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केंद्रीय गृह राज्यमंत्री की गिरफ्तारी चाहिए
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पूरनपुर। भाकियू चढूनी के अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी ने तिकुनिया कांड में न्याय के लिए किसानों की आवाज को बुलंद किया। उन्होंने कहा कि केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्र टेनी की बर्खास्तगी नहीं, किसानों को उनकी गिरफ्तारी चाहिए। वह तिकुनिया कांड में 120बी आरोपी हैं। जब तक अजय मिश्र टेनी अपने पद पर हैं तब तक न्याय नहीं हो पाएगा।
चढूनी पूरनपुर नगर से चार किलोमीटर दूर असम हाईवे पर हरसिंपुर में रविवार दोपहर को लखीमपुर न्याय महापंचायत को संबोधित कर रहे थे। किसान पंचायत में यूपी और उत्तराखंड के किसान शामिल हुए। शाम करीब पांच बजे तक चली पंचायत में न्याय के लिए आंदोलन जारी रखने का एलान किया गया। चढूनी ने कहा कि यह आजादी की दूसरी लड़ाई है। आजादी की लड़ाई अंग्रेजों को भगाने की थी। दूसरी लड़ाई काले अंग्रेजों से हक लेने की है। अंग्रेजों ने काले अंग्रेजों के मुकाबले कुछ नहीं लूटा। बाबा रामदेव ने कहा था कि चार सौ करोड़ काला धन विदेशों से वापस आएगा। 15-15 लाख लोगों के खातों में पहुंचेंगे। उन्होंने सवाल किया कि क्या किसी के खाते में रकम आई। भाजपा पर सियासी वार करते हुए कहा कि चंबल के डाकू किसी-किसी को ही लूटते थे। यह कानून बनाकर हर किसान को लूटना चाहते हैं। फर्क इतना है कि डाकू के पीछे पुलिस रहती थी। लुटेरे नेताओं के आगे पुलिस रहती है।
चढूनी ने कहा कि देश को बचाने को दो रास्ते है। एक आंदोलन, दूसरा सत्ता छीनना। राजनीति में अपराधी आ गए हैं, जिन्होंने किसानों को मरने को मजबूर कर दिया है। महापंचायत में सिखों की अधिक संख्या पर तर्क देते हुए कहा कि लड़ाई जाति धर्म की नहीं है। सरदारों की भीड़ दिख रही है। बाकी कहां हैं? धर्मयुद्ध और सबके पेट की लड़ाई है। सभी लोग आगे आएं।
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निजीकरण पर बरसे, किसानों को किया एकजुट
पूरनपुर। गुरनाम सिंह चढूनी ने विपक्ष पर कई वार किए। साथ ही किसानों को एकजुट किया। वहीं निजीकरण को लेकर सरकार पर भी बरसे। उन्होंने कहा कि यह कौन सा लोकतंत्र है, देश के कारोबार, हवाई अड्डों आदि को बेचा जा रहा है। आवाज उठाने पर लोगों को कुचला जा रहा है। विपक्ष भी खामोश है। किसान आंदोलन अमेरिका, पाकिस्तान के लिए नहीं कर रहे हैं। अपने हक के लिए कर रहे हैं। यूपी में किसानों का साढ़े आठ करोड़ वोट है। सरकार साढ़े तीन करोड़ वोट से सरकार बनी है। किसान जग जाएं तो हर समस्या का समाधान हो जाएगा।
इन लोगों ने भी महापंचायत में किया संबोधित
किसान संगठन तराई के अध्यक्ष तजिंदर सिंह विर्क, हरियाणा के वीरेंद्र सिंह हुड्डा, मजदूर यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष पुष्पराज सिंह, भाकियू टिकैत के कुमायूं के मंडल अध्यक्ष प्रभजोत सिंह, हरियाणा के जगजीत सिंह औलख, किसान नेता बलजिंदर सिंह मान, सीतापुर के पिंदर सिंह सिद्धू, हरियाणा के गुरनाम सिंह झब्बर, सुरजीत सिंह फूल, भाकियू असली के अध्यक्ष आत्मजीत सिंह आदि ने विचार रखे। संचालन भाकियू चढूनी के प्रदेश अध्यक्ष गुरसेवक सिंह महार ने किया।
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चढूनी पूरनपुर नगर से चार किलोमीटर दूर असम हाईवे पर हरसिंपुर में रविवार दोपहर को लखीमपुर न्याय महापंचायत को संबोधित कर रहे थे। किसान पंचायत में यूपी और उत्तराखंड के किसान शामिल हुए। शाम करीब पांच बजे तक चली पंचायत में न्याय के लिए आंदोलन जारी रखने का एलान किया गया। चढूनी ने कहा कि यह आजादी की दूसरी लड़ाई है। आजादी की लड़ाई अंग्रेजों को भगाने की थी। दूसरी लड़ाई काले अंग्रेजों से हक लेने की है। अंग्रेजों ने काले अंग्रेजों के मुकाबले कुछ नहीं लूटा। बाबा रामदेव ने कहा था कि चार सौ करोड़ काला धन विदेशों से वापस आएगा। 15-15 लाख लोगों के खातों में पहुंचेंगे। उन्होंने सवाल किया कि क्या किसी के खाते में रकम आई। भाजपा पर सियासी वार करते हुए कहा कि चंबल के डाकू किसी-किसी को ही लूटते थे। यह कानून बनाकर हर किसान को लूटना चाहते हैं। फर्क इतना है कि डाकू के पीछे पुलिस रहती थी। लुटेरे नेताओं के आगे पुलिस रहती है।
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चढूनी ने कहा कि देश को बचाने को दो रास्ते है। एक आंदोलन, दूसरा सत्ता छीनना। राजनीति में अपराधी आ गए हैं, जिन्होंने किसानों को मरने को मजबूर कर दिया है। महापंचायत में सिखों की अधिक संख्या पर तर्क देते हुए कहा कि लड़ाई जाति धर्म की नहीं है। सरदारों की भीड़ दिख रही है। बाकी कहां हैं? धर्मयुद्ध और सबके पेट की लड़ाई है। सभी लोग आगे आएं।
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निजीकरण पर बरसे, किसानों को किया एकजुट
पूरनपुर। गुरनाम सिंह चढूनी ने विपक्ष पर कई वार किए। साथ ही किसानों को एकजुट किया। वहीं निजीकरण को लेकर सरकार पर भी बरसे। उन्होंने कहा कि यह कौन सा लोकतंत्र है, देश के कारोबार, हवाई अड्डों आदि को बेचा जा रहा है। आवाज उठाने पर लोगों को कुचला जा रहा है। विपक्ष भी खामोश है। किसान आंदोलन अमेरिका, पाकिस्तान के लिए नहीं कर रहे हैं। अपने हक के लिए कर रहे हैं। यूपी में किसानों का साढ़े आठ करोड़ वोट है। सरकार साढ़े तीन करोड़ वोट से सरकार बनी है। किसान जग जाएं तो हर समस्या का समाधान हो जाएगा।
इन लोगों ने भी महापंचायत में किया संबोधित
किसान संगठन तराई के अध्यक्ष तजिंदर सिंह विर्क, हरियाणा के वीरेंद्र सिंह हुड्डा, मजदूर यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष पुष्पराज सिंह, भाकियू टिकैत के कुमायूं के मंडल अध्यक्ष प्रभजोत सिंह, हरियाणा के जगजीत सिंह औलख, किसान नेता बलजिंदर सिंह मान, सीतापुर के पिंदर सिंह सिद्धू, हरियाणा के गुरनाम सिंह झब्बर, सुरजीत सिंह फूल, भाकियू असली के अध्यक्ष आत्मजीत सिंह आदि ने विचार रखे। संचालन भाकियू चढूनी के प्रदेश अध्यक्ष गुरसेवक सिंह महार ने किया।