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Pilibhit News: टनकपुर मार्ग पर अंधेरे में सफर, हादसे का डर
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पीलीभीत। गोहनिया चुंगी से कलक्ट्रेट तक टनकपुर हाईवे पर अंधेरा रहता है। पालिका दावे तो बहुत करती है, लेकिन इस प्रमुख मार्ग के अंधेरे को दूर करने के प्रयास सिर्फ कागजों में हैं। इस मार्ग पर कलक्ट्रेट, विकास भवन, पुलिस लाइन, अधिकारियों के आवास और कई अन्य प्रमुख कार्यालय हैं। आवागमन भी अधिक रहता है। शाम के समय कुछ स्थानों पर ही खंभे पर लाइट जलती नजर आती है।
पीलीभीत-टनकपुर हाईवे का शुमार सबसे व्यस्त सड़कों में किया जाता है। सुबह से लेकर देर रात तक इस मार्ग पर आवाजाही रहती है। इस मार्ग पर गोहनिया चुंगी से करीब दो किलोमीटर तक शहर का हिस्सा आता है। कलक्ट्रेट, विकास भवन और अन्य कार्यालयों की वजह से इस मार्ग पर देर रात तक आवाजाही रहती है। भारी वाहन भी गुजरते हैं। शहर के इस प्रमुख पर पालिका और अन्य अफसरों की अनदेखी से अंधेरा छाया हुआ है। गोहनिया चुंगी से कलक्ट्रेट तक प्रकाश के इंतजाम न के बराबर हैं। कुछ स्थानों पर बिजली के खंभों पर लगी लाइट ही जलती है। स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था यहां अब नहीं की गई।
इन स्थानों पर रहता है अंधेरा
मेडिकल कॉलेज मोड़ से आगे बढ़ने पर नकटादाना चौराहे के बीच कई स्थानों पर अंधेरा रहता है। नेहरू पार्क के पास भी प्रकाश के पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं। नकटादाना चौराहे से पीलीभीत टाइगर रिजर्व जाने वाली सड़क और कलक्ट्रेट के बीच कई स्थानों पर सिर्फ वाहनों की लाइट से ही सड़क पर उजाला दिखता है।
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बड़े वाहनों की लाइट से चौंधिया जाती हैं बाइक सवारों की आंखें
स्ट्रीट लाइट या बिजली के खंभों पर लाइट न लगी होने से सबसे अधिक समस्या बाइक चालकों को होती है। रात के समय कार और भारी वाहन की तेज रोशनी से उनकी आंखें चौंधियां जाती हैं। हड़बड़ाहट में बाइक को सड़क किनारे उतारना पड़ता है। हादसे का डर भी रहता है।
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पीलीभीत-टनकपुर हाईवे का शुमार सबसे व्यस्त सड़कों में किया जाता है। सुबह से लेकर देर रात तक इस मार्ग पर आवाजाही रहती है। इस मार्ग पर गोहनिया चुंगी से करीब दो किलोमीटर तक शहर का हिस्सा आता है। कलक्ट्रेट, विकास भवन और अन्य कार्यालयों की वजह से इस मार्ग पर देर रात तक आवाजाही रहती है। भारी वाहन भी गुजरते हैं। शहर के इस प्रमुख पर पालिका और अन्य अफसरों की अनदेखी से अंधेरा छाया हुआ है। गोहनिया चुंगी से कलक्ट्रेट तक प्रकाश के इंतजाम न के बराबर हैं। कुछ स्थानों पर बिजली के खंभों पर लगी लाइट ही जलती है। स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था यहां अब नहीं की गई।
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इन स्थानों पर रहता है अंधेरा
मेडिकल कॉलेज मोड़ से आगे बढ़ने पर नकटादाना चौराहे के बीच कई स्थानों पर अंधेरा रहता है। नेहरू पार्क के पास भी प्रकाश के पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं। नकटादाना चौराहे से पीलीभीत टाइगर रिजर्व जाने वाली सड़क और कलक्ट्रेट के बीच कई स्थानों पर सिर्फ वाहनों की लाइट से ही सड़क पर उजाला दिखता है।
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बड़े वाहनों की लाइट से चौंधिया जाती हैं बाइक सवारों की आंखें
स्ट्रीट लाइट या बिजली के खंभों पर लाइट न लगी होने से सबसे अधिक समस्या बाइक चालकों को होती है। रात के समय कार और भारी वाहन की तेज रोशनी से उनकी आंखें चौंधियां जाती हैं। हड़बड़ाहट में बाइक को सड़क किनारे उतारना पड़ता है। हादसे का डर भी रहता है।