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पहाड़ों पर बारिश से शारदा नदी का जलस्तर बढ़ा ...रमनगरा बुझिया और नलडेंगा में कटान शुरू
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माधोटांडा। पहाड़ों पर हुई वर्षा से शारदा नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी होने लगी है। हालांकि अभी बाढ़ जैसे हालात नहीं बने हैं, मगर रमनगरा, बुझिया और नलडेंगा में नदी ने कटान करना शुरू कर दिया है। इससे ग्रामीण दहशत में हैं। बाढ़ खंड द्वारा शारदा डैम के सामने जो पांच करोड़ की लागत से बाढ़ नियंत्रण कार्य कराए जा रहे हैं, वहां पर भी मात्र एक स्पर की नोज से पानी टकरा रहा है। शेष सभी स्परों से पानी अभी नहीं टकराया है। रामनगरा भुजिया में नदी दाहिने किनारे की ओर कटान करने लगी है। इसके अलावा गभिया सहराई से लेकर नलडेंगा तक शारदा नदी कृषि जमीन और घरों को अपने आगोश में लेने लगी है।
शारदा नदी पर डैम के किनारे सिंचाई विभाग ने इस बार पांच करोड़ की लागत का प्रोजेक्ट मंजूर कराकर बाढ़ नियंत्रण कार्य शुरू कराए हैं। हालांकि यहां पर कई ठोकरें ऐसी हैं, जिनसे नदी का पानी बाढ़ के समय ही मात्र नोज से टकराता है। मगर, फिर भी सिंचाई विभाग ने यहां पर प्रोजेक्ट बनाकर बाढ़ नियंत्रण कार्य शुरू करा दिए हैं। बाढ़ खंड के जानकारों के मुताबिक यह प्रोजेक्ट ठोकर संख्या नौ को शामिल कर बनाया जाना चाहिए था, मगर विभागीय अधिकारियों ने ऐसा नहीं किया। ठोकर संख्या 9 बी से लेकर नगरिया खुर्द और ढकिया ताल्लुके महाराजपुर की ठोकर संख्या छह तक ही यह कार्य कराया जा रहा है। बीते दिनों पहाड़ और मैदानी इलाकों में हुई बारिश के चलते नदी का जलस्तर बढ़ने से इस इलाके में ठोकर संख्या 9 बी से नदी की धार टकराने लगी है। बाढ़ के पानी से भले ही ठोकर क्षतिग्रस्त ना हो, मगर इस समय जो बाढ़ नियंत्रण कार्य कराए जा रहे है, उन कामों के क्षतिग्रस्त होने की आशंका जरूर बढ़ गई है। ऐसी ही स्थिति ठोकर संख्या छह की भी है।
दूसरी ओर जलस्तर बढ़ने से शारदा नदी ने रमनगरा बुझिया के निकट दाहिने किनारे की ओर कटान शुरू कर दिया है। इससे बाढ़ के समय और अधिक कटान की आशंकाएं बढ़ गई हैं। नदी इस इलाके में हर साल की तरह इस बार भी किसानों के जमीन काटने के साथ बिजौरी खुर्द कलां के जंगल का सफाया कर सकती है। सिंचाई विभाग के पास इस कटान को रोकने की फिलहाल कोई योजना नहीं है। पिछले बरसाती सीजन में जब नदी कटान कर रही थी तो सिंचाई विभाग के इंजीनियरों ने कहा था कि बरसात के बाद स्थायी बाढ़ नियंत्रण कार्य कराए जाएंगे। वह सब हवा-हवाई साबित हुआ।
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गभिया सहराई। रमनगरा बुझिया जैसी स्थिति नलडेंगा क्षेत्र की भी है। यहां शारदा सागर खंड द्वारा कराए गए बाढ़ नियंत्रण कार्यों के नाम पर बोरों में रेत भरकर नदी के किनारे कुछ कटर बना दिए गए हैं। जलस्तर बढ़ते ही नदी ने बुधवार को गभिया सहराई से लेकर नलडेंगा तक घरों और कृषि जमीनों का कटान शुरू कर दिया। नलडेंगा क्षेत्र में नदी किनारे रहने वाले रमेश सरकार, सुखचंद सरकार, जयदेव सरकार, चेतन बराई, सुभाष बराई आदि ने बताया कि उनके घरों का नदी से कटान शुरू हो गया है। ग्रामीणों ने नदी से कटान रोकने के लिए पानी की धार में पेड़ों और झाड़ियों को काटकर डालना शुरू कर दिया है ताकि नदी की धार के बहाव को कम किया जा सके।
शारदा डैम के नजदीकी क्षेत्रों में आबादी को सुरक्षित करने के लिए पांच करोड़ का प्रोजेक्ट मंजूर कराया गया है। मेरा प्रयास है कि समय से बाढ़ नियंत्रण कार्य हों, ताकि नदी के कटान से परिवार सुरक्षित रह सकें। -ध्रुवनारायण, सहायक अभियंता, बाढ़ खंड
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शारदा नदी पर डैम के किनारे सिंचाई विभाग ने इस बार पांच करोड़ की लागत का प्रोजेक्ट मंजूर कराकर बाढ़ नियंत्रण कार्य शुरू कराए हैं। हालांकि यहां पर कई ठोकरें ऐसी हैं, जिनसे नदी का पानी बाढ़ के समय ही मात्र नोज से टकराता है। मगर, फिर भी सिंचाई विभाग ने यहां पर प्रोजेक्ट बनाकर बाढ़ नियंत्रण कार्य शुरू करा दिए हैं। बाढ़ खंड के जानकारों के मुताबिक यह प्रोजेक्ट ठोकर संख्या नौ को शामिल कर बनाया जाना चाहिए था, मगर विभागीय अधिकारियों ने ऐसा नहीं किया। ठोकर संख्या 9 बी से लेकर नगरिया खुर्द और ढकिया ताल्लुके महाराजपुर की ठोकर संख्या छह तक ही यह कार्य कराया जा रहा है। बीते दिनों पहाड़ और मैदानी इलाकों में हुई बारिश के चलते नदी का जलस्तर बढ़ने से इस इलाके में ठोकर संख्या 9 बी से नदी की धार टकराने लगी है। बाढ़ के पानी से भले ही ठोकर क्षतिग्रस्त ना हो, मगर इस समय जो बाढ़ नियंत्रण कार्य कराए जा रहे है, उन कामों के क्षतिग्रस्त होने की आशंका जरूर बढ़ गई है। ऐसी ही स्थिति ठोकर संख्या छह की भी है।
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दूसरी ओर जलस्तर बढ़ने से शारदा नदी ने रमनगरा बुझिया के निकट दाहिने किनारे की ओर कटान शुरू कर दिया है। इससे बाढ़ के समय और अधिक कटान की आशंकाएं बढ़ गई हैं। नदी इस इलाके में हर साल की तरह इस बार भी किसानों के जमीन काटने के साथ बिजौरी खुर्द कलां के जंगल का सफाया कर सकती है। सिंचाई विभाग के पास इस कटान को रोकने की फिलहाल कोई योजना नहीं है। पिछले बरसाती सीजन में जब नदी कटान कर रही थी तो सिंचाई विभाग के इंजीनियरों ने कहा था कि बरसात के बाद स्थायी बाढ़ नियंत्रण कार्य कराए जाएंगे। वह सब हवा-हवाई साबित हुआ।
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गभिया सहराई। रमनगरा बुझिया जैसी स्थिति नलडेंगा क्षेत्र की भी है। यहां शारदा सागर खंड द्वारा कराए गए बाढ़ नियंत्रण कार्यों के नाम पर बोरों में रेत भरकर नदी के किनारे कुछ कटर बना दिए गए हैं। जलस्तर बढ़ते ही नदी ने बुधवार को गभिया सहराई से लेकर नलडेंगा तक घरों और कृषि जमीनों का कटान शुरू कर दिया। नलडेंगा क्षेत्र में नदी किनारे रहने वाले रमेश सरकार, सुखचंद सरकार, जयदेव सरकार, चेतन बराई, सुभाष बराई आदि ने बताया कि उनके घरों का नदी से कटान शुरू हो गया है। ग्रामीणों ने नदी से कटान रोकने के लिए पानी की धार में पेड़ों और झाड़ियों को काटकर डालना शुरू कर दिया है ताकि नदी की धार के बहाव को कम किया जा सके।
शारदा डैम के नजदीकी क्षेत्रों में आबादी को सुरक्षित करने के लिए पांच करोड़ का प्रोजेक्ट मंजूर कराया गया है। मेरा प्रयास है कि समय से बाढ़ नियंत्रण कार्य हों, ताकि नदी के कटान से परिवार सुरक्षित रह सकें। -ध्रुवनारायण, सहायक अभियंता, बाढ़ खंड