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Pilibhit News: नम आंखों से ग्रामीणों ने दोनों मजदूरों को दी अंतिम विदाई
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प्यास गांव में छाया रहा मातम, मंगलवार को देर रात शव पहुंचने पर रोते रहे परिजन
जहानाबाद। कन्नौज में हुए सड़क हादसे में जान गंवाने वाले दोनों मजदूरों निरंजन लाल और गंगाराम के शव मंगलवार रात करीब 10:30 बजे उनके पैतृक गांव प्यास में लाए गए तो परिजनों में मातम पसर गया। भीषण गर्मी के कारण शव की स्थिति खराब हो रही थी, जिस कारण देर रात में शवों का दाह संस्कार कर दिया गया। ग्रामीणों ने नम आंखों से मृतकों को अंतिम विदाई दी। बुधवार को भी पूरे गांव में मातम छाया रहा।
मृतक निरंजन लाल (30) अपने पीछे पत्नी नेहा और दो मासूम बेटों को छोड़ गए। परिवार के भरण-पोषण की जिम्मेदारी उन्हीं के कंधों पर थी। दूसरे मृतक गंगाराम (45) के परिवार में पत्नी सुखरानी और चार बेटे हैं। पिता का साया सिर से उठ जाने के बाद बच्चों का भविष्य अंधकारमय नजर आ रहा है। जानकारी के अनुसार रेलवे ठेकेदार के साथ काम करने गए सात ग्रामीण कार्य खत्म कर वापस लौट रहे थे। इसी दौरान सिकंदराऊ से कानपुर जाते समय, बिल्हौर के पास उनकी पिकअप पर बंधा जनरेटर खुल गया था। जब मजदूर नीचे उतरकर उसे बांध रहे थे। तभी एक तेज रफ्तार मिनी ट्रक ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी।
बताते हैं कि टक्कर इतनी भीषण थी कि जनरेटर के टुकड़े हो गए और पिकअप गाड़ी पलट गई। हादसे में घायल हुए अन्य मजदूरों का इलाज चल रहा है। साथी मजदूर महेंद्र पाल और कृष्णपाल घायल हुए हैं। टक्कर मारने वाले डीसीएम ट्रक का चालक रामरतन यादव भी इस हादसे में घायल हुआ है। पुलिस ने मंगलवार को पोस्टमॉर्टम की प्रक्रिया पूरी करने के बाद शव परिजनों को सौंप दिए थे। प्रशासन से अब इन गरीब परिवारों के लिए मुआवजे की मांग उठ रही है। संवाद
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जहानाबाद। कन्नौज में हुए सड़क हादसे में जान गंवाने वाले दोनों मजदूरों निरंजन लाल और गंगाराम के शव मंगलवार रात करीब 10:30 बजे उनके पैतृक गांव प्यास में लाए गए तो परिजनों में मातम पसर गया। भीषण गर्मी के कारण शव की स्थिति खराब हो रही थी, जिस कारण देर रात में शवों का दाह संस्कार कर दिया गया। ग्रामीणों ने नम आंखों से मृतकों को अंतिम विदाई दी। बुधवार को भी पूरे गांव में मातम छाया रहा।
मृतक निरंजन लाल (30) अपने पीछे पत्नी नेहा और दो मासूम बेटों को छोड़ गए। परिवार के भरण-पोषण की जिम्मेदारी उन्हीं के कंधों पर थी। दूसरे मृतक गंगाराम (45) के परिवार में पत्नी सुखरानी और चार बेटे हैं। पिता का साया सिर से उठ जाने के बाद बच्चों का भविष्य अंधकारमय नजर आ रहा है। जानकारी के अनुसार रेलवे ठेकेदार के साथ काम करने गए सात ग्रामीण कार्य खत्म कर वापस लौट रहे थे। इसी दौरान सिकंदराऊ से कानपुर जाते समय, बिल्हौर के पास उनकी पिकअप पर बंधा जनरेटर खुल गया था। जब मजदूर नीचे उतरकर उसे बांध रहे थे। तभी एक तेज रफ्तार मिनी ट्रक ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी।
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बताते हैं कि टक्कर इतनी भीषण थी कि जनरेटर के टुकड़े हो गए और पिकअप गाड़ी पलट गई। हादसे में घायल हुए अन्य मजदूरों का इलाज चल रहा है। साथी मजदूर महेंद्र पाल और कृष्णपाल घायल हुए हैं। टक्कर मारने वाले डीसीएम ट्रक का चालक रामरतन यादव भी इस हादसे में घायल हुआ है। पुलिस ने मंगलवार को पोस्टमॉर्टम की प्रक्रिया पूरी करने के बाद शव परिजनों को सौंप दिए थे। प्रशासन से अब इन गरीब परिवारों के लिए मुआवजे की मांग उठ रही है। संवाद
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