फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Pilibhit News ›   'Vegetable farming income increased by adopting'

‘सब्जी की खेती अपनाकर बढ़ाए आमदनी’

Tue, 01 Mar 2016 07:02 PM IST
पीलीभीत।
पीलीभीत। Updated Tue, 01 Mar 2016 07:02 PM IST
विज्ञापन
'Vegetable farming income increased by adopting'
उद्यान विभाग में कृषि गोष्ठी में किसानों को फल और सब्जी उत्पादन की जानकारी दी गई। कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों से परंपरागत खेती को छोड़ फल, फूल और सब्जियां उगाकर अधिक लाभ कमाने की अपील की।  इस मौके पर सब्जी उत्पादन की  प्रदर्शनी भी लगाई गई जिसमें विजेताओं को पुरस्कार भी दिए गए।
विज्ञापन

ईदगाह के निकट स्थित उद्यान विभाग कार्यालय में आत्मा योजना की ओर से कृषि गोष्ठी का आयोजन किया गया। कृषि विज्ञान केंद्र की डॉ. रीना सेठी ने सब्जी और फल उत्पादन के बारे में विस्तार से जानकारी दी। वैज्ञानिक डॉ. एसएस ढाका ने सब्जी, फल एवं फूलों के उत्पादन में आने वाली समस्याओं एवं उनसे निपटने के तरीके बताए। उन्होंने कहा कि सब्जी उत्पादक किसान रासायनिक खाद एवं कीटनाशकों को न अपनाकर जैव उर्वरक एवं घरेलू नुख्से अपनाएं ताकि सब्जियों में बढ़ रहे जहरीलेपन को नियंत्रित किया जा सके। उन्होंने तरल जैव उर्वरक, नीम का तेल, ट्राइकोड्रामा, ब्यूबेरिया, स्यूडोमोनास, बीटी आदि के बारे में विस्तार से जानकारी किसानों को दी। जिला कृषि उद्यान अधिकारी डॉ. धीरेंद्र सिंह ने विभागीय योजनाओं विशेषकर पॉली हाउस के बारे में जानकारी देकर किसानों को बेमौसम सब्जी उत्पादन के बारे में बताया। कार्यक्रम का संचालन सहायक उद्यान निरीक्षक अवधराज सिंह ने किया। इस मौके पर किसानों द्वारा लाई गई सब्जी, फल और फूलों की प्रदर्शनी भी लगाई गई जिसमें रामऔतार मौर्य, भगवानदास व पोथीराम को क्रमश: प्रथम, द्वितीय, तृतीय एवं पांच किसानों को सांत्वना पुरस्कार दिया गया।
विज्ञापन

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed