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Pilibhit News: पति को आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में पत्नी दोषमुक्त
Fri, 21 Mar 2025 12:19 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
Updated Fri, 21 Mar 2025 12:19 AM IST
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पीलीभीत। सत्र न्यायाधीश जितेंद्र कुमार सिन्हा ने महिला पर उसके पति को आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप सिद्ध न होने पर बरी कर दिया।
थाना पूरनपुर के गांव चांट फिरोजपुर निवासी छेदालाल ने पूरनपुर पुलिस को तहरीर देकर बताया कि उसके पुत्र हरिशंकर का विवाह पूरनपुर थाना क्षेत्र के ग्राम उदरहा निवासी युवती से हुआ था। विवाह के कुछ समय बाद दोनों के बीच संबंध अच्छे नहीं रह पाए और विवाहिता पति का उत्पीड़न करने लगी।
कई बार दोनों पक्षों के बीच सुलह कराने के प्रयास हुए, मगर संबंध नहीं सुधरे। तहरीर के मुताबिक एक दिसंबर 2016 को रात करीब आठ बजे हरिशंकर के कमरे से कुछ आवाजें सुनाई देने पर उसके पिता छेदालाल और माता कमरे की ओर दौड़े तो बहू छोटे बेटे को गोद में लेकर दूसरे दरवाजे से भाग रही थी।
आवाज लगाने पर नहीं रुकी। हरिशंकर चारपाई पर बेसुध पड़ा था। जहरीले पदार्थ के सेवन से हरिशंकर की मौत हो चुकी थी। तहरीर के मुताबिक पुलिस ने पति को आत्महत्या के लिए उकसाने का मुकदमा दर्ज कर विवाहिता को गिरफ्तार कर लिया।
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विवेचक ने विवेचना में पाया कि हरिशंकर शराब पीता था, इस वजह से पति-पत्नी के बीच विवाद होता था। पोस्टमाॅर्टम रिपोर्ट में भी अल्कोहल की पुष्टि हुई। विवाहिता ने अदालत को बताया कि संपत्ति में हिस्सा न देना पड़े इसी वजह से ससुर ने झूठा आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज करा दिया। न्यायालय ने दोनों पक्षों की दलीलें, गवाहों और पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आरोपी पत्नी को बरी कर दिया।
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थाना पूरनपुर के गांव चांट फिरोजपुर निवासी छेदालाल ने पूरनपुर पुलिस को तहरीर देकर बताया कि उसके पुत्र हरिशंकर का विवाह पूरनपुर थाना क्षेत्र के ग्राम उदरहा निवासी युवती से हुआ था। विवाह के कुछ समय बाद दोनों के बीच संबंध अच्छे नहीं रह पाए और विवाहिता पति का उत्पीड़न करने लगी।
कई बार दोनों पक्षों के बीच सुलह कराने के प्रयास हुए, मगर संबंध नहीं सुधरे। तहरीर के मुताबिक एक दिसंबर 2016 को रात करीब आठ बजे हरिशंकर के कमरे से कुछ आवाजें सुनाई देने पर उसके पिता छेदालाल और माता कमरे की ओर दौड़े तो बहू छोटे बेटे को गोद में लेकर दूसरे दरवाजे से भाग रही थी।
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आवाज लगाने पर नहीं रुकी। हरिशंकर चारपाई पर बेसुध पड़ा था। जहरीले पदार्थ के सेवन से हरिशंकर की मौत हो चुकी थी। तहरीर के मुताबिक पुलिस ने पति को आत्महत्या के लिए उकसाने का मुकदमा दर्ज कर विवाहिता को गिरफ्तार कर लिया।
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विवेचक ने विवेचना में पाया कि हरिशंकर शराब पीता था, इस वजह से पति-पत्नी के बीच विवाद होता था। पोस्टमाॅर्टम रिपोर्ट में भी अल्कोहल की पुष्टि हुई। विवाहिता ने अदालत को बताया कि संपत्ति में हिस्सा न देना पड़े इसी वजह से ससुर ने झूठा आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज करा दिया। न्यायालय ने दोनों पक्षों की दलीलें, गवाहों और पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आरोपी पत्नी को बरी कर दिया।