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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Pilibhit News ›   Yogi government could not provide sugarcane price payment

योगी सरकार भी नहीं दिला सकी गन्ना मूल्य भुगतान

Sun, 11 Jun 2017 07:24 PM IST
ब्यूरो /पीलीभीत
ब्यूरो /पीलीभीत Updated Sun, 11 Jun 2017 07:24 PM IST
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प्रदेश की सत्ता पर काबिज होने से पूर्व भाजपा ने सरकार बनने के एक माह के अंदर बकाया गन्ना भुगतान एवं कर्ज माफी की घोषणा की थी। दोनों घोषणाएं हवा हवाई साबित हो रही हैं। जिले की मिलों पर किसानों का 87 करोड़ रुपया बकाया है जिसमें सर्वाधिक 56 करोड़ रुपया बरखेड़ा स्थित बजाज मिल पर है। चीनी मिलों ने गन्ना पेराई का शुभारंभ नवंबर माह में किया था। इस बार शासन ने पेराई के 14 दिन के अंदर भुगतान पर सख्ती भी दिखाई थी इसके बाद भी किसानों को समय से भुगतान नहीं मिला। जिले की चारों चीनी मिलों की बात करें तो शहर स्थित एलएच मिल गन्ना खरीद और भुगतान दोनों में अव्वल रही। मिल ने 1.37 करोड़ क्विंटल गन्ने की पेराई की जिसका 442.04 करोड़ रुपया गन्ना मूल्य बनता है। मिल ने 14 अप्रैल को ही सभी बकाया भुगतान कर दिया है। वहीं जिले की दोनों सहकारी मिलों में क्रमश: पूरनपुर पर 12.43 करोड़ और बीसलपुर पर 18.17 करोड़ रुपया गन्ना मूल्य बकाया है। भुगतान में सबसे फिसड्डी बरखेड़ा स्थित बजाज चीनी मिल की है। इस पर किसानों का अभी भी 56.53 करोड़ रुपया बकाया है। इस तरह दो सहकारी एक प्राइवेट चीनी मिल को मिलाकर किसानों का 87.16 करोड़ रुपया बकाया है। भाजपा की सरकार बनने पर किसानों को जल्द भुगतान की आस जगी थी लेकिन प्रशासन की सुस्ती और शासन की उपेक्षा चलते किसानों को बकाया गन्ना मूल्य नहीं मिल रहा है।
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