 रुपये तक मिठाई उपलब्ध है। गिफ्ट पैक वाली मिठाई भी बाजार में उपलब्ध है। गिफ्ट पैक 700 रुपये तक है। लड्डू का मूल्य 200 रुपये है। जबकि देसी घी वाले लड्डू का मूल्य 600 रुपये है। गिफ्ट पैकेट में ड्राई फ्रूट्स रखे गए हैं।
मिठाई खरीदने से पहले उसका स्वाद जरूर लेना चाहिए। स्वाद खट्टा लगने पर मिठाई न खरीदें। दुकानों में छापामारा जा रहा है। लोगों को भी सतर्क रहने की जरूरत है।-अभय सिंह, अभिहित अधिकारी, खाद्य सुरक्षा विभाग
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दिवाली को लेकर नवंबर माह से शुरू हुए अभियान में अब तक कुल 37 नमूने संग्रहित किए गए हैं। इन नमूनों को जांच के लिए मेरठ प्रयोगशाला भेजा गया है। चार और पांच नवंबर को भी खाद्य विभाग की टीम ने पांच दुकानों में छापामारा। टीम बूंदी के लड्डू, खोवा से तैयार मिठाई व घी के उत्पाद की जांच कर रही है।
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टीम का दावा है कि खाद्य पदार्थ के अखबार व गंदे कपड़े से ढके होने, मिठाई के रंग, खोवा में मिलावट की आशंका पर नमूना संग्रहित किया जाता है। एक अप्रैल 2025 से 31 मार्च 2026 तक कुल 410 नमूने जांच के लिए भेजे गए। इनमें 344 की रिपोर्ट विभाग को मिल चुकी है। रिपोर्ट के अनुसार 134 अधोमानक व 17 असुरक्षित खाद्य पदार्थ चिह्नित किए।
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अधोमानक खाद्य पदार्थ संबंधी रिपोर्ट एडीएम कोर्ट में प्रस्तुत की गई। वहीं, असुरक्षित खाद्य पदार्थों की रिपोर्ट विभाग ने एसीजेएम कोर्ट में पेश की है। एक अप्रैल से अक्तूबर 2026 तक 203 नमूने जांच के लिए मेरठ प्रयोगशाला भेजे गए थे।
दुकानदारों के लिए एडवाइजरी
खुले में न रखें खाद्य पदार्थ
मिठाइयों को कांच के ढक्कन से ढकें
गंदे कपड़े व अखबार का इस्तेमाल न करें
खाद्य पदार्थ में केमिकल की मिलावट न करें
चिकित्सकों की सलाह
फिजिशियन डॉ. अनुज चौरसिया ने बताया कि अधिकांश मिठाइयों में वसा की मात्रा अधिक होती है। इससे कोलेस्ट्रॉल की समस्या होती है। मिठाइयों में रंग की अधिक मात्रा में पाई जाती है। इसके सेवन से उल्टी-दस्त की समस्या हो सकती है। चांदी वर्क वाली मिठाइयों के सेवन से हड्डियों में दर्द होता है। उन्होंने बताया कि कम मात्रा में मिठाई का सेवन करें। शुगर के मरीजों को मिठाई का बिल्कुल सेवन नहीं करना चाहिए।
बिना एक्सपायरी डेट लिखे बेच रहे मिठाई
दिवाली पर मिठाई की मांग बढ़ते ही दुकानदारों की चांदी हो गई है। शासन ने 15 अक्तूबर से मिठाई के डिब्बे पर एक्सपायरी डेट लिखने का निर्देश दिया है। बावजूद इसके अधिकांश दुकानदार बिना एक्सपायरी डेट लिखे डिब्बे में मिठाई बेच रहे हैं।
शहर के अंबेडकर चौराहा के दुकानदार सुनील मौर्य ने बताया कि डिब्बे में स्टीकर लगाने के लिए आर्डर किया गया है। स्टीकर लगे मिठाई के डिब्बे बिक्री किए जाएंगे। एसपी ऑफिस के समीप स्थित दुकानदार विनोद कुमार ने स्टीकर वाले डिब्बे का आर्डर किया गया है।
1500 रुपये किग्रा तक मिल रही मिठाई
बाजार में दो सौ से 1500 रुपये तक मिठाई उपलब्ध है। गिफ्ट पैक वाली मिठाई भी बाजार में उपलब्ध है। गिफ्ट पैक 700 रुपये तक है। लड्डू का मूल्य 200 रुपये है। जबकि देसी घी वाले लड्डू का मूल्य 600 रुपये है। गिफ्ट पैकेट में ड्राई फ्रूट्स रखे गए हैं।
मिठाई खरीदने से पहले उसका स्वाद जरूर लेना चाहिए। स्वाद खट्टा लगने पर मिठाई न खरीदें। दुकानों में छापामारा जा रहा है। लोगों को भी सतर्क रहने की जरूरत है।-अभय सिंह, अभिहित अधिकारी, खाद्य सुरक्षा विभाग

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