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Pilibhit News: ढकिया गांव पहुंचे नेपाल के दो हाथियों ने उजाड़ी केले की फसल
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हाथियों के पैरो के निशान।संवाद
कलीनगर/पीलीभीत। तहसील क्षेत्र के गांव ढकिया ताल्लुके महाराजपुर में रविवार रात नेपाल के दो हाथियों ने केले की फसल उजाड़ दी। आहट होने पर एकत्र हुए ग्रामीणों ने शोर-शराबा किया। इसके बाद हाथी नदी को पारकर लग्गा-भग्गा जंगल की ओर निकल गए। क्षेत्रीय वनकर्मियों ने निगरानी बढ़ा दी है।
बराही रेंज के अंतर्गत शारदा नदी पार लग्गा-भग्गा के जंगल से सटी नेपाल की शुक्ला फांटा सेंक्चुरी है। दोनों ओर के वन्यजीव एक-दूसरे इलाके में विचरण करते रहते हैं। नेपाल के हाथियों का लग्गा-भग्गा क्षेत्र में दशकों पुराना प्राकृतिक कॉरिडोर रहा है। इसके चलते अक्सर नेपाल के हाथी लग्गा-भग्गा के जंगल में डेरा जमा लेते हैं।
रविवार रात नेपाल की ओर से आए दो हाथी नदी में पानी कम होने की वजह से ढकिया ताल्लुके महाराजपुर गांव की सीमा में पहुंच गए। नदी को पार कर बांध के निकट खेतों में लगी केले की फसल को हाथियों ने उजाड़ दिया। इससे पहले हाथी आबादी की ओर बढ़ते, ग्रामीण जाग गए। उन्होंने शोर शराबा शुरू कर दिया। इससे हाथी पुराने रास्ते की ओर लौट गए।
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रेंजर अरुण मोहन श्रीवास्तव ने बताया कि नेपाल के दो हाथियों के आने की जानकारी लगते ही क्षेत्रीय वनकर्मियों को निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।
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बराही रेंज के अंतर्गत शारदा नदी पार लग्गा-भग्गा के जंगल से सटी नेपाल की शुक्ला फांटा सेंक्चुरी है। दोनों ओर के वन्यजीव एक-दूसरे इलाके में विचरण करते रहते हैं। नेपाल के हाथियों का लग्गा-भग्गा क्षेत्र में दशकों पुराना प्राकृतिक कॉरिडोर रहा है। इसके चलते अक्सर नेपाल के हाथी लग्गा-भग्गा के जंगल में डेरा जमा लेते हैं।
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रविवार रात नेपाल की ओर से आए दो हाथी नदी में पानी कम होने की वजह से ढकिया ताल्लुके महाराजपुर गांव की सीमा में पहुंच गए। नदी को पार कर बांध के निकट खेतों में लगी केले की फसल को हाथियों ने उजाड़ दिया। इससे पहले हाथी आबादी की ओर बढ़ते, ग्रामीण जाग गए। उन्होंने शोर शराबा शुरू कर दिया। इससे हाथी पुराने रास्ते की ओर लौट गए।
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रेंजर अरुण मोहन श्रीवास्तव ने बताया कि नेपाल के दो हाथियों के आने की जानकारी लगते ही क्षेत्रीय वनकर्मियों को निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।