फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Pilibhit News ›   Where to go cattle rearers ... Diaoria's cattle service center is closed for 12 years

Pilibhit News: कहां जाएं पशुपालक... 12 वर्षों से बंद है दियोरिया का पशुसेवा केंद्र

Thu, 04 Jul 2024 07:19 PM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Thu, 04 Jul 2024 07:19 PM IST
विज्ञापन
Where to go cattle rearers ... Diaoria's cattle service center is closed for 12 years
बीसलपुर के गांव दियोरिया में बंद पड़ा पशु सेवा केंद्र।संवाद
बीमार पशुओं का इलाज कराने के लिए जाना पड़ता है झोलाछाप के पास
विज्ञापन

संवाद न्यूज एजेंसी

बीसलपुर। सरकार पशुपालन पर भले ही जोर दे रही हो पर मवेशियों के इलाज की व्यवस्था बद से बदतर होती जा रही है। प्रभारी न होने के कारण गांव दियोरिया का पशुसेवा केंद्र पिछले 12 वर्षों सें बंद पड़ा है। इस वजह से क्षेत्रीय पशुपालकों को अपने बीमार पशुओं का उपचार कराने में काफी दिक्कत हो रही है। पशुपालकों को बीमार पशुओं के उपचार के लिए झोलाझाप की शरण लेनी पड़ रही है। कई बार झोलाछाप की अनुभवहीनता के अभाव में कीमती पशुओं की मृत्यु भी हो जाती है। इसका खामियाजा पशुपालकों को भुगतना पड़ता है।


पशुसेवा केंद्र दियोरिया के प्रभारी दिनेश सक्सेना का तबादला 12 वर्ष पूर्व पशुसेवा केंद्र चंदपुरा के लिए हो गया था। उन्हें कार्यमुक्त तो उसी समय कर दिया गया था, लेकिन उनके स्थान पर आज तक किसी नए प्रभारी की नियुक्ति नहीं हुई। इस वजह से यह पशुसेवा केंद्र 12 वर्षों से बंद पड़ा है।
विज्ञापन

इस बीच जागरूक पशुपालकों ने विभागीय उच्चाधिकारियों का ध्यान इस ओर कई बार आकर्षित कराया, लेकिन अब तक कोई सुनवाई नहीं हुई, जिससे पशुपालकों में विभाग के प्रति रोष है। विभागीय हीलाहवाली के चलते इस पशुसेवा केंद्र पर कब तक प्रभारी की नियुक्ति होगी और कब से क्षेत्रीय पशुपालकों को लाभ मिलना शुरू होगा, कुछ पता नहीं है।
विज्ञापन
विज्ञापन

पशुसेवा केंद्र होने के बाद से पशुपालकों की समस्या बढ़ गई। अब इस केंद्र पर ग्रामीणों ने पुआल, उपला तथा अन्य वस्तुओं को रखकर कब्जा जमा लिया है। अधिकतर किसान निजी चिकित्सक से महंगा इलाज कराने या फिर झोलाछाप के पास जाने पर मजबूर हैं। विभागीय अधिकारी सब कुछ जानते हुए भी समस्या का समाधान करने में कोई रुचि नहीं ले रहे हैं।

-

इन गांवों के पशुपालकों को हो रही दिक्कत

दियोरिया, पकडिय़ा, लमौआ, खरदहाई, खरदाह, मकरंदापुर, जसाई नगर, बसई पुरैना, जादोंपुर पट्टी, रंभोजा, दियोहना, दियोराजपुर, पट्टी, गाजना, इलाबांस, किशनपुर, गोपालपुर, मिंतरपुर, बंसेगा, भगौती पुर, अजान, पैनिया हिम्मत, रामनगर जगतपुर, आमडंडा, बढ़ारा, मुडिय़ा भगवंत, जमुनिया महुआ।


-

पशुपालन विभाग के पास कर्मचारियों की काफी कमी है। इस वजह से कई पशुसेवा केंद्र बंद पड़े हैं। कर्मचारियों की उपलब्धता होते ही दियोरिया पशु सेवाकेंद्र पर प्रभारी की नियुक्ति कर दी जाएगी। फिलहाल पशु अस्पताल बड़ा गांव के प्रभारी पशु चिकित्साधिकारी को दियोरिया क्षेत्र के बीमार पशुओं का उपचार करने के निर्देश दे दिए गए हैं। पशुपालकों को कोई दिक्कत नहीं होने दी जा रही है।
-डॉ. योगेंद्र कुमार डिप्टी सीवीओ, बीसलपुर
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed