{"_id":"664e69a977a9d6b12b002f94","slug":"yagya-purifies-the-environment-agnihotri-pilibhit-news-c-121-1-pbt1005-116717-2024-05-23","type":"story","status":"publish","title_hn":"यज्ञ से वातावरण होता है पवित्र : अग्निहोत्री","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
यज्ञ से वातावरण होता है पवित्र : अग्निहोत्री
विज्ञापन
बीसलपुर आर्य समाज भवन में प्रवचन करते नरेंद्र अग्निहोत्री । संवाद
बीसलपुर। आगरा से आए आर्यसमाज के विद्वान डॉ. नरेंद्र अग्निहोत्री ने कहा कि सभी लोगों को यज्ञ करना चाहिए। यज्ञ से वातावरण पवित्र हो जाता है।
डॉ. नरेंद्र ने आर्यसमाज भवन में चल रहे तीन दिवसीय वार्षिकोत्सव में बुधवार को दूसरे दिन प्रवचन करते हुए कहा कि भगवान राम और श्रीकृष्ण भी रोजाना यज्ञ करते थे। जिस स्थान पर यज्ञ होता है, वह स्थान और उसके चारों ओर का स्थान पूरी तरह से पवित्र हो जाता है।
भरतपुर (राजस्थान) से पधारीं आर्यसमाज की विदुषी प्रियंका आर्या ने कहा कि सभी लोगों को वेदों का स्वाध्याय करना चाहिए। वेदों में विभिन्न प्रकार के यज्ञों का प्रावधान है। यज्ञ करने से प्राकृतिक पदार्थों का अभाव नही रहता है। बरेली से आए आर्यसमाज विद्वान नेत्रपाल ने कहा कि यज्ञ भगवान को प्रसन्न करने के लिए किए जाते हैं। यज्ञ कर भगवान को संतुष्ट किया जा सकता है।
यज्ञ करने से प्रसन्न होकर भगवान इंसान की सारी जायज इच्छाएं पूरी कर देते हैं। जय घोष, शांति पाठ और प्रसाद वितरण के साथ कार्यक्रम का समापन हो गया। इससे पहले कार्यक्रम स्थल पर यज्ञ हुआ। यज्ञ में उपस्थित सभी लोगों ने आहुतियां डालीं। इस मौके पर आर्यसमाज के सभी स्थानीय पदाधिकारी और सदस्य मौजूद थे।
विज्ञापन
विज्ञापन
डॉ. नरेंद्र ने आर्यसमाज भवन में चल रहे तीन दिवसीय वार्षिकोत्सव में बुधवार को दूसरे दिन प्रवचन करते हुए कहा कि भगवान राम और श्रीकृष्ण भी रोजाना यज्ञ करते थे। जिस स्थान पर यज्ञ होता है, वह स्थान और उसके चारों ओर का स्थान पूरी तरह से पवित्र हो जाता है।
भरतपुर (राजस्थान) से पधारीं आर्यसमाज की विदुषी प्रियंका आर्या ने कहा कि सभी लोगों को वेदों का स्वाध्याय करना चाहिए। वेदों में विभिन्न प्रकार के यज्ञों का प्रावधान है। यज्ञ करने से प्राकृतिक पदार्थों का अभाव नही रहता है। बरेली से आए आर्यसमाज विद्वान नेत्रपाल ने कहा कि यज्ञ भगवान को प्रसन्न करने के लिए किए जाते हैं। यज्ञ कर भगवान को संतुष्ट किया जा सकता है।
विज्ञापन
यज्ञ करने से प्रसन्न होकर भगवान इंसान की सारी जायज इच्छाएं पूरी कर देते हैं। जय घोष, शांति पाठ और प्रसाद वितरण के साथ कार्यक्रम का समापन हो गया। इससे पहले कार्यक्रम स्थल पर यज्ञ हुआ। यज्ञ में उपस्थित सभी लोगों ने आहुतियां डालीं। इस मौके पर आर्यसमाज के सभी स्थानीय पदाधिकारी और सदस्य मौजूद थे।

बीसलपुर आर्य समाज भवन में प्रवचन करते नरेंद्र अग्निहोत्री । संवाद
विज्ञापन