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15 जून से चूका बीच नहीं घूम पाएंगे पर्यटक

Thu, 26 May 2022 12:48 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Thu, 26 May 2022 12:48 AM IST
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Tourists will not be able to roam the beach since June 15
पीलीभीत टाइगर रिजर्व में जंगल भ्रमण के दौरान बाघ के दीदार करते सैलानी। - फोटो : PILIBHIT
कलीनगर। जंगल के बीच बनी खूबसूरत हट में ठहरने के साथ जंगल भ्रमण के दौरान बाघ समेत अन्य वन्यजीवों के दीदार का इरादा है तो आप देर मत करिए, तराई के पीलीभीत टाइगर रिजर्व के पर्यटन द्वार 15 जून को सैलानियों के लिए बंद कर दिए जाएंगे। अभी 21 दिन शेष बचे हैं। सैलानियों की आमद लगातार बढ़ रही है। चूका बीच का सुंदर नजारा और जंगल में बाघ के दीदार सैलानियों के लिए खास बने हैं।
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पीलीभीत टाइगर रिजर्व की महोफ रेंज के कोर एरिया स्थित चूका बीच जिले का इकलौता पर्यटन स्थल हैं। 15 नवंबर से छह माह से पर्यटन के द्वार सैलानियों के लिए खोल दिए जाते हैं। इसके बाद दूरदराज इलाकों से भी सैलानियों की आमद शुरू हो जाती है। चूका बीच में बनी खूबसूरत वॉटर हट, थारू हट, ट्री हट समेत अन्य हट सैलानियों के लिए आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं।
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शांत माहौल में ठहरने वाले सैलानियों शारदा डैम में मोटरवोट का भी आनंद ले रहे हैं। इसके अलावा जंगल सफारी के दौरान बाघ समेत अन्य वन्यजीवों का दीदार भी करीब से करते हैं। इधर पर्यटन सत्र में 21 दिन शेष बचे हैं। ऐसे में सैलानियों की आमद बढ़ने लगी है। गर्मियों की छुट्टियां होने से संख्या में और इजाफा होने लगा है।
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चूका बीच में बनी हट में ठहरने के लिए किराया निर्धारित है। इसमें थारू, ट्री, और बैंबू हट का किराया 2520 रुपये प्रति व्यक्ति हैं। दो लोग ठहरते हैं तो उनको 3780 रुपये जमा करने होंगे। इसमें जीएसटी भी शामिल है।
ऐसे पहुंच सकते हैं चूका बीच : पीलीभीत शहर पहुंचने पर सैलानियों के लिए नेहरू ऊर्जा केंद्र से सफारी की व्यवस्था की गई है। अगर सैलानी मुस्तफाबाद स्थित इंट्री प्वांइट पर जाने चाहते हैं तो उन्हें पीलीभीत शहर के गौहनियां चौराहे पहुंचकर माधोटांडा मार्ग पर करीब तीस किमी दूरी तय करनी होगी।
माधोटांडा के पास खारजा पुल पर पहुंचने के बाद खटीमा मार्ग पर पांच किमी की दूरी और तय कर मुस्तफाबाद पहुंचेंगे। यहां पार्किंग में वाहन खड़ा करने के बाद जंगल सफारी वाहन से घूमने की सुविधा उपलब्ध हो सकेगी। पूरनपुर तक पहुंचने वाले सैलानी पूरनपुर खटीमा मार्ग से 18 किमी की दूरी तय करने के बाद मुस्तफाबाद पहुंच सकेंगे।
दो शिफ्ट में जंगल सफारी की व्यवस्था : सैलानियों के लिए दो शिफ्ट में जंगल भ्रमण की व्यवस्था है। पांच टाटा जीनान और 13 जिप्सी वाहन उपलब्ध रहते हैं। सुबह छह से साढ़े नौ बजे तक और शाम की शिफ्ट में तीन बजे से सूर्यास्त तक घूमने की अनुमति है। जंगल सफारी के दौरान चूका बीच, बाइफरकेशन, सायफन, साभर ताल, सायफन समेत अन्य स्थलों का भ्रमण कराया जाता है।

मुस्तफाबाद से जंगल सफारी के लिए 2950 रुपये खर्च करने होंगे। इस धनराशि को व्यय करने पर छह लोग सफारी में सवार हो सकते हैं।
पर्यटन सत्र के द्वार 15 जून को बंद कर दिए जाएंगे। इस समय सैलानियों की आमद बढ़ गई है। सैलानियों की सुविधा का पूरा ध्यान रखा जा रहा है। - वजीर हसन, रेंजर महोफ
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