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Pratapgarh News: पीएम किसान सम्मान निधि के घपले में 1,07,802 फर्जी लाभार्थी चिह्नित
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27 अगस्त को प्रकाशित पीडीएफ।
जिले में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना में हुए 3.15 अरब रुपये के घपले में शामिल 1,07,802 फर्जी लाभार्थियों के नाम जांच के बाद सामने आए हैं। पहले चरण की जांच रिपोर्ट में सभी फर्जी लाभार्थी गैर जनपद के पाए गए हैं।
इनका डाटा चिह्नित कर कृषि मंत्रालय ने वेबसाइट पर अपलोड कर दिया है। इधर, कृषि मंत्रालय के निर्देश पर अब सूबे के सभी जिलों में फर्जीवाड़े की जांच होगी। जिला कृषि विभाग फर्जीवाड़े में शामिल लोगों से रिकवरी की तैयारी में है।
उप कृषि निदेशक अश्विनी कुमार सिंह की तहरीर पर 26 अगस्त को साइबर थाने में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के फर्जीवाड़े में शामिल लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी।
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पुलिस की यह कार्रवाई कृषि निदेशालय, केंद्रीय सतर्कता और पुलिस विभाग की अलग-अलग जांच के बाद हुई थी। प्राथमिकी दर्ज होने के बाद कृषि निदेशालय ने पत्र जारी कर फर्जीवाड़े में शामिल लोगों का डाटा तलब किया था। प्रतापगढ़ एकमात्र ऐसा जिला है, जहां पहले चरण में फर्जीवाड़े में शामिल लोगों का डाटा विभाग के पोर्टल पर अपलोड किया गया है। इसमें शामिल सभी फर्जी लाभार्थी प्रयागराज, कौशाम्बी, सुल्तानपुर और अमेठी के पाए गए।
घट गए जिले में लाभार्थी
जिले में पीएम किसान सम्मान निधि के 5.18 लाख लाभार्थी थे। मगर अब 24वीं किस्त करीब चार लाख किसानों को ही मिलेगी। विभाग की जांच का दायरा बढ़ता है तो लाभार्थियों की संख्या और भी कम हो सकती है।
कृषि मंत्रालय की निगरानी में अपलोड हुई सूची
विभागीय अधिकारियों ने फर्जीवाड़े में शामिल लोगों का डाटा अपलोड किया है। 10-10 हजार के स्लॉट में इसे अपलोड किया गया है।
सूबे के सभी जिलों में शुरू हुई जांच प्रक्रिया
प्रतापगढ़ में हुए व्यापक फर्जीवाड़े को देखते हुए कृषि मंत्रालय नई दिल्ली के संयुक्त निदेशक ने सप्ताहभर पहले प्रदेश के सभी जिलों के डीएम को पत्र लिखकर पात्र लाभार्थियों की संख्या बताने और जांच के निर्देश दिए थे। इसके बाद फर्जीवाड़े में शामिल लोगों का डाटा अपलोड करने को कहा गया है।
वर्जन:-
फर्जीवाड़े में शामिल 1,07,802 लोगों का नाम पहले चरण में सामने आया है। जिनके खाते में धनराशि का भुगतान किया गया है। इनका डाटा कृषि निदेशालय की वेबसाइट पर अपलोड कर दिया गया है। - अश्विनी कुमार सिंह, उप कृषि निदेशक
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इनका डाटा चिह्नित कर कृषि मंत्रालय ने वेबसाइट पर अपलोड कर दिया है। इधर, कृषि मंत्रालय के निर्देश पर अब सूबे के सभी जिलों में फर्जीवाड़े की जांच होगी। जिला कृषि विभाग फर्जीवाड़े में शामिल लोगों से रिकवरी की तैयारी में है।
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उप कृषि निदेशक अश्विनी कुमार सिंह की तहरीर पर 26 अगस्त को साइबर थाने में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के फर्जीवाड़े में शामिल लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी।
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पुलिस की यह कार्रवाई कृषि निदेशालय, केंद्रीय सतर्कता और पुलिस विभाग की अलग-अलग जांच के बाद हुई थी। प्राथमिकी दर्ज होने के बाद कृषि निदेशालय ने पत्र जारी कर फर्जीवाड़े में शामिल लोगों का डाटा तलब किया था। प्रतापगढ़ एकमात्र ऐसा जिला है, जहां पहले चरण में फर्जीवाड़े में शामिल लोगों का डाटा विभाग के पोर्टल पर अपलोड किया गया है। इसमें शामिल सभी फर्जी लाभार्थी प्रयागराज, कौशाम्बी, सुल्तानपुर और अमेठी के पाए गए।
घट गए जिले में लाभार्थी
जिले में पीएम किसान सम्मान निधि के 5.18 लाख लाभार्थी थे। मगर अब 24वीं किस्त करीब चार लाख किसानों को ही मिलेगी। विभाग की जांच का दायरा बढ़ता है तो लाभार्थियों की संख्या और भी कम हो सकती है।
कृषि मंत्रालय की निगरानी में अपलोड हुई सूची
विभागीय अधिकारियों ने फर्जीवाड़े में शामिल लोगों का डाटा अपलोड किया है। 10-10 हजार के स्लॉट में इसे अपलोड किया गया है।
सूबे के सभी जिलों में शुरू हुई जांच प्रक्रिया
प्रतापगढ़ में हुए व्यापक फर्जीवाड़े को देखते हुए कृषि मंत्रालय नई दिल्ली के संयुक्त निदेशक ने सप्ताहभर पहले प्रदेश के सभी जिलों के डीएम को पत्र लिखकर पात्र लाभार्थियों की संख्या बताने और जांच के निर्देश दिए थे। इसके बाद फर्जीवाड़े में शामिल लोगों का डाटा अपलोड करने को कहा गया है।
वर्जन:-
फर्जीवाड़े में शामिल 1,07,802 लोगों का नाम पहले चरण में सामने आया है। जिनके खाते में धनराशि का भुगतान किया गया है। इनका डाटा कृषि निदेशालय की वेबसाइट पर अपलोड कर दिया गया है। - अश्विनी कुमार सिंह, उप कृषि निदेशक

27 अगस्त को प्रकाशित पीडीएफ।