{"_id":"6320c49aa70c463fbb397a85","slug":"wild-animal-pilibhit-news-bly497484765","type":"story","status":"publish","title_hn":"पीटीआर से एक किलोमीटर दायरे के अंदर नहीं हो सकेंगे निर्माण","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पीटीआर से एक किलोमीटर दायरे के अंदर नहीं हो सकेंगे निर्माण
सार
पीटीआर से एक किलोमीटर के दायरे के अंदर अब कोई भी निर्माण नहीं हो सकेगा।इससे दर्जनों गांवों के किसानों की बेचैनी बढ़ गई है।0000इको सेंसिटिव जोन के एक किलोमीटर दायरे में किसी भी प्रकार के नए निर्माण पर रोक लगाई गई है।
विज्ञापन
पीलीभीत टाइगर रिजर्व का मुख्य द्वार। संवाद
- फोटो : PILIBHIT
विस्तार
पीलीभीत। पीटीआर से एक किलोमीटर के दायरे के अंदर अब कोई भी निर्माण नहीं हो सकेगा। जंगल से दस किलोमीटर के दायरे में बने पक्के निर्माणों को सूचीबद्ध करने का काम भी शुरू हो गया है। पर्यावरण मंत्रालय के आदेश के बाद न सिर्फ टाइगर रिजर्व प्रशासन बल्कि राजस्व समेत अन्य विभाग भी संयुक्त रूप से इस कार्रवाई में जुटे हुए हैं।
तीन महीने पहले सुप्रीम कोर्ट ने पीलीभीत टाइगर रिजर्व (पीटीआर) व अन्य वन्यजीव वाले पार्कों के एक किलोमीटर के दायरे में किसी भी प्रकार के पक्के निर्माण पर रोक लगाई थी। इस एक किलोमीटर के दायरे में 161 गांव आ रहे हैं। इसके साथ ही कहा गया था कि दस किलोमीटर के दायरे में बने भवनों को चिह्नित किया जाए। बीते दिनों इसको लेकर अधिकारी भी गफलत में पड़ गए। दस किलोमीटर के दायरे में निर्माण कार्य न कराने की बात कही जाने लगी। इसके लेकर दर्जनों गांव के लोग विरोध करने लगे।
वन विभाग ने बताया है कि पीटीआर से एक किलोमीटर के दायरे में कोई नया निर्माण नहीं होगा। दस किलोमीटर दायरे में कितने पक्के मकान हैं इसके लिए सर्वे कराया जा रहा है। टाइगर रिजर्व के अलावा राजस्व और ब्लॉक स्तरीय कर्मचारियों को सर्वे की जिम्मेदारी दी गई है।
विज्ञापन
000
161 गांवों में 18 हजार पक्के निर्माण
तीन जून 2022 को सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद इको सेंसिटिव जोन में बने भवनों, होटलों, दुकानों समेत अन्य पक्के निर्माणों की सूची मांगी गई थी। इसके लिए तीन माह का समय दिया गया था। पीलीभीत टाइगर रिजर्व के अधिकारियों ने विभागीय सर्वे कराया। पता चला कि इको जोन में 18 हजार पक्के निर्माण है। इसकी रिपोर्ट पर्यावरण मंत्रालय को भेज दी गई है।
000
दस किलोमीटर दायरे को लेकर अपील की तैयारी
इको सेंसिटिव जोन में एक किलोमीटर दायरे में रोक लगा दी गई है। लेकिन दायरे की जद में दस किलोमीटर तक का एरिया शामिल करने के सुप्रीम कोर्ट ने आदेश जारी किए है। इसके बाद सर्वे में दस किमी दायरे में बने निर्माण को भी शामिल किया जा रहा है। इससे दर्जनों गांवों के किसानों की बेचैनी बढ़ गई है। विभागीय सूत्रों का कहना है कि राज्य सरकारें दस किलोमीटर के दायरे को कम करने के लिए कोर्ट में अपील करने की तैयारी में हैं।
0000
इको सेंसिटिव जोन के एक किलोमीटर दायरे में किसी भी प्रकार के नए निर्माण पर रोक लगाई गई है। दस किलोमीटर दायरे में बने निर्माण को भी सूचीबद्ध किया जा रहा है।
- नवीन खंडेलवाल, उप निदेशक पीटीआर
विज्ञापन
तीन महीने पहले सुप्रीम कोर्ट ने पीलीभीत टाइगर रिजर्व (पीटीआर) व अन्य वन्यजीव वाले पार्कों के एक किलोमीटर के दायरे में किसी भी प्रकार के पक्के निर्माण पर रोक लगाई थी। इस एक किलोमीटर के दायरे में 161 गांव आ रहे हैं। इसके साथ ही कहा गया था कि दस किलोमीटर के दायरे में बने भवनों को चिह्नित किया जाए। बीते दिनों इसको लेकर अधिकारी भी गफलत में पड़ गए। दस किलोमीटर के दायरे में निर्माण कार्य न कराने की बात कही जाने लगी। इसके लेकर दर्जनों गांव के लोग विरोध करने लगे।
विज्ञापन
वन विभाग ने बताया है कि पीटीआर से एक किलोमीटर के दायरे में कोई नया निर्माण नहीं होगा। दस किलोमीटर दायरे में कितने पक्के मकान हैं इसके लिए सर्वे कराया जा रहा है। टाइगर रिजर्व के अलावा राजस्व और ब्लॉक स्तरीय कर्मचारियों को सर्वे की जिम्मेदारी दी गई है।
विज्ञापन
000
161 गांवों में 18 हजार पक्के निर्माण
तीन जून 2022 को सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद इको सेंसिटिव जोन में बने भवनों, होटलों, दुकानों समेत अन्य पक्के निर्माणों की सूची मांगी गई थी। इसके लिए तीन माह का समय दिया गया था। पीलीभीत टाइगर रिजर्व के अधिकारियों ने विभागीय सर्वे कराया। पता चला कि इको जोन में 18 हजार पक्के निर्माण है। इसकी रिपोर्ट पर्यावरण मंत्रालय को भेज दी गई है।
000
दस किलोमीटर दायरे को लेकर अपील की तैयारी
इको सेंसिटिव जोन में एक किलोमीटर दायरे में रोक लगा दी गई है। लेकिन दायरे की जद में दस किलोमीटर तक का एरिया शामिल करने के सुप्रीम कोर्ट ने आदेश जारी किए है। इसके बाद सर्वे में दस किमी दायरे में बने निर्माण को भी शामिल किया जा रहा है। इससे दर्जनों गांवों के किसानों की बेचैनी बढ़ गई है। विभागीय सूत्रों का कहना है कि राज्य सरकारें दस किलोमीटर के दायरे को कम करने के लिए कोर्ट में अपील करने की तैयारी में हैं।
0000
इको सेंसिटिव जोन के एक किलोमीटर दायरे में किसी भी प्रकार के नए निर्माण पर रोक लगाई गई है। दस किलोमीटर दायरे में बने निर्माण को भी सूचीबद्ध किया जा रहा है।
- नवीन खंडेलवाल, उप निदेशक पीटीआर