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Pilibhit News: शहर से सटी तीन कॉलोनियों में तीन फुट तक जलभराव, सीने तक पानी में होकर गुजरे बच्चे
Tue, 09 Sep 2025 12:31 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
Updated Tue, 09 Sep 2025 12:31 AM IST
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जलभराव के चलते सर पर बैग लेकर गुजरते बच्चे। संवाद
पीलीभीत। भले ही बरसात थम चुकी है, लेकिन बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के हालात नहीं बदले हैं। तीनों कॉलोनियों में दो से तीन फुट तक जलभराव की स्थिति बनी हुई है। सोमवार को स्कूल जाने वाले बच्चे भी सीने तक पानी होने के चलते जान हथेली पर रखकर जाते हुए दिखे।
जलभराव को लेकर प्रशासनिक अधिकारियों की जलनिकासी व्यवस्था सिर्फ औपचारिकता निभाने तक ही सीमित है। इसका सबसे बड़ा उदाहरण शहर के सटे मरौरी ब्लॉक के अंतर्गत ग्राम पंचायत अलीगंज रोड पर बसी कृष्णा कॉलोनी, महाराणा प्रताप कॉलोनी व अखिलेश बिहार में देखने को मिला है। यहां तीन फुट तक जलभराव है।
जलभराव के बाद पिछले दिनों एक युवक की तालाब के पानी में डूबने से मौत भी हो गई। हालात ऐसे बने हुए हैं कि लगभग दस हजार की आबादी वाले क्षेत्र में लोगों का आवागमन भी बंद हो गया है। युवक की मौत के बाद कुछ परिवार के लोगों ने अपने बच्चों की सुरक्षा के मद्देनजर उनको स्कूल भेजना बंद कर दिया है, तो कुछ परिजन अपने बच्चों को कंधे पर बैठाकर स्कूल छोड़ते दिखाई दे रहे हैं।
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ऐसी स्थिति तब है जब रविवार को गुस्साए कॉलोनी के लोगों ने माधोटांडा मार्ग पर जाम लगाया था। क्षेत्रीय लोगाें का कहना है कि जाम की सूचना पर पहुंचीं एसडीएम श्रद्धा सिंह समेत अधिकारियों ने जलनिकासी के लिए 20 मीटर का नाला खोदवाकर औपचारिकताएं निभाई थीं। लोगों का कहना कि नाला इतना छोटा है कि पानी निकलने में 20 दिन और लग जाएंगे। ऐसे में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है।
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विनिमय क्षेत्र का खेल, कॉलोनी पास नक्शे फेल
हर कॉलोनी विकसित होने से पहले वह विनिमय क्षेत्र की परीक्षा से होकर गुजरती है। लेकिन इन दिनों शहर से सटी जलमग्न में डूबी कॉलोनी को देखकर सवाल उठता है कि यह कॉलोनी जिसमें जलनिकासी के लिए कोई उचित प्रबंध नहीं किया गया है। न ही कोई नाला निर्माण आदि का ध्यान रखा गया। उस कॉलोनी को विनिमय क्षेत्र ने पास कैसे कर दिया।
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यहां मकान बनवाकर गलत कर दिया, इन दिनों इतनी मुश्किलों से गुजर रहे हैं कि बता नहीं सकते। कोई ध्यान नहीं दे रहा है। - देवेंद्र
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कामकाज भी जलभराव के चलते चौपट हो गए हैं। एक बार घर से निकलते तो दोबारा शाम को ही घर जा पाते हैं। - ज्ञान शर्मा
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कई बार प्रशासनिक अधिकारियों को समस्या बताई लेकिन अभी तक कोई समाधान नहीं हो गया। संक्रमण फैलने का भी डर बना है। - दीपक कुमार
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रोज नियमित इन कॉलोनी से निकलना होता है। परिवार के लोग कहीं आ जा भी नहीं सकते हैं। अधिक जलभराव से डर भी लगता है।
संजय वर्मा
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कुछ समय पहले ही कॉलोनी में मकान बनवाया था। ठीक से मकान भी नहीं बन सका कि जलभराव की स्थिति से काफी समस्या हो रही है। - कुसुम कुमार
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जलभराव को लेकर प्रशासनिक अधिकारियों की जलनिकासी व्यवस्था सिर्फ औपचारिकता निभाने तक ही सीमित है। इसका सबसे बड़ा उदाहरण शहर के सटे मरौरी ब्लॉक के अंतर्गत ग्राम पंचायत अलीगंज रोड पर बसी कृष्णा कॉलोनी, महाराणा प्रताप कॉलोनी व अखिलेश बिहार में देखने को मिला है। यहां तीन फुट तक जलभराव है।
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जलभराव के बाद पिछले दिनों एक युवक की तालाब के पानी में डूबने से मौत भी हो गई। हालात ऐसे बने हुए हैं कि लगभग दस हजार की आबादी वाले क्षेत्र में लोगों का आवागमन भी बंद हो गया है। युवक की मौत के बाद कुछ परिवार के लोगों ने अपने बच्चों की सुरक्षा के मद्देनजर उनको स्कूल भेजना बंद कर दिया है, तो कुछ परिजन अपने बच्चों को कंधे पर बैठाकर स्कूल छोड़ते दिखाई दे रहे हैं।
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ऐसी स्थिति तब है जब रविवार को गुस्साए कॉलोनी के लोगों ने माधोटांडा मार्ग पर जाम लगाया था। क्षेत्रीय लोगाें का कहना है कि जाम की सूचना पर पहुंचीं एसडीएम श्रद्धा सिंह समेत अधिकारियों ने जलनिकासी के लिए 20 मीटर का नाला खोदवाकर औपचारिकताएं निभाई थीं। लोगों का कहना कि नाला इतना छोटा है कि पानी निकलने में 20 दिन और लग जाएंगे। ऐसे में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है।
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विनिमय क्षेत्र का खेल, कॉलोनी पास नक्शे फेल
हर कॉलोनी विकसित होने से पहले वह विनिमय क्षेत्र की परीक्षा से होकर गुजरती है। लेकिन इन दिनों शहर से सटी जलमग्न में डूबी कॉलोनी को देखकर सवाल उठता है कि यह कॉलोनी जिसमें जलनिकासी के लिए कोई उचित प्रबंध नहीं किया गया है। न ही कोई नाला निर्माण आदि का ध्यान रखा गया। उस कॉलोनी को विनिमय क्षेत्र ने पास कैसे कर दिया।
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यहां मकान बनवाकर गलत कर दिया, इन दिनों इतनी मुश्किलों से गुजर रहे हैं कि बता नहीं सकते। कोई ध्यान नहीं दे रहा है। - देवेंद्र
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कामकाज भी जलभराव के चलते चौपट हो गए हैं। एक बार घर से निकलते तो दोबारा शाम को ही घर जा पाते हैं। - ज्ञान शर्मा
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कई बार प्रशासनिक अधिकारियों को समस्या बताई लेकिन अभी तक कोई समाधान नहीं हो गया। संक्रमण फैलने का भी डर बना है। - दीपक कुमार
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रोज नियमित इन कॉलोनी से निकलना होता है। परिवार के लोग कहीं आ जा भी नहीं सकते हैं। अधिक जलभराव से डर भी लगता है।
संजय वर्मा
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कुछ समय पहले ही कॉलोनी में मकान बनवाया था। ठीक से मकान भी नहीं बन सका कि जलभराव की स्थिति से काफी समस्या हो रही है। - कुसुम कुमार

जलभराव के चलते सर पर बैग लेकर गुजरते बच्चे। संवाद

जलभराव के चलते सर पर बैग लेकर गुजरते बच्चे। संवाद

जलभराव के चलते सर पर बैग लेकर गुजरते बच्चे। संवाद

जलभराव के चलते सर पर बैग लेकर गुजरते बच्चे। संवाद