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Pilibhit News: वोटों में हेराफेरी पर संग्राम, कांग्रेस-सपा बोली- मंत्री के इशारे पर अफसरों ने उठाया कदम, सीबीआई जांच की मांग

Fri, 23 Oct 2026 12:30 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत Updated Fri, 23 Oct 2026 12:30 AM IST
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Uproar over vote manipulation; Congress and SP allege that officials acted at the behest of a minister, demand a CBI probe.
डीएम से मुलाकात करते सपा नेता। संवाद
पीलीभीत। एसआईआर के बाद सदर विधानसभा क्षेत्र की मतदाता सूची में सामने आईं गड़बड़ियों को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। कांग्रेस और समाजवादी पार्टी ने मतदाता सूची में बड़े पैमाने पर हेराफेरी का आरोप लगाते हुए सदर विधायक व प्रदेश के गन्ना मंत्री संजय गंगवार और तत्कालीन प्रशासनिक अधिकारियों की भूमिका पर सवाल उठाए हैं। कांग्रेस नेता कुमुद गंगवार ने 16,504 मतदाताओं के रिकॉर्ड में गड़बड़ी का दावा करते हुए सीबीआई जांच की मांग की है। वहीं, सपा नेताओं ने भी एपिक (वोटर फोटो आइडेंटिटी कार्ड) नंबर समान होने के बावजूद नाम और पते बदलने का आरोप लगाकर दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की।
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अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सदस्य कुमुद गंगवार ने बताया कि पार्टी नेतृत्व से मतदाता सूची में गड़बड़ी की शिकायतें मिलने के बाद जांच शुरू की गई थी। शुरुआती स्तर पर ललौरीखेड़ा और मरौरी क्षेत्र में जांच की गई, लेकिन वहां अपेक्षाकृत कम खामियां मिलीं। इसके बाद एक अधिवक्ता का वीडियो सामने आने पर मामले की गंभीरता से पड़ताल की गई। उनके मुताबिक, 56 टीमों ने 96 घंटे में सदर विधानसभा क्षेत्र के 3,48,937 मतदाताओं के रिकॉर्ड की जांच की।
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प्रत्येक मतदाता का ईपीआईसी नंबर मिलाया गया और स्क्रीनशॉट लेकर सूची तैयार की गई। कांग्रेस नेता ने दावा किया कि एसआईआर के बाद 16,504 मतदाताओं के रिकॉर्ड में गड़बड़ी सामने आई है। इनमें करीब 2,600 मतदाताओं के नाम बिना फॉर्म छह भरे जोड़ने और 804 मतदाताओं के नाम बिना नोटिस और फॉर्म सात की प्रक्रिया के काटने का आरोप लगाया। उन्होंने 13,150 मतदाताओं के नाम बदले जाने का भी दावा किया। उनके अनुसार, इन मामलों से संबंधित दस्तावेज और स्क्रीनशॉट पार्टी के पास हैं। अधिकांश वोटर दूसरे समुदाय से जुड़े हैं।
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मंत्री के इशारे पर गड़बड़ी कराने का आरोप
कुमुद गंगवार ने आरोप लगाया कि गन्ना मंत्री संजय गंगवार के दबाव में अधिकारियों और कर्मचारियों के माध्यम से मतदाता सूची में बदलाव कराए गए। उन्होंने कहा कि पिछले विधानसभा चुनाव में मंत्री छह हजार से अधिक मतों के अंतर से जीते थे। जिले की चीनी मिलों पर किसानों का भुगतान बकाया होने के कारण गन्ना किसानों में नाराजगी है। ऐसे में चुनाव में इसका असर पड़ने की आशंका के चलते मतदाता सूची में कथित गड़बड़ी कराई गई।
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कई बूथों पर बड़े स्तर पर हेराफेरी का दावा
कांग्रेस नेता ने कई बूथों का ब्योरा देते हुए मतदाता सूची में बदलाव का दावा किया। उनके अनुसार, बूथ संख्या 43 पर 116, बूथ 44 पर 117, बूथ 54 पर 107, बूथ 86 पर 128, बूथ 93 पर 120, बूथ 94 और 95 पर 121-121, बूथ 99 पर 124, बूथ 100 पर 119, बूथ 194 पर 105 और बूथ 227 पर 103 मतदाताओं के नामों में बदलाव होने की शिकायत मिली है। उन्होंने कुछ स्थानों पर मतदाताओं के नाम जोड़ने और अन्य जगह नाम काटने में अनियमितता का भी आरोप लगाया। कुमुद गंगवार ने कहा कि एसआईआर के दौरान संशोधन की प्रक्रिया से सुधार संभव है, लेकिन यदि जानबूझकर गड़बड़ी की गई है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए।
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सपा ने तत्कालीन एसडीएम समेत अधिकारियों पर उठाए सवाल
सपा के जिलाध्यक्ष धर्मेश गंगवार ने भी सदर विधानसभा क्षेत्र की मतदाता सूची में हेराफेरी को लेकर प्रशासन पर सवाल उठाए हैं। सपा नेताओं का आरोप है कि तत्कालीन एसडीएम मयंक गोस्वामी समेत संबंधित अधिकारियों ने भाजपा नेताओं के दबाव में काम किया। उन्होंने बताया कि 15 अक्तूबर को जिलाधिकारी को ज्ञापन देकर अधिकारियों की शिकायत की गई थी। आरोप लगाया कि कई मामलों में एपिक नंबर समान होने के बावजूद मतदाताओं के नाम और पते बदल दिए गए। पार्टी की ओर से प्रदेश अध्यक्ष के माध्यम से मुख्य निर्वाचन अधिकारी को भी पत्र भेजा गया था। उन्होंने मामले में एफआईआर दर्ज कराकर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। पूर्व मंत्री अनीस अहमद और हेमराज वर्मा ने भी मतदाता सूची में गड़बड़ी को लोकतांत्रिक प्रक्रिया के लिए गंभीर मामला बताते हुए निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग की है। इसके बाद नेताओं ने डीएम से मुलाकात कर ज्ञापन देकर दोषियों पर कार्रवाई की मांग भी की।
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डीएम से एफआईआर और फॉरेंसिक जांच की मांग
पीलीभीत। कांग्रेस नेता कुमुद गंगवार ने जिलाधिकारी को पत्र देकर निष्पक्ष जांच की मांग की है। उन्होंने करीब 13,150 मतदाताओं के डाटा में बदलाव, 804 मतदाताओं के नाम काटने और 2,600 नए नाम जोड़ने में गड़बड़ी का आरोप लगाया है।

कुमुद गंगवार ने आरोप लगाया कि 10 अप्रैल 2026 को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित होने के बाद सप्लीमेंट्री सूची संख्या दो और तीन को नियमों के विपरीत पोर्टल पर अपलोड किया गया। उन्होंने तत्कालीन जिला निर्वाचन अधिकारी, ईआरओ/एसडीएम अमरिया और संबंधित कर्मचारियों की भूमिका की जांच कराने की मांग की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने, लॉगिन आईडी व आईपी एड्रेस की साइबर फॉरेंसिक जांच कराने और जिले की चारों विधानसभा क्षेत्रों की मतदाता सूचियों का मूल सूची से मिलान कराने की मांग की है।
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वर्जन-
विरोधी पार्टी के लोगों की मेरे खिलाफ यह बेवजह की साजिश है। इस मामले में मुझे और कुछ नहीं कहना है।
संजय सिंह गंगवार, राज्यमंत्री, सदर विधायक

डीएम से मुलाकात करते सपा नेता। संवाद

डीएम से मुलाकात करते सपा नेता। संवाद

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