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Pilibhit News: गांधी स्टेडियम में जलभराव, खिलाड़ियों का अभ्यास प्रभावित
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गांधी स्टेडियम में जलभराव। संवाद
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पीलीभीत। जिले में शुरू हुई बारिश के बाद एक बार फिर लगातार गांधी स्टेडियम के आधे ग्राउंड में जलभराव जैसी स्थिति बनी हुई है। ग्राउंड में पानी भरने से खिलाड़ियों का अभ्यास प्रभावित हो रहा है। सबसे ज्यादा फुटबॉल, एथलीट व हॉकी के खिलाड़ियों के खेलों पर असर पड़ रहा है।
गांधी स्टेडियम के ग्राउंड में प्रतिदिन एथलेटिक्स, फुटबॉल, क्रिकेट समेत विभिन्न खेलों के खिलाड़ी अभ्यास करने पहुंचते हैं, जबकि सुबह काफी संख्या में टहलने वालों की भीड़ लगी रहती है। रविवार को मैदान में पानी भर जाने के कारण खिलाड़ियों को बिना अभ्यास किए लौटना पड़ा। मैदान में कई जगह पानी जमा होने से दौड़ ट्रैक, आधा हॉकी व फुटबॉल मैदान से खेल गतिविधियां प्रभावित रहीं। खिलाड़ियों का कहना है कि बरसात में यही स्थिति बन जाती है, लेकिन स्थायी जलनिकासी की व्यवस्था अब तक गांधी स्टेडियम की ओर से बन ही नहीं पाई है। इससे आने वाली बरसात में और भी दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा।
जलनिकासी की योजना नहीं
गांधी स्टेडियम में पिछले कई सालों में तमाम खेल से जुड़े अधिकारी आए, लेकिन किसी ने धरातल पर बरसात में खेल ग्राउंड से समय पर जल निकासी की व्यवस्था नहीं बनाई। संवाद
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जलभराव के निजात दिलाने के लिए अधिकारियों को जानकारी दी गई है। इसकी योजना बनाई जाएगी, जिससे इस समस्या का निस्तारण हो सके।-राजेश गौड़, जिला क्रीड़ाधिकारी
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गांधी स्टेडियम के ग्राउंड में प्रतिदिन एथलेटिक्स, फुटबॉल, क्रिकेट समेत विभिन्न खेलों के खिलाड़ी अभ्यास करने पहुंचते हैं, जबकि सुबह काफी संख्या में टहलने वालों की भीड़ लगी रहती है। रविवार को मैदान में पानी भर जाने के कारण खिलाड़ियों को बिना अभ्यास किए लौटना पड़ा। मैदान में कई जगह पानी जमा होने से दौड़ ट्रैक, आधा हॉकी व फुटबॉल मैदान से खेल गतिविधियां प्रभावित रहीं। खिलाड़ियों का कहना है कि बरसात में यही स्थिति बन जाती है, लेकिन स्थायी जलनिकासी की व्यवस्था अब तक गांधी स्टेडियम की ओर से बन ही नहीं पाई है। इससे आने वाली बरसात में और भी दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा।
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जलनिकासी की योजना नहीं
गांधी स्टेडियम में पिछले कई सालों में तमाम खेल से जुड़े अधिकारी आए, लेकिन किसी ने धरातल पर बरसात में खेल ग्राउंड से समय पर जल निकासी की व्यवस्था नहीं बनाई। संवाद
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जलभराव के निजात दिलाने के लिए अधिकारियों को जानकारी दी गई है। इसकी योजना बनाई जाएगी, जिससे इस समस्या का निस्तारण हो सके।-राजेश गौड़, जिला क्रीड़ाधिकारी